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दाल, तेल के बाद आलू भी हुआ महंगा, खर्च संभालना हुआ कठिन
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पीडीडीयू नगर। कोरोना संक्रमण के दूसरे दौर में लोगों को महंगाई का जोरदार झटका लगा है। सरसों तेल, रिफाइंड, चीनी, दाल, चना, मसाले आदि के बाद अब आलू के दाम तेजी से बढ़ने लगे हैं। रसोई गैस सिलिंडर के दाम पहले से ही बढ़े हुए हैं। इससे गरीब व मध्यम दर्जे के लोगों के लिए घर का खर्च संभालना कठिन हो गया है।
अभी तक 10 से 12 रुपये प्रतिकिलो बिक रहा आलू का भाव दो दिनों में 16 से 17 रुपये पर पहुंच गया है। हालांकि परवल आदि कुछ सब्जियों को छोड़कर अन्य हरी सब्जियों के दाम में गिरावट आई है लेकिन आलू व प्याज के बढ़ रहे भाव ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। प्याज भी 20 से 22 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। आलू के दाम में हुई बढ़त का कारण सब्जी के थोक विक्रता डीजल की बढ़ रही कीमत को बता रहे हैं। उनका कहना है कि इन दिनों लोकल और कोल्ड स्टोरेज में रखा आलू समाप्त हो गया है। ऐसे में अन्य प्रदेशों से मंडियों में आलू आ रहा है। डीजल के भाव बढ़ने से ट्रांसपोर्टरों ने माल ढुलाई बढ़ा दी है। इसका असर आलू की कीमत पर पड़ना स्वाभाविक है। वहीं बाहर से आने वाले परवल, शिमला मिर्च आदि का भाव तेज बना हुआ है। आलू के अलावा इन दिनों सबसे तेजी से सरसों के तेल व रिफाइंड के दाम में बढ़ोत्तरी हुई है। सरसों का तेल 200 रुपये व रिफाइंड 180 रुपये किलो पर पहुंच गया है। वहीं अरहर की दाल भी 115 से 120 रुपये किलो हो गई है। आलू, दाल, तेल, रिफाइंड आदि के दाम बढ़ने से गरीब व मध्यम दर्जे के लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
दाल व तेल के साथ आलू, प्याज के दाम बढ़ने से किचन का खर्च संभालना कठिन हो गया है। एक तो कोरोना कर्फ्यू के कारण कमाई वैसे ही कम हो गई है।वहीं आवश्यक खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ने से काफी परेशानी हो रही है। लीलावती, गृहिणी।
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इन दिनों कोरोना कर्फ्यू के कारण बच्चों के स्कूल बंद चल रहे हैं। घर पर रहकर वे विभिन्न व्यंजनों की फरमाइश कर रहे हैं। खाद्य पदार्थों के साथ आलू के दाम बढ़ने से उनकी फरमाइश पूरी करने में कठिनाई आ रही है। रश्मि, गृहिणी।
खाद्य पदार्थों के साथ रसोई गैस सिलिंडर के बढ़े भाव ने परेशानी दोगुना कर दी है। अब तो दाल-रोटी व सब्जी भी गरीबों की थाली से दूर हो रही है। सरकार को बढ़ रही महंगाई पर काबू करने का प्रयास करना चाहिए। कामिनी मिश्रा, गृहिणी।
आलू को सब्जियों का राजा कहा जाता है। लगभग सभी सब्जी में इसका उपयोग किया जाता है। ऐसे में आलू के दाम बढ़ने से सबको जेब ढीली करनी पड़ेगी। कोरोना संक्रमण के साथ महंगाई ने लोगों की मुश्किल बढ़ा दी है। सरिता सिंह, गृहिणी।
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अभी तक 10 से 12 रुपये प्रतिकिलो बिक रहा आलू का भाव दो दिनों में 16 से 17 रुपये पर पहुंच गया है। हालांकि परवल आदि कुछ सब्जियों को छोड़कर अन्य हरी सब्जियों के दाम में गिरावट आई है लेकिन आलू व प्याज के बढ़ रहे भाव ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। प्याज भी 20 से 22 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। आलू के दाम में हुई बढ़त का कारण सब्जी के थोक विक्रता डीजल की बढ़ रही कीमत को बता रहे हैं। उनका कहना है कि इन दिनों लोकल और कोल्ड स्टोरेज में रखा आलू समाप्त हो गया है। ऐसे में अन्य प्रदेशों से मंडियों में आलू आ रहा है। डीजल के भाव बढ़ने से ट्रांसपोर्टरों ने माल ढुलाई बढ़ा दी है। इसका असर आलू की कीमत पर पड़ना स्वाभाविक है। वहीं बाहर से आने वाले परवल, शिमला मिर्च आदि का भाव तेज बना हुआ है। आलू के अलावा इन दिनों सबसे तेजी से सरसों के तेल व रिफाइंड के दाम में बढ़ोत्तरी हुई है। सरसों का तेल 200 रुपये व रिफाइंड 180 रुपये किलो पर पहुंच गया है। वहीं अरहर की दाल भी 115 से 120 रुपये किलो हो गई है। आलू, दाल, तेल, रिफाइंड आदि के दाम बढ़ने से गरीब व मध्यम दर्जे के लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
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दाल व तेल के साथ आलू, प्याज के दाम बढ़ने से किचन का खर्च संभालना कठिन हो गया है। एक तो कोरोना कर्फ्यू के कारण कमाई वैसे ही कम हो गई है।वहीं आवश्यक खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ने से काफी परेशानी हो रही है। लीलावती, गृहिणी।
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इन दिनों कोरोना कर्फ्यू के कारण बच्चों के स्कूल बंद चल रहे हैं। घर पर रहकर वे विभिन्न व्यंजनों की फरमाइश कर रहे हैं। खाद्य पदार्थों के साथ आलू के दाम बढ़ने से उनकी फरमाइश पूरी करने में कठिनाई आ रही है। रश्मि, गृहिणी।
खाद्य पदार्थों के साथ रसोई गैस सिलिंडर के बढ़े भाव ने परेशानी दोगुना कर दी है। अब तो दाल-रोटी व सब्जी भी गरीबों की थाली से दूर हो रही है। सरकार को बढ़ रही महंगाई पर काबू करने का प्रयास करना चाहिए। कामिनी मिश्रा, गृहिणी।
आलू को सब्जियों का राजा कहा जाता है। लगभग सभी सब्जी में इसका उपयोग किया जाता है। ऐसे में आलू के दाम बढ़ने से सबको जेब ढीली करनी पड़ेगी। कोरोना संक्रमण के साथ महंगाई ने लोगों की मुश्किल बढ़ा दी है। सरिता सिंह, गृहिणी।