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Chandauli News: जिला अस्पताल में मिलेगा प्लेटलेट, जल्द लगेगी ब्लड कंपोनेंट सेप्रेशन यूनिट
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चंदौली। अब प्लेटलेट्स के लिए मरीजों को दूसरे शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। पं. कमलापति त्रिपाठी जिला अस्पताल में ही मरीजों को प्लेटलेट्स उपलब्ध होगा। इसके लिए अस्पताल के रक्तकोष में ब्लड कंपोनेंट सप्रेशन यूनिट लगाई जाएगी। नौ अत्याधुनिक मशीनें मंगा ली गई हैं। जल्द ही यह सुविधा शुरू हो जाएगी।
चंदौली को जिला बने 26 वर्ष हो गए हैं लेकिन स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन के क्षेत्र में अभी काफी पिछड़ा है। जिले में अभी तक मरीजों को प्लेटलेट्स उपलब्ध नहीं होता है। जिला अस्पताल में रोज 10-12 मरीजों को प्लेटलेट्स की जरूरत होती है। वहीं, डेंगू और मलेरिया का प्रकोप बढ़ने पर प्लेटलेट्स की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। ऐसे में हर साल चार हजार से ज्यादा मरीजों को प्लेटलेट्स चढ़वाने के लिए वाराणसी, लखनऊ और दिल्ली रेफर किया जाता है। अब जिला अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेप्रेशन यूनिट लगने से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। मरीजों को प्लेटलेट्स और प्लाज्मा आसानी से उपलब्ध हो सकेगा। रक्त केंद्र के विभागाध्यक्ष डॉ. अमित सिंह ने बताया कि मशीनें लग चुकी हैं। जल्द ही यूनिट का संचालन शुरू किया जाएगा।
पं. कमलापति त्रिपाठी जिला अस्पताल में हर साल डेंगू और मलेरिया वार्ड बनाया जाता है। प्लेटलेट्स के अभाव में ये वार्ड रेफरल केंद्र बनकर रह जाते हैं। एकाध मरीजों का ही यहां इलाज होता है। प्लेटलेट्स की जरूरत पड़ने पर मरीजों को वाराणसी के लिए रेफर कर दिया जाता है। हर साल डेंगू से पीड़ित 90 प्रतिशत मरीज रेफर किए जाते हैं।
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चंदौली को जिला बने 26 वर्ष हो गए हैं लेकिन स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन के क्षेत्र में अभी काफी पिछड़ा है। जिले में अभी तक मरीजों को प्लेटलेट्स उपलब्ध नहीं होता है। जिला अस्पताल में रोज 10-12 मरीजों को प्लेटलेट्स की जरूरत होती है। वहीं, डेंगू और मलेरिया का प्रकोप बढ़ने पर प्लेटलेट्स की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। ऐसे में हर साल चार हजार से ज्यादा मरीजों को प्लेटलेट्स चढ़वाने के लिए वाराणसी, लखनऊ और दिल्ली रेफर किया जाता है। अब जिला अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेप्रेशन यूनिट लगने से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। मरीजों को प्लेटलेट्स और प्लाज्मा आसानी से उपलब्ध हो सकेगा। रक्त केंद्र के विभागाध्यक्ष डॉ. अमित सिंह ने बताया कि मशीनें लग चुकी हैं। जल्द ही यूनिट का संचालन शुरू किया जाएगा।
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पं. कमलापति त्रिपाठी जिला अस्पताल में हर साल डेंगू और मलेरिया वार्ड बनाया जाता है। प्लेटलेट्स के अभाव में ये वार्ड रेफरल केंद्र बनकर रह जाते हैं। एकाध मरीजों का ही यहां इलाज होता है। प्लेटलेट्स की जरूरत पड़ने पर मरीजों को वाराणसी के लिए रेफर कर दिया जाता है। हर साल डेंगू से पीड़ित 90 प्रतिशत मरीज रेफर किए जाते हैं।
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