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आईएमए चिकित्सकों ने दिन भर ओपीडी सेवाएं रखी बंद
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पीडीडीयू नगर। आयुर्वेद स्नातकों को सर्जरी की अनुमति देने के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से जुड़े चिकित्सकों ने शुक्रवार को दिन भर ओपीडी सेवाएं बंद रखी। सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं जारी रखी। इससे मरीजों को कुछ परेशानी का सामना करना पड़ा। दूसरी तरफ नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन के जुड़े चिकित्सकों ने दिन भर मरीजों का इलाज किया।
सरकार ने आयुर्वेद स्नातकों को चिकित्सा और मरीजों के आपरेशन करने की अनुमति दी है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन इसका विरोध कर रहा है। आईएमए ने शुक्रवार को ओपीडी सेवा बंद रखने की चेतावनी दी थी। इसी आंदोलन के क्रम में आज आईएमए से जुड़े साठ चिकित्सकों ने अपने क्लीनिक और अस्पताल में ओपीडी सेवाएं नहीं दी। इससे यहां आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि चिकित्सकों ने इमरजेंसी चिकित्सा जारी रखी। आईएमए के सचिव डॉ. राजेन्द्र प्रसाद श्रीवास्तव लखनऊ में चिकित्सकों की सभा में प्रतिभाग किया। उन्होंने बताया कि आईएमए सरकार की इस नीति के विरोध में है। यदि इस नियम को नहीं बदला गया तो भविष्य में पूरी चिकित्सकीय सेवा बंद कर दी जाएगी। इसी तरह आईएमए के अध्यक्ष डॉ. डीपी सिंह ने कहा कि जिले में आंदोलन पूरी तरह सफल रहा है। दूसरी तरफ आईएमए के कार्य बहिष्कार के विरोध में नेशनल इंडटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) से जुड़े चिकित्सकों ने दिनभर चिकित्सकीय सेवाएं जारी रखी। प्रदेश प्रवक्ता डा. ओपी सिंह ने कहा आइएमए व्यक्तिगत लाभ के लिए आयुर्वेद स्नातकों की सर्जरी की अनुमति देने के निर्णय का विरोध कर रहा है। आयुर्वेद चिकित्सा विज्ञान में बीएएमएस, एमएस, एमडी की डिग्री हासिल की जाती है। सर्जरी की प्रात्रता करने वाले ही शल्यक्रिया कर सकते हैं। इस मौके पर डॉ. जेए खान, डॉ. संतोष शर्मा, डॉ. आरडी तिवारी, डॉ. सीबी सिंह रहे।
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सरकार ने आयुर्वेद स्नातकों को चिकित्सा और मरीजों के आपरेशन करने की अनुमति दी है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन इसका विरोध कर रहा है। आईएमए ने शुक्रवार को ओपीडी सेवा बंद रखने की चेतावनी दी थी। इसी आंदोलन के क्रम में आज आईएमए से जुड़े साठ चिकित्सकों ने अपने क्लीनिक और अस्पताल में ओपीडी सेवाएं नहीं दी। इससे यहां आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि चिकित्सकों ने इमरजेंसी चिकित्सा जारी रखी। आईएमए के सचिव डॉ. राजेन्द्र प्रसाद श्रीवास्तव लखनऊ में चिकित्सकों की सभा में प्रतिभाग किया। उन्होंने बताया कि आईएमए सरकार की इस नीति के विरोध में है। यदि इस नियम को नहीं बदला गया तो भविष्य में पूरी चिकित्सकीय सेवा बंद कर दी जाएगी। इसी तरह आईएमए के अध्यक्ष डॉ. डीपी सिंह ने कहा कि जिले में आंदोलन पूरी तरह सफल रहा है। दूसरी तरफ आईएमए के कार्य बहिष्कार के विरोध में नेशनल इंडटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) से जुड़े चिकित्सकों ने दिनभर चिकित्सकीय सेवाएं जारी रखी। प्रदेश प्रवक्ता डा. ओपी सिंह ने कहा आइएमए व्यक्तिगत लाभ के लिए आयुर्वेद स्नातकों की सर्जरी की अनुमति देने के निर्णय का विरोध कर रहा है। आयुर्वेद चिकित्सा विज्ञान में बीएएमएस, एमएस, एमडी की डिग्री हासिल की जाती है। सर्जरी की प्रात्रता करने वाले ही शल्यक्रिया कर सकते हैं। इस मौके पर डॉ. जेए खान, डॉ. संतोष शर्मा, डॉ. आरडी तिवारी, डॉ. सीबी सिंह रहे।
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