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Chandauli News: भरत मिलाप और राम राजगद्दी की लीला देख भावुक हुए लोग
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कंदवा के अरंगी में राम राजगद्दी का मंचन करते कलाकार। संवाद
- फोटो : katra news
कंदवा क्षेत्र के अरंगी गांव में चल रही रामलीला के आखिरी दिन रविवार की रात भरत मिलाप और राम राजगद्दी की लीला का मनोहारी और मार्मिक मंचन किया गया। राम लक्ष्मण भरत और शत्रुघ्न चारों भाइयों का मिलन देख लोग भाव विह्वल हो उठे।
इस दौरान श्रद्धालुओं ने चारों भाइयों की आरती उतारी और लीला का आनंद लिया। लीला का आरंभ लंका विजय के बाद हनुमान जी द्वारा माता सीता और श्रीराम के अयोध्या पहुंचने की सूचना देने के साथ होता है।
इसके कुछ देर बाद जयकारों के साथ विभीषण पहुंचे। इन्हें आदर के साथ बैठाया गया। कुछ देर बाद श्रीराम सीता और भ्राता लक्ष्मण के साथ पुष्पक विमान से अयोध्या पहुंचते हैं। राम के आने की सूचना पर भरत शत्रुघ्न साष्टांग लेटकर भगवान राम की प्रतीक्षा करते हैं।
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राम-लक्ष्मण सजल नयनों से बाहें पसार का दौड़ पड़ते हैं। भरत-शत्रुघ्न को जब उन्होंने उठा कर गले लगाया तो लोग भाव विह्वल हो उठे और सभी के नयन सजल हो उठे। उसके बाद गुरु वशिष्ठ श्रीराम का राज्याभिषेक करते हैं और राजगद्दी पर बैठाते हैं।
इसके साथ ही चारो तरफ हर हर महादेव और जय श्रीराम का जयकारा गूंजने लगता है और पुष्पों की बारिश होने लगती है।इस दौरान लीलाधर सिंह, अजीत सिंह, धन्वंतरि पांडेय, गुलाब सिंह, विजय शंकर गुप्ता, त्रिभुवन नारायण सिंह, मुन्ना सिंह आदि रहे।
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अयोध्या की राजगद्दी पर बैठे श्रीराम
धानापुर। स्थानीय रामलीला मैदान में चल रहे रामलीला में रविवार की रात राम राज्याभिषेक की लीला का मंचन किया गया। श्रीराम के गद्दी पर बैठते ही लोगों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए। लीला की शुरुआत चारों भाइयों श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के हवन पूजन से हुई। इसके बाद सभी कलाकारों ने भोलेनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया।
मुख्य मंच पर श्रीराम दरबार सजा। इस पर श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, सीता, भगवान शंकर और हनुमान जी के पात्र वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वैकल्पिक राजसिंहासन पर विराजमान हुए।
राजा श्रीराम का तिलक अभिषेक किया गया और प्रधान संघ अध्यक्ष राजेश सिंह (मिर्जापुर) ने उन्हें मुकुट पहनाकर राजगद्दी पर आसीन कराया गया। इस अवसर पर समिति अध्यक्ष अरविंद मिश्रा ने राजेश सिंह को राम नाम पट्टिका और स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया।
राज्याभिषेक के बाद भगवान शंकर की भूमिका निभा रहे कलाकार ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। इस दौरान शिवकुमार द्विवेदी, श्रीराम सिंह, रमेश द्विवेदी, विपिन रस्तोगी, अच्युतानंद मिश्र, केशरी, रामलाल सेठ, जेपी रावत आदि उपस्थित रहे।
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इस दौरान श्रद्धालुओं ने चारों भाइयों की आरती उतारी और लीला का आनंद लिया। लीला का आरंभ लंका विजय के बाद हनुमान जी द्वारा माता सीता और श्रीराम के अयोध्या पहुंचने की सूचना देने के साथ होता है।
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इसके कुछ देर बाद जयकारों के साथ विभीषण पहुंचे। इन्हें आदर के साथ बैठाया गया। कुछ देर बाद श्रीराम सीता और भ्राता लक्ष्मण के साथ पुष्पक विमान से अयोध्या पहुंचते हैं। राम के आने की सूचना पर भरत शत्रुघ्न साष्टांग लेटकर भगवान राम की प्रतीक्षा करते हैं।
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राम-लक्ष्मण सजल नयनों से बाहें पसार का दौड़ पड़ते हैं। भरत-शत्रुघ्न को जब उन्होंने उठा कर गले लगाया तो लोग भाव विह्वल हो उठे और सभी के नयन सजल हो उठे। उसके बाद गुरु वशिष्ठ श्रीराम का राज्याभिषेक करते हैं और राजगद्दी पर बैठाते हैं।
इसके साथ ही चारो तरफ हर हर महादेव और जय श्रीराम का जयकारा गूंजने लगता है और पुष्पों की बारिश होने लगती है।इस दौरान लीलाधर सिंह, अजीत सिंह, धन्वंतरि पांडेय, गुलाब सिंह, विजय शंकर गुप्ता, त्रिभुवन नारायण सिंह, मुन्ना सिंह आदि रहे।
अयोध्या की राजगद्दी पर बैठे श्रीराम
धानापुर। स्थानीय रामलीला मैदान में चल रहे रामलीला में रविवार की रात राम राज्याभिषेक की लीला का मंचन किया गया। श्रीराम के गद्दी पर बैठते ही लोगों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए। लीला की शुरुआत चारों भाइयों श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के हवन पूजन से हुई। इसके बाद सभी कलाकारों ने भोलेनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया।
मुख्य मंच पर श्रीराम दरबार सजा। इस पर श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, सीता, भगवान शंकर और हनुमान जी के पात्र वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वैकल्पिक राजसिंहासन पर विराजमान हुए।
राजा श्रीराम का तिलक अभिषेक किया गया और प्रधान संघ अध्यक्ष राजेश सिंह (मिर्जापुर) ने उन्हें मुकुट पहनाकर राजगद्दी पर आसीन कराया गया। इस अवसर पर समिति अध्यक्ष अरविंद मिश्रा ने राजेश सिंह को राम नाम पट्टिका और स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया।
राज्याभिषेक के बाद भगवान शंकर की भूमिका निभा रहे कलाकार ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। इस दौरान शिवकुमार द्विवेदी, श्रीराम सिंह, रमेश द्विवेदी, विपिन रस्तोगी, अच्युतानंद मिश्र, केशरी, रामलाल सेठ, जेपी रावत आदि उपस्थित रहे।