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लोग गैस की घटतौली से परेशान
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पीडीडीयू नगर। घर की रसोई का आवश्यक तत्व रसोई गैस में प्रतिदिन उपभोक्ता घटतौली के शिकार हो रहे हैं। घरों में पहुंचने वाली सिलिंडर में एक से दो किलो रसोई गैस कम मिलती है। यही कारण है कि छोटे परिवार में पूरे माह चलने वाला रसोई गैस बीस दिन में ही समाप्त हो जाती है। एक तो महंगा सिलिंडर और उसमें घटतौली से उपभोक्ताओं को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।
जिले में इंडेन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के तीस एजेंसियां संचालित हैं। यहां तीन लाख उपभोक्ता हैं। प्रतिदिन साठ हजार से अधिक सिलिंडरों की आपूर्ति घरों में की जाती है। प्रत्येक एजेंसी पर दस से बीस ट्रालीमैन और वाहन संचालक हैं। यही ट्राली मैन गोदाम से उपभोक्ताओं के घरों तक रसोई गैस पहुंचाते हैं। वर्तमान में 14 किलो 200 ग्राम सिलिंडर की कीमत 919.58 रुपये है। 12 सिलिंडर तक प्रति सिलिंडर 350 रुपये तक सब्सिडी मिलती है। इस तरह प्रतिकिलो गैस चालीस रुपये मिलती है। गैस बुक कराने के बाद जब सिलिंडर घर तक पहुंचता तो ग्राहकों से पूरा पैसा वसूला जाता है लेकिन उसमें एक से दो किलो तक कम गैस आपूर्ति की जाती है।
जागरूकता की कमी की वजह से हम प्रतिदिन ठगे जा रहे हैं। सिद्धार्थपुरम कॉलोनी निवासी प्रियंका कहती हैं कि एक दो किलो कम वजन का पता ही नहीं चलता है लेकिन इससे पचास से सौ रुपये का नुकसान होता है। गिधौली निवासी संध्या राय ने कहा कि कई बार तौल करने के लिए कहा जाता है लेकिन तौल नहीं होती है। गृहणी माधुरी कहती हैं कि कई बार इसकी शिकायत एजेंसियों पर भी की गई सिर्फ आश्वासन ही मिला है। अंजना ने कहा कि एक तो सिलिंडर महंगा और ऊपर से घटतौली से नुकसान हो रहा है।
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जिले में तीन लाख से अधिक रसोई गैस कनेक्शन उपभोक्ताओं को दिया गया है। एजेंसी संचालकों को मानक के अनुरूप उपभोक्ताओं को सिलिंडर देने का निर्देश दिया गया है। देवेंद्र प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी।
बाट माप विभाग द्वारा रसोई गैस सिलिंडरों में घटतौली रोकने के लिए समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। इलेक्ट्रानिक मशीन से वजन करने के दौरान प्रत्येक सिलिंडर पर 150 ग्राम तक कम वजन मिलने पर छूट देने का प्राविधान है। सुरेश कुमार, बाटमाप अधिकारी, चंदौली
यदि गैस में घटतौली की शिकायत है तो उपभोक्ताओं को संबंधित एजेंसी पर शिकायत करनी चाहिए। यहां सुनवाई नहीं होने पर एलपीजी अधिकारियों से शिकायत कर सकते हैं।
अमित कुमार, अध्यक्ष, चंदौली एलपीजी वितरक एसोसिएशन
रसोई गैस खाली सिलिंडर का वजन 15 किलो 500 ग्राम है जबकि इसमें 14 किलो 200 ग्राम गैस भरा जाता है। इस तरह कुल वजन 29 किला 700 ग्राम होता है। नियम के अनुसार घरों में सिलेंडर लेते वक्त ट्राली मैन को सिलिंडर का वजन कर देना होता है लेकिन जिले में किसी ट्राली मैन के पास तौल मशीन नहीं होती है। यदि उपभोक्ता सिलिंडर को तौलने का दबाव बनाते हैं तो ट्राली मैन आना कानी करते हैं और सिलिंडर न देेने की धमकी देते हैं या फिर डिलेवरी ही नहीं करने जाते हैं।
इनसेट-
ट्राली मैन का अपना होता है अड्डा
गैस गोदाम से उपभोक्ताओं के घरों तक सिलिंडर पहुंचाने के दौरान कई जगह सिलिंडरों को एकत्र किया जाता है। नगर के काली महाल, अलीनगर, पराहुपुर, परशुरामपुर, रेलवे कॉलानियों में सिलिंडर एकत्र करते हैं और यहां से बारी बारी से घरों तक पहुंचाते हैं। इसी बीच घटतौली का खेल होता है।
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जिले में इंडेन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के तीस एजेंसियां संचालित हैं। यहां तीन लाख उपभोक्ता हैं। प्रतिदिन साठ हजार से अधिक सिलिंडरों की आपूर्ति घरों में की जाती है। प्रत्येक एजेंसी पर दस से बीस ट्रालीमैन और वाहन संचालक हैं। यही ट्राली मैन गोदाम से उपभोक्ताओं के घरों तक रसोई गैस पहुंचाते हैं। वर्तमान में 14 किलो 200 ग्राम सिलिंडर की कीमत 919.58 रुपये है। 12 सिलिंडर तक प्रति सिलिंडर 350 रुपये तक सब्सिडी मिलती है। इस तरह प्रतिकिलो गैस चालीस रुपये मिलती है। गैस बुक कराने के बाद जब सिलिंडर घर तक पहुंचता तो ग्राहकों से पूरा पैसा वसूला जाता है लेकिन उसमें एक से दो किलो तक कम गैस आपूर्ति की जाती है।
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जागरूकता की कमी की वजह से हम प्रतिदिन ठगे जा रहे हैं। सिद्धार्थपुरम कॉलोनी निवासी प्रियंका कहती हैं कि एक दो किलो कम वजन का पता ही नहीं चलता है लेकिन इससे पचास से सौ रुपये का नुकसान होता है। गिधौली निवासी संध्या राय ने कहा कि कई बार तौल करने के लिए कहा जाता है लेकिन तौल नहीं होती है। गृहणी माधुरी कहती हैं कि कई बार इसकी शिकायत एजेंसियों पर भी की गई सिर्फ आश्वासन ही मिला है। अंजना ने कहा कि एक तो सिलिंडर महंगा और ऊपर से घटतौली से नुकसान हो रहा है।
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जिले में तीन लाख से अधिक रसोई गैस कनेक्शन उपभोक्ताओं को दिया गया है। एजेंसी संचालकों को मानक के अनुरूप उपभोक्ताओं को सिलिंडर देने का निर्देश दिया गया है। देवेंद्र प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी।
बाट माप विभाग द्वारा रसोई गैस सिलिंडरों में घटतौली रोकने के लिए समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। इलेक्ट्रानिक मशीन से वजन करने के दौरान प्रत्येक सिलिंडर पर 150 ग्राम तक कम वजन मिलने पर छूट देने का प्राविधान है। सुरेश कुमार, बाटमाप अधिकारी, चंदौली
यदि गैस में घटतौली की शिकायत है तो उपभोक्ताओं को संबंधित एजेंसी पर शिकायत करनी चाहिए। यहां सुनवाई नहीं होने पर एलपीजी अधिकारियों से शिकायत कर सकते हैं।
अमित कुमार, अध्यक्ष, चंदौली एलपीजी वितरक एसोसिएशन
रसोई गैस खाली सिलिंडर का वजन 15 किलो 500 ग्राम है जबकि इसमें 14 किलो 200 ग्राम गैस भरा जाता है। इस तरह कुल वजन 29 किला 700 ग्राम होता है। नियम के अनुसार घरों में सिलेंडर लेते वक्त ट्राली मैन को सिलिंडर का वजन कर देना होता है लेकिन जिले में किसी ट्राली मैन के पास तौल मशीन नहीं होती है। यदि उपभोक्ता सिलिंडर को तौलने का दबाव बनाते हैं तो ट्राली मैन आना कानी करते हैं और सिलिंडर न देेने की धमकी देते हैं या फिर डिलेवरी ही नहीं करने जाते हैं।
इनसेट-
ट्राली मैन का अपना होता है अड्डा
गैस गोदाम से उपभोक्ताओं के घरों तक सिलिंडर पहुंचाने के दौरान कई जगह सिलिंडरों को एकत्र किया जाता है। नगर के काली महाल, अलीनगर, पराहुपुर, परशुरामपुर, रेलवे कॉलानियों में सिलिंडर एकत्र करते हैं और यहां से बारी बारी से घरों तक पहुंचाते हैं। इसी बीच घटतौली का खेल होता है।