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Chandauli News: आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश पाने वाले बच्चों के अभिभावकों को नहीं मिले पैसे

Fri, 14 Feb 2025 12:36 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 14 Feb 2025 12:36 AM IST
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Parents of children admitted in private schools under RTE did not get money
पीडीडीयू नगर। शिक्षा के अधिकार के तहत गरीब बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों में हो जा रहा है लेकिन बच्चों की किताबे, ड्रेस और बैग्स आदि की खरीद के लिए मिलने वाला पैसा अभिभावकों को नहीं मिल रहा है।
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अभिभावकों के खाते में पिछले पांच वर्ष से पैसा नहीं आया है। पैसा न मिलने के कारण बच्चों के लिए शिक्षण सहायक सामग्री खरीदने में परेशानी हो रही है।
शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत जिलों के नामी विद्यालयों में 7275 गरीब बच्चों का नामांकन किया गया है ताकि गरीब बच्चों को अच्छी शिक्षा उपलब्ध हो सके। विद्यालयों के तो बल्ले बल्ले हैं लेकिन अभिभावकों को तमाम तरह की परेशानियां झेलनी पड़ रही है।
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अधिनियम के तहत मिलने वाले धनराशि बच्चों को न मिलने से वह परेशान है। जनपद में गैर सरकारी विद्यालय में बच्चों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा के लिए शासन की ओर से शिक्षा के अधिकार नियम मनाया गया है। इसमें लगभग जनपद के 7275 बच्चे पठन-पाठन का कार्य करते हैं।
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नर्सरी में 410 कक्षा 1 में 506 कक्षा 2 में 495 कक्षा 3 में 806 कक्षा 4 में 725 कक्षा 5 में 1117 कक्षा 6 में 1038 कक्षा 7 में 614 और कक्षा 8 में 111 बच्चे नामांकित है।
इसमें पहली बार प्रवेश करने वाले बच्चों के अभाव को 5000 की धनराशि बच्चों को ड्रेस हुआ अन्य के लिए दिया जाता है लेकिन बच्चों के भाव को खाते में या धनराशि पहुंचने में देर होती है और कठिन भी है जब भी विद्यालय में 450 रुपए फीस शासन द्वारा विद्यालय प्राप्त कर लेते हैं लेकिन बच्चों को 5000 के धनराशि नहीं मिल पाई है इससे तमाम तरह की परेशानी हो रही है।

सदर ब्लॉक के जगदीश सराय निवासी मुराहु गिरी ने बताया की 3 साल पहले मेरे बेटे का आरटीई के तहत स्वामी परमहंस स्कूल में दाखिला हुआ था। 3 साल बाद भी सरकार की तरफ से बैग, ड्रेस, स्टेशनरी सामान के लिए अभिभावक को मिलने वाली सहायता धनराशि नहीं मिली। संवाद
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