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ट्रेन में बम की सूचना पर खलबली
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Mon, 26 Oct 2015 01:10 AM IST
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हावड़ा से जम्मू जा रही हिमगिरि एक्सप्रेस के एसी कोच में बम रखे होने की सूचना पर रविवार को सुरक्षा बलों में खलबली मच गई।
ट्रेन के मुग़लसराय पहुंचने के बाद सुरक्षा बलों ने मेटल डिटेक्टर से पूरी ट्रेन व प्लेटफार्म की भी सघन जांच पड़ताल की।
जांच के दौरान कोई भी विस्फोटक सामान नहीं मिलने से रेल अफसरों ने राहत की सांस ली।
दरअसल बक्सर से सिक्योरिटी कंट्रोल को ट्रेन में दो संदिग्ध लोगों द्वारा विस्फोटक रखे जाने की सूचना मिली थी।
मुग़लसराय रेलवे स्टेशन पर रविवार की दोपहर लगभग एक बजे जीआरपी को आरपीएफ सिक्योरिटी कंट्रोल से सूचना मिली कि जम्मू जा रही हिमगिरि एक्सप्रेस में दो लोग बक्सर स्टेशन से एक बैग में विस्फोटक लेकर चढ़े हैं और उसको एसी कोच में रखकर किसी बड़ी घटना को अंजाम देना चाहते हैं।
इस सूचना पर आरपीएफ और जीआरपी के जवान प्लेटफार्म पर पहुंच गए।
करीब सवा एक बजे जैसे ही हिमगिरि एक्सप्रेस प्लेटफार्म संख्या छह पर पहुंची, आरपीएफ एसआई केएन तिवारी व जीआरपी एसआई केदारनाथ मौर्य जवानों के साथ सुरक्षा बलों के जवान ट्रेन की मेटल डिटेक्टर से तलाशी लेने में जुट गए। इस दौरान स्लीपर से एसी कोच तक खंगाले गए।
पर न तो कोई संदिग्ध सामान मिला और न ही कोई व्यक्ति। इसके बाद गाड़ी आगे रवाना कर दी गई।
इस संबंध में जीआरपी प्रभारी नंद जी यादव ने बताया की ट्रेन में बम होने की सूचना मिली थी। लेकिन छानबीन के दौरान कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला।
इनसेट-
सूचना देने वाले का पता नहीं
मुग़लसराय । हिमगिरि एक्सप्रेस में बम की सूचना पर तलाशी में कुछ भी न मिलने पर जीआरपी व मुग़लसराय कोतवाली पुलिस सूचना देने वाले शख्स को ट्रेस करने में लग गयी।
कोतवाली पुलिस ने जब उसके मोबाइल पर फ़ोन किया तो उसने श्रमजीवी एक्सप्रेस से आकर सारा वाकया बताने की बात कही। इसके बाद सीओ सदर प्रमोद यादव से लेकर जीआरपी और स्थानीय कोतवाली की पुलिस उसके आने का इंतजार करने लगी। श्रमजीवी एक्सप्रेस के आने पर दो दर्जन से ज्यादा पुलिस के जवान उसे ट्रेन में ढूंढने में लग गए लेकिन उनका कहीं भी पता नहीं चल सका।
पुलिस ने मोबाइल पर संपर्क किये जाने की कोशिश की तो उसका मोबाइल भी स्विच आफ मिला। थक हार कर पुलिस बैरंग वापस लौट गयी।
इनसेट
जांच बनी चर्चा का विषय
मुग़लसराय। हिमगिरि ट्रेन में बम की सूचना पर आरपीएफ और जीआरपी द्वारा विस्फोटक की जांच के लिए मेटल डिटेक्टर के अलावा किसी भी यन्त्र का न होना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
मुग़लसराय रेलवे स्टेशन को ए प्लस रेलवे स्टेशन का स्तर हासिल है । हर रोज हजारों की तादाद में यात्रियों का गमनागमन होता है। राजधानी जैसी वीवीआईपी ट्रेनें भी यहाँ से होकर गुजरती हैं।
लेकिन बम की सूचना जैसी आपात स्थित में भी यहां मेटल डिटेक्टर के अलावा कुछ भी यन्त्र मौजूद नहीं है। जबकि इसके लिए एक्सप्लोसिव डिटेक्टर जरूर होना चाहिए था।
रविवार को ट्रेन में बम होने की सूचना पर मेटल डिटेक्टर के सहारे पुलिस विस्फोटक को तलाशती रही। वहीं दूसरी तरफ ऐसी संवेदनशील मामले पर जिला पुलिस भी बगैर किसी ठोस साधन के खाली हाथ हिलाते हुए प्लेटफार्म पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने चली आई।
चर्चा यह रही कि स्टेशन ऐसा स्थान है जहां लोगों की ज्यादा तादाद होने साथ ही साथ सामानों की अधिकता भी बहुत होती है। वहीं मेटल डिटेक्टर हर मेटल के सामान को इंगित तो कर देता है लेकिन विस्फोटक की सटीक सूचना देने के लिए पर्याप्त साबित नहीं है।
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ट्रेन के मुग़लसराय पहुंचने के बाद सुरक्षा बलों ने मेटल डिटेक्टर से पूरी ट्रेन व प्लेटफार्म की भी सघन जांच पड़ताल की।
जांच के दौरान कोई भी विस्फोटक सामान नहीं मिलने से रेल अफसरों ने राहत की सांस ली।
दरअसल बक्सर से सिक्योरिटी कंट्रोल को ट्रेन में दो संदिग्ध लोगों द्वारा विस्फोटक रखे जाने की सूचना मिली थी।
मुग़लसराय रेलवे स्टेशन पर रविवार की दोपहर लगभग एक बजे जीआरपी को आरपीएफ सिक्योरिटी कंट्रोल से सूचना मिली कि जम्मू जा रही हिमगिरि एक्सप्रेस में दो लोग बक्सर स्टेशन से एक बैग में विस्फोटक लेकर चढ़े हैं और उसको एसी कोच में रखकर किसी बड़ी घटना को अंजाम देना चाहते हैं।
इस सूचना पर आरपीएफ और जीआरपी के जवान प्लेटफार्म पर पहुंच गए।
करीब सवा एक बजे जैसे ही हिमगिरि एक्सप्रेस प्लेटफार्म संख्या छह पर पहुंची, आरपीएफ एसआई केएन तिवारी व जीआरपी एसआई केदारनाथ मौर्य जवानों के साथ सुरक्षा बलों के जवान ट्रेन की मेटल डिटेक्टर से तलाशी लेने में जुट गए। इस दौरान स्लीपर से एसी कोच तक खंगाले गए।
पर न तो कोई संदिग्ध सामान मिला और न ही कोई व्यक्ति। इसके बाद गाड़ी आगे रवाना कर दी गई।
इस संबंध में जीआरपी प्रभारी नंद जी यादव ने बताया की ट्रेन में बम होने की सूचना मिली थी। लेकिन छानबीन के दौरान कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला।
इनसेट-
सूचना देने वाले का पता नहीं
मुग़लसराय । हिमगिरि एक्सप्रेस में बम की सूचना पर तलाशी में कुछ भी न मिलने पर जीआरपी व मुग़लसराय कोतवाली पुलिस सूचना देने वाले शख्स को ट्रेस करने में लग गयी।
कोतवाली पुलिस ने जब उसके मोबाइल पर फ़ोन किया तो उसने श्रमजीवी एक्सप्रेस से आकर सारा वाकया बताने की बात कही। इसके बाद सीओ सदर प्रमोद यादव से लेकर जीआरपी और स्थानीय कोतवाली की पुलिस उसके आने का इंतजार करने लगी। श्रमजीवी एक्सप्रेस के आने पर दो दर्जन से ज्यादा पुलिस के जवान उसे ट्रेन में ढूंढने में लग गए लेकिन उनका कहीं भी पता नहीं चल सका।
पुलिस ने मोबाइल पर संपर्क किये जाने की कोशिश की तो उसका मोबाइल भी स्विच आफ मिला। थक हार कर पुलिस बैरंग वापस लौट गयी।
इनसेट
जांच बनी चर्चा का विषय
मुग़लसराय। हिमगिरि ट्रेन में बम की सूचना पर आरपीएफ और जीआरपी द्वारा विस्फोटक की जांच के लिए मेटल डिटेक्टर के अलावा किसी भी यन्त्र का न होना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
मुग़लसराय रेलवे स्टेशन को ए प्लस रेलवे स्टेशन का स्तर हासिल है । हर रोज हजारों की तादाद में यात्रियों का गमनागमन होता है। राजधानी जैसी वीवीआईपी ट्रेनें भी यहाँ से होकर गुजरती हैं।
लेकिन बम की सूचना जैसी आपात स्थित में भी यहां मेटल डिटेक्टर के अलावा कुछ भी यन्त्र मौजूद नहीं है। जबकि इसके लिए एक्सप्लोसिव डिटेक्टर जरूर होना चाहिए था।
रविवार को ट्रेन में बम होने की सूचना पर मेटल डिटेक्टर के सहारे पुलिस विस्फोटक को तलाशती रही। वहीं दूसरी तरफ ऐसी संवेदनशील मामले पर जिला पुलिस भी बगैर किसी ठोस साधन के खाली हाथ हिलाते हुए प्लेटफार्म पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने चली आई।
चर्चा यह रही कि स्टेशन ऐसा स्थान है जहां लोगों की ज्यादा तादाद होने साथ ही साथ सामानों की अधिकता भी बहुत होती है। वहीं मेटल डिटेक्टर हर मेटल के सामान को इंगित तो कर देता है लेकिन विस्फोटक की सटीक सूचना देने के लिए पर्याप्त साबित नहीं है।