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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   Panic grips over 50 villages due to soil erosion; 300 acres of land lost to the Ganges in three years.

Chandauli News: 50 से ज्यादा गांवों में कटान से बढ़ी दहशत, तीन साल में 300 एकड़ भूमि गंगा में समाई

Sat, 08 Aug 2026 01:02 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 08 Aug 2026 01:02 AM IST
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Panic grips over 50 villages due to soil erosion; 300 acres of land lost to the Ganges in three years.
धानापुर के नेगुरा गांव में गंगा कटान। संवाद
पीडीडीयू नगर। जिले में गंगा के तटवर्ती गांवोंं में कटाने से पिछले तीन साल में 300 एकड़ से अधिक जमीन गंगा में समा चुकी हैै। बारिश होते ही 50 से ज्यादा गांवों मेंं कटान शुरू हो गई है, जिससे लोग फिर सहम गए हैं।
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नियामताबाद, धानापुर और चहनिया ब्लॉक के 20 से ज्यादा गांवों ऐसे हैं, जहां से गंगा की दूरी 10 मीटर से कम रह गई है। पुरा गनेश, पुरा विजयी, चकरा, टांडाकला, सोनबरसा, सरौली, महमदपुर, तिरगांवा, हसनपुर, बड़गांवा, दीया, प्रसहटा, चोचकपुर आदि गांवों गंगा में कब समा जाएंगे, कुछ कहा नहीं जा सकता है।
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गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इससे धानापुर, नियामताबाद और चहनिया ब्लॉक के 50 से ज्यादा गांव कटान की जद में आ गए हैं। धानापुर के गुरैनी गांव में लोग रातों में जागकर पहरेदारी कर रहे हैं। लोगों के घर से महज दो से तीन मीटर की दूरी पर गंगा बह रही हैं।
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गांव के सीताराम चौधरी ने कहा कि कटान से हम लोगों का गांव नदी में बहता जा रहा है। कछार पर बने 20-25 परिवारों के घर कटान की चपेट है। चकरोड बह गई है। धानापुर और चहनियां पुरा गनेश, पुरा विजयी, चकरा, टांडाकला, सोनबरसा, सरौली, महमदपुर, तिरगांवा, हसनपुर, बड़गांवा, दीया, प्रसहटा, चोचकपुर समेत अन्य गावों में करीब तीन सौ एकड़ भूमि पिछले तीन वर्षों में कटान की भेंट चढ़ चुकी है। गांव के लोगों का कहना है कि हम लोगों को पूरी रात जाग कर बितानी पड़ रही है। चहनिया विकास खंड के विशुपुर और महुआरी खास गांवों में कटान के कारण किसानों की उपजाऊ जमीन गंगा में विलीन हो रही है। यही स्थिति यही रही तो विशुपुर गांव स्थित त्रिदंडी स्वामी महाराज का आश्रम एक-दो साल में गंगा में समा जाएगा।
गांव के विजयकांत पांडेय ने बताया कि हर साल आठ से दस फीट जमीन कटकर नदी में समा जाती है। सत्यप्रकाश दुबे और चंद्रकांत पांडेय ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय और पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू के सामने रखा था।

इसके बाद भी कटान रोकने के कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए। इसी तरह कांवर, सराय, बलुआ, महुअर, जुड़ा हरधन, पूरा गणेश , चकरा, सोनबरसा, सरोली, तिरगांवा, नादी निधौरा सहेपुर आदि गांव कटान से प्रभावित हैं।

धानापुर के नेगुरा गांव में गंगा कटान। संवाद

धानापुर के नेगुरा गांव में गंगा कटान। संवाद

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