{"_id":"68b2067d9257afdd560a80a3","slug":"one-thousand-hectares-of-crops-were-submerged-in-two-districts-chandauli-news-c-189-1-svns1010-135702-2025-08-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandauli News: गड़ई नदी के पाटे जाने से दो जिलों में एक हजार हेक्टेयर फसल डूबी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandauli News: गड़ई नदी के पाटे जाने से दो जिलों में एक हजार हेक्टेयर फसल डूबी
विज्ञापन
नियामताबाद क्षेत्र में गरई नदी का पानी बढ़ने से जलमग्न फसल। संवाद
नियामताबाद। अधिकारियों की लापरवाही ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। नियामताबाद क्षेत्र के पांडेयपुर से सिरसी तक लगभग डेढ़ किलोमीटर तक गड़ई नदी का आधा हिस्सा पीडब्ल्यूडी के कर्मियों ने सड़क चौड़ीकरण के दौरान पाट दिया।
इससे जल निकासी अवरुद्ध हो गई है। चंदौली और मिर्जापुर जिले के 12 से अधिक गांवों में एक हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि पर धान की फसल डूब गई है।
नदी के पाटे जाने से नियामताबाद, बुधवार, शिवनाथपुर, चंदाइत , पचोखर, कम्हरिया समेत 12 से अधिक गांवों में करीब एक हजार हेक्टेयर खराब हो गई। प्रभावित किसानों का कहना है कि जलनिकासी न होन से पानी खेत में भर गया।
भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष मनोज सिंह ने पीडब्ल्यूडी के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने का निर्णय लिया है। स्थानीय किसान अरुण सिंह, जनार्दन सिंह, मंगल सिंह ने जिलाधिकारी से गड़ई नदी के पाटे गये हिस्से की तत्काल खोदाई कराने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इससे जल निकासी अवरुद्ध हो गई है। चंदौली और मिर्जापुर जिले के 12 से अधिक गांवों में एक हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि पर धान की फसल डूब गई है।
नदी के पाटे जाने से नियामताबाद, बुधवार, शिवनाथपुर, चंदाइत , पचोखर, कम्हरिया समेत 12 से अधिक गांवों में करीब एक हजार हेक्टेयर खराब हो गई। प्रभावित किसानों का कहना है कि जलनिकासी न होन से पानी खेत में भर गया।
विज्ञापन
भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष मनोज सिंह ने पीडब्ल्यूडी के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने का निर्णय लिया है। स्थानीय किसान अरुण सिंह, जनार्दन सिंह, मंगल सिंह ने जिलाधिकारी से गड़ई नदी के पाटे गये हिस्से की तत्काल खोदाई कराने की मांग की है।
विज्ञापन