{"_id":"66184156d8ac16a7f00de676","slug":"one-arrested-with-fake-notes-worth-rs-375-lakh-chandauli-news-c-189-1-va11003-113168-2024-04-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandauli News: 3.75 लाख के जाली नोटों के साथ एक गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandauli News: 3.75 लाख के जाली नोटों के साथ एक गिरफ्तार
विज्ञापन
चंदौली। धानापुर पुलिस ने बृहस्पतिवार को चोचकपुर पीपा पुल के पास से 3.75 लाख रुपये के नकली नोटों के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से 100 रुपये के 1700 और 500 के 410 नोटों के साथ नोट छापने वाली मशीन भी बरामद की गई है। इससे पहले फरवरी में भी धानापुर पुलिस ने 1.18 लाख रुपये के 100 नकली नोटों के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया था। साल में दूसरी बार नकली नोटों की खेप पकड़े जाने का खुलासा करते हुए एसएसपी विनय कुमार सिंह ने पत्रकारों को बताया कि बिहार के रहने वाले गोपाल पांडेय को तीन लाख 75 हजार रुपये के नकली नोटों के साथ पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एसएसपी ने बताया कि इससे पहले भी आरोपी को नकली नोट छापने के आरोप में बलुआ थाने की पुलिस गिरफ्तार किया था। जेल से जमानत पर छूटने के बाद गोपाल फिर नकली नोट छापने के अवैध कारोबार में लग गया। इससे पहले तीन फरवरी को धानापुर पुलिस ने 1.18 लाख रुपये के नकली नोटों के साथ सकलडीहा थाना क्षेत्र के बथावर गांव निवासी अमरेश पाठक और बलुआ थाना क्षेत्र के कैलावर गांव निवासी अरविंद यादव को गिरफ्तार किया था।
आरोपी गोपाल ने पुलिस को बताया कि अहमदाबाद में उसका भाई कंप्यूटर के माध्यम से साड़ी और कपड़ों की डिजाइन बनाने का काम करता है। कोरोना काल में लाॅकडाउन की वजह से फैक्ट्री बंद हो गई और वे काम छोड़कर घर आ गए थी। आर्थिक तंगी के कारण नकली नोट छापने का काम शुरू कर दिया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि नकली नोट छापने के लिए सोशल मीडिया से जानकारी जुटाकर नकली नोटों की छपाई शुरू की। इसके लिए उच्च कोटी का पेपर और प्रिंटर मशीन का प्रयोग किया गया। एक बार में चार नोट ए-4 साइज के पेपर पर स्कैन कर प्रिंट किया जाता है। उसके बाद कटर और कैंची से काटकर उन्हें अलग कर लेते हैं। चमकीले हरे रंग का सेलो टेप के छोटे-छोटे टुकड़े काटकर नोट के बीच में तार की जगह चस्पा कर देते थे, जिससे नोट असली की तरह दिखने लगती है। उसके बाद नोटों की गड्डी बना देते थे।
पुलिस ने बताया कि आरोपी बाजार में नकली नोट खपाने के लिए ग्राहकों को 20 हजार रुपये में एक लाख रुपये के नकली नोट देते थे। आरोपी ने पुलिस को बताया कि जेल में बंद अमरेश और अरविंद के पास से बलुआ पुलिस ने, जो नकली नोट बरामद किया था, उनकी छपाई गोपाल और उसके भाई ने ही की थी। आरोपी गोपाल के भाई गोकुल पांडेय को नकली नोट छापने के आरोप में वर्ष 2022 में बलुआ थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जमानत पर छूटने के बाद दोनों भाइयों ने फिर से नोट छापने का अवैध धंधा शुरू कर दिया था। एएसपी ने बताया कि इस बार दोनों भाइयों ने नकली नोट चंदौली में छापकर बिहार समेत दूसरे राज्यों भेजने की तैयारी की थी। अपने ग्राहकों से सिर्फ व्हाट्सएप के जरिये बात करते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
आरोपी गोपाल ने पुलिस को बताया कि अहमदाबाद में उसका भाई कंप्यूटर के माध्यम से साड़ी और कपड़ों की डिजाइन बनाने का काम करता है। कोरोना काल में लाॅकडाउन की वजह से फैक्ट्री बंद हो गई और वे काम छोड़कर घर आ गए थी। आर्थिक तंगी के कारण नकली नोट छापने का काम शुरू कर दिया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि नकली नोट छापने के लिए सोशल मीडिया से जानकारी जुटाकर नकली नोटों की छपाई शुरू की। इसके लिए उच्च कोटी का पेपर और प्रिंटर मशीन का प्रयोग किया गया। एक बार में चार नोट ए-4 साइज के पेपर पर स्कैन कर प्रिंट किया जाता है। उसके बाद कटर और कैंची से काटकर उन्हें अलग कर लेते हैं। चमकीले हरे रंग का सेलो टेप के छोटे-छोटे टुकड़े काटकर नोट के बीच में तार की जगह चस्पा कर देते थे, जिससे नोट असली की तरह दिखने लगती है। उसके बाद नोटों की गड्डी बना देते थे।
विज्ञापन
पुलिस ने बताया कि आरोपी बाजार में नकली नोट खपाने के लिए ग्राहकों को 20 हजार रुपये में एक लाख रुपये के नकली नोट देते थे। आरोपी ने पुलिस को बताया कि जेल में बंद अमरेश और अरविंद के पास से बलुआ पुलिस ने, जो नकली नोट बरामद किया था, उनकी छपाई गोपाल और उसके भाई ने ही की थी। आरोपी गोपाल के भाई गोकुल पांडेय को नकली नोट छापने के आरोप में वर्ष 2022 में बलुआ थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जमानत पर छूटने के बाद दोनों भाइयों ने फिर से नोट छापने का अवैध धंधा शुरू कर दिया था। एएसपी ने बताया कि इस बार दोनों भाइयों ने नकली नोट चंदौली में छापकर बिहार समेत दूसरे राज्यों भेजने की तैयारी की थी। अपने ग्राहकों से सिर्फ व्हाट्सएप के जरिये बात करते थे।
विज्ञापन