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बारिश के बाद जिला अस्पताल में बढ़ी मरीजों की संख्या

Wed, 22 Jun 2022 12:51 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jun 2022 12:51 AM IST
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Number of patients increased in district hospital
चंदौली। बारिश के बाद मौसम में अचानक आए परिवर्तन से लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। पहले रोजना जहां 700 मरीज आते थे वहीं अब ओपीडी में 1300 मरीज आ रहे हैं। चिकित्सकों की मानें तो ऐसे समय में खान-पान को लेकर थोड़ी सावधानी बरतनी जरूरी है।
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इस समय त्वचा, वायरल, बैक्टेरियल इंफेक्शन सहित संक्रामक रोगों के मरीजों की संख्या में इजाफा हुुआ है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक और ईएमओ डॉ. संजय कुमार ने बताया कि इस मौसम में तापमान में बार-बार बदलाव और उमस के कारण बीमारियां फैलाने वाले बैक्टीरिया और वायरस तेजी से पनपते हैं। इस कारण पाचन क्रिया ठीक नहीं रहती। संयुक्त जिला चिकित्सालय में प्रतिदिन मरीजों की भीड़ बढ़ती जा रही है। प्रतिदिन 1300 मरीज ओपीडी में अपना इलाज कराने पहुंच रहे हैं।
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चंदौली। जिला अस्पताल के डॉ. संजय कुमार ने कहा कि बारिश के मौसम में इंफेक्शन, एलर्जी, सर्दी-जुकाम, डायरिया, फ्लू, वायरल जैसी पानी और हवा से होने वाली बीमारियां घेर लेती हैं। इस मौसम में सफाई और आहार-विहार का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बारिश में ज्यादातर बीमारियों के फैलने का कारण मच्छर होते हैं। मच्छरों के काटने पर उनका स्लाइवा बॉडी के प्रोटीन से मिलकर रिएक्शन पैदा करता है जिससे एलर्जी शुरू हो जाती है। स्किन में सूजन आ जाती है और लाल चकत्ते बन जाते हैं। उनमें खुजली भी होने लगती है। ज्यादा खुजली कई बार बड़े घाव का कारण बन जाती है। इन बीमारियों से बचने के लिए सावधानी बरतने के साथ डॉक्टर की सलाह पर उपचार जरूर करवाएं।संवाद
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चंदौली। बारिश के मौसम में गंदे पानी और खाद्य पदार्थों से भी कई रोग होते हैं। दस्त, हैजा, टायफाइड और फूड प्वॉइजनिंग आदि बीमारियां पांव पसारने लगती हैं। प्रदूषित व संक्रमित पानी पीने से दस्त लग जाने की संभावना बढ़ जाती है। दस्त में पेट दर्द और बुखार के साथ आंतों में सूजन आ जाती है।जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. संजय कुमार ने बताया कि बरसात के मौसम में पानी के साथ हवा भी प्रदूषित होकर सीधे जीवाणु के रूप में शरीर के अंदर जाकर फ्लू, जुकाम और ब्रोंकाइटिज जैसे रोग उत्पन्न करती है। बारिश के मौसम में गर्म खाना खाएं व उबला हुआ पानी पीएं। वहीं हेपेटाइटिस ए भी बारिश में होने वाली बीमारी है। इसके लक्षण बुखार, बदन दर्द, जोड़ों का दर्द, उल्टी आदि हैं। बारिश के सीजन में आंखों की बीमारियां भी घेर लेती हैं। आई फ्लू में आंख लाल हो जाती हैं और सूजन की वजह से आंखों में दर्द होता है। इससे बचने के लिए साफ हाथों से ही आंखों को साफ करना चाहिए। अपने खुद के तौलिए से ही शरीर पोछना चाहिए। संवाद
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