{"_id":"62e81296f3a1f3191523e9ee","slug":"now-the-electricity-department-will-not-burn-the-wires-of-katiyamars-chandauli-news-vns66712723","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब कटियामारों के तार नहीं जलाएगा बिजली विभाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब कटियामारों के तार नहीं जलाएगा बिजली विभाग
विज्ञापन
बिजली विभाग अब कटियामारों के तार नहीं जलाएगा। अब तारों को काट दिया जाएगा। जिले में पिछले कई महीनों से विभाग की ओर से कटियामारी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
अभियान के दौरान कटियामारों के बरामद तार को बिजलीकर्मी जलाते थे जिससे विषैला धुआं निकलता था। इसको लेकर अमर उजाला ने 19 जुलाई को खबर प्रकाशित की थी जिसके बाद बिजली विभाग के अधिकारियों की निद्रा टूटी और मुगलसराय विद्युत वितरण उपखंड-2 के नवागत अधिशासी अभियंता मनोज कुमार सिंह ने तार न जलाने का आदेश दिया है।
चंदौली में पहले से ही एयर इनडेक्स काफी ऊपर है। एनजीटी के तहत कूड़ा जलाना भी गैरकानूनी है और इसपर कार्रवाई का प्रावधान हैं पर बिजली विभाग की ओर से जनपद में पिछले चार महीनों से कटियामारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रोजाना सैकड़ों मीटर जब्त तारों को जला दिया जाता था। रबड़ और प्लास्टिक के तारों के जलने से विषैला धुआं निकलता था। इस समस्या पर अमर उजाला ने 19 जुलाई के अंक में ‘बिजली विभाग जला रहा तार, विषैला धुआं कर रहा बीमार’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। जिसके बाद विभाग के अधिकारियों की निद्रा टूटी और तार न जलाने का आदेश दे दिया गया है। अधिशासी अभियंता मनोज कुमार सिंह ने बताया कि छापेमारी के दौरान कटियामारों के यहां से कनेक्शन के लिए उपयोग में लाए गए तारों को जब्त कर जलाने की बजाए छोटे-छोटे टुकड़ों में विभाजित कर दिया जा रहा है ताकि प्रदूषण पर नियंत्रण किया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभियान के दौरान कटियामारों के बरामद तार को बिजलीकर्मी जलाते थे जिससे विषैला धुआं निकलता था। इसको लेकर अमर उजाला ने 19 जुलाई को खबर प्रकाशित की थी जिसके बाद बिजली विभाग के अधिकारियों की निद्रा टूटी और मुगलसराय विद्युत वितरण उपखंड-2 के नवागत अधिशासी अभियंता मनोज कुमार सिंह ने तार न जलाने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
चंदौली में पहले से ही एयर इनडेक्स काफी ऊपर है। एनजीटी के तहत कूड़ा जलाना भी गैरकानूनी है और इसपर कार्रवाई का प्रावधान हैं पर बिजली विभाग की ओर से जनपद में पिछले चार महीनों से कटियामारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रोजाना सैकड़ों मीटर जब्त तारों को जला दिया जाता था। रबड़ और प्लास्टिक के तारों के जलने से विषैला धुआं निकलता था। इस समस्या पर अमर उजाला ने 19 जुलाई के अंक में ‘बिजली विभाग जला रहा तार, विषैला धुआं कर रहा बीमार’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। जिसके बाद विभाग के अधिकारियों की निद्रा टूटी और तार न जलाने का आदेश दे दिया गया है। अधिशासी अभियंता मनोज कुमार सिंह ने बताया कि छापेमारी के दौरान कटियामारों के यहां से कनेक्शन के लिए उपयोग में लाए गए तारों को जब्त कर जलाने की बजाए छोटे-छोटे टुकड़ों में विभाजित कर दिया जा रहा है ताकि प्रदूषण पर नियंत्रण किया जा सके।
विज्ञापन