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Chandauli News: अब हरी मिर्च के पाउडर का निर्यात कर आमदनी बढ़ा सकेंगे किसान
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चंदौली। जिले के किसान अब हरी मिर्च का स्थानीय बाजार में बिक्री के साथ पाउडर बनाकर निर्यात कर सकेंगे। इसके लिए वाराणसी के शाहंशाहपुर स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईआईवीआर) में किसान संगठनों के किसानों को प्रशिक्षित किया जाएगा। यहां किसानों को हरी मिर्च से पाउडर बनाने की तकनीकी जानकारी दी जाएगी।
किसानों की आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से और सीजन में सस्ते मिर्च की उचित कीमत दिलाने के लिए आईआईवीआर के वैज्ञानिक की ओर से तैयार की गई हरी मिर्च से पाउडर बनाने की तकनीकी से किसान पाउडर तैयार कर निर्यात कर सकेंगे। इसके लिए वैज्ञानिकों ने काशी अनमोल सहित मिर्च की कई प्रजाति भी तैयार किए है जिसे किसान उत्पादक संगठन के किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। इस तकनीकी से चहनिया और नौगढ़ क्षेत्र के किसान संगठनों को बढ़ा फायदा होगा। जिला उद्यान अधिकारी एसपी सिंह ने बताया कि जिले के चहनिया ब्लाॅक में करीब 400 से 500 हेक्टेयर में और नौगढ़ ब्लाक के सोनभद्र के बार्डर वाले इलाके में 150 हेक्टेयर में मिर्च की खेती होगी है।
वहीं संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. इंदीवर ओरसड ने बताया कि हरी मिर्च से पाउडर बनाने की तकनीकी संस्थान ने पेटेंट कराया है अब इस तकनीकी से एफपीओ की मदद से किसानों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इच्छुक एफपीओ के सदस्य किसान इस तकनीकी को संस्थान में आकर सीख सकते है। इसके साथ संस्थान की ओर से किसानों को संस्थान हाईटेक नर्सरी में तैयार उन्नत किस्म के पौधे भी दिए जाएंगे। जिनका सामान्य मिर्च की प्रजातियों के मुकाबले अधिक उत्पादन होगा।
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किसानों की आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से और सीजन में सस्ते मिर्च की उचित कीमत दिलाने के लिए आईआईवीआर के वैज्ञानिक की ओर से तैयार की गई हरी मिर्च से पाउडर बनाने की तकनीकी से किसान पाउडर तैयार कर निर्यात कर सकेंगे। इसके लिए वैज्ञानिकों ने काशी अनमोल सहित मिर्च की कई प्रजाति भी तैयार किए है जिसे किसान उत्पादक संगठन के किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। इस तकनीकी से चहनिया और नौगढ़ क्षेत्र के किसान संगठनों को बढ़ा फायदा होगा। जिला उद्यान अधिकारी एसपी सिंह ने बताया कि जिले के चहनिया ब्लाॅक में करीब 400 से 500 हेक्टेयर में और नौगढ़ ब्लाक के सोनभद्र के बार्डर वाले इलाके में 150 हेक्टेयर में मिर्च की खेती होगी है।
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वहीं संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. इंदीवर ओरसड ने बताया कि हरी मिर्च से पाउडर बनाने की तकनीकी संस्थान ने पेटेंट कराया है अब इस तकनीकी से एफपीओ की मदद से किसानों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इच्छुक एफपीओ के सदस्य किसान इस तकनीकी को संस्थान में आकर सीख सकते है। इसके साथ संस्थान की ओर से किसानों को संस्थान हाईटेक नर्सरी में तैयार उन्नत किस्म के पौधे भी दिए जाएंगे। जिनका सामान्य मिर्च की प्रजातियों के मुकाबले अधिक उत्पादन होगा।
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