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यूक्रेन में फंसे आदर्श, घरवाले कर रहे सलामती की दुआ
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सैयदराजा। थाना क्षेत्र के भतीजा गांव निवासी राम कुमार पांडेय के मंझले पुत्र आदर्श कुमार पांडेय ने एमबीबीएस करने के लिए मार्च 2021 में यूक्रेन के टरनोपिल यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया। वहां दो सेमेस्टर की पढ़ाई पूरी करने के बाद थर्ड सेमेस्टर की पढ़ाई स्टार्ट करने वाले थे। तभी यूक्रेन पर रूस ने हमला कर दिया। इसके बाद से आदर्श वहां फंसे हुए हैं। वतन लौटने के लिए पिछले एक सप्ताह से जद्दोजहद कर रहे हैं।
आदर्श ने हाईस्कूल तक की पढ़ाई चंदौली स्थित सेंट थॉमस स्कूल से पूरी की। इसके बाद नौबतपुर स्थित डीपीएस स्कूल से इंटर पास कर यूक्रेन में एमबीबीएस करने चले गए।आदर्श के किसान पिता रामकुमार पांडेय ने बताया कि पिछले पांच रोज पहले उनकी आदर्श से बात हुई थी। इसके बाद अब तक उनसे कोई भी बात नहीं हो पाई है। दूसरी और पढ़ने वाले छात्रों से कांट्रैक्ट होने पर पता चला है कि यूक्रेन से रोमानिया बॉर्डर पर आदर्श पहुंच चुके हैं और फ्लाइट का इंतजार कर रहा है। संभवत बुधवार या बृहस्पतिवार को उन्हें वतन आने के लिए फ्लाइट मिल जाएगी। बताया कि यूक्रेन में जब से जंग छिड़ी हुई है तब से आदर्श की माता और उनके घरवाले का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा है। कहा कि आदर्श के पास एटीएम भी नहीं है। इससे उनको रास्ते में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा होगा। बस अब ऊपर वाले से यही दुआ है किसी तरह सभी फंसे बच्चे घर वापस लौट आएं। मां विभा पांडेय ने बताया कि देश में एमबीबीएस की पढ़ाई महंगी होने की वजह से बच्चे को यूक्रेन भेजना पड़ा। अब यूक्रेन से युद्ध की आती खबरों को सुनकर दिल बैठा जा रहा है।
रामकुमार पांडेय के तीन पुत्र हैं। इसमें बड़ा पुत्र अमन कुमार पांडेय वाराणसी में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। वहीं छोटा पुत्र प्रफुल्ल बीपीएस में इंटर की पढ़ाई कर रहा है। पिता ने बताया कि मंझला पुत्र आदर्श शुरू से ही पढ़ाई में तेज था। हर क्लास में टॉपर रहा है और यूक्रेन के टरनोपिल यूनिवर्सिटी में एडमिशन ले कर एमबीबीएस की पढ़ाई पढ़ रहा है। देश में मेडिकल की पढ़ाई महंगी है जबकि यूक्रेन में सस्ती है।
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आदर्श ने हाईस्कूल तक की पढ़ाई चंदौली स्थित सेंट थॉमस स्कूल से पूरी की। इसके बाद नौबतपुर स्थित डीपीएस स्कूल से इंटर पास कर यूक्रेन में एमबीबीएस करने चले गए।आदर्श के किसान पिता रामकुमार पांडेय ने बताया कि पिछले पांच रोज पहले उनकी आदर्श से बात हुई थी। इसके बाद अब तक उनसे कोई भी बात नहीं हो पाई है। दूसरी और पढ़ने वाले छात्रों से कांट्रैक्ट होने पर पता चला है कि यूक्रेन से रोमानिया बॉर्डर पर आदर्श पहुंच चुके हैं और फ्लाइट का इंतजार कर रहा है। संभवत बुधवार या बृहस्पतिवार को उन्हें वतन आने के लिए फ्लाइट मिल जाएगी। बताया कि यूक्रेन में जब से जंग छिड़ी हुई है तब से आदर्श की माता और उनके घरवाले का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा है। कहा कि आदर्श के पास एटीएम भी नहीं है। इससे उनको रास्ते में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा होगा। बस अब ऊपर वाले से यही दुआ है किसी तरह सभी फंसे बच्चे घर वापस लौट आएं। मां विभा पांडेय ने बताया कि देश में एमबीबीएस की पढ़ाई महंगी होने की वजह से बच्चे को यूक्रेन भेजना पड़ा। अब यूक्रेन से युद्ध की आती खबरों को सुनकर दिल बैठा जा रहा है।
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रामकुमार पांडेय के तीन पुत्र हैं। इसमें बड़ा पुत्र अमन कुमार पांडेय वाराणसी में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। वहीं छोटा पुत्र प्रफुल्ल बीपीएस में इंटर की पढ़ाई कर रहा है। पिता ने बताया कि मंझला पुत्र आदर्श शुरू से ही पढ़ाई में तेज था। हर क्लास में टॉपर रहा है और यूक्रेन के टरनोपिल यूनिवर्सिटी में एडमिशन ले कर एमबीबीएस की पढ़ाई पढ़ रहा है। देश में मेडिकल की पढ़ाई महंगी है जबकि यूक्रेन में सस्ती है।
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