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बकाया चावल नहीं देने वाले मिलर होंगे डिफाल्टर
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चंदौली। राइस मिलरों से बकाया चावल नहीं मिलने पर जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। चेताया कि लापरवाही के चलते धान की कुटाई के बाद एफसीआई को 1627.47 एमटी चावल अब तक नहीं उपलब्ध कराया गया। हीलाहवाली करने वाले मिलरों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई भी नहीं की गई। चेताया कि 31 जुलाई तक मिलरों के द्वारा बाकी चावल एफसीआई को उपलब्ध कराएं। यदि ऐसा नहीं होता है कि ऐसे मिलरों को डिफाल्टर सूची में डालने और मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया। साथ ही पीसीएफ प्रबंधक और डिप्टी आरएमओ को भी चेताया कि उनके खिलाफ भी लापरवाही बरतने पर शासन को निलंबन की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी।
बैठक के दौरान डीएम नवनीत सिंह चहल ने कहा कि मिलरों की लापरवाही के चलते समय से चावल एफसीआइ के गोदाम तक नहीं पहुंच पा रहा है। इससे जिले के आवंटित लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है। कहा कि चावल की रिकवरी में खाद्य व विपणन विभाग और पीसीएफ की ओर से सुस्ती बरती जा रही है। इसके चलते ऐसी स्थिति है। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि मिलरों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। इस पर जिम्मेदार कोई जवाब नहीं दे सके। डीएम ने एडीएम को निर्देश दिया कि ऐसे मिलरों को डिफाल्टर घोषित करके उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएं। साथ ही विभागीय अधिकारी मिलरों से 31 जुलाई तक अवशेष चावल को एफसीआई के गोदाम में पहुंचाने की जिम्मेदारी तय कराएं। आगे लापरवाही मिली तो 31 जुलाई के बाद जिला खाद्य विपणन अधिकारी अनूप श्रीवास्तव और पीसीएफ प्रबंधक को निलंबित करने के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। इस दौरान एडीएम अतुल सिंह, एसडीएम प्रदीप कुमार, अजय मिश्रा, एआर सोमी सिंह, श्वेेता पांडेय, पंकज उपस्थित रहे।
जिले में पांच मिलरों पर 1627 एमटी चावल बकाया है। ऐसे सभी मिलरों और जिला खाद्य विपणन अधिकारी एवं पीसीएफ प्रबंधक को 31 जुलाई तक एफसीआई को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी यदि लापरवाही मिलती है तो मिलरों के साथ ही अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। नवनीत सिंह चहल, जिलाधिकारी
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बैठक के दौरान डीएम नवनीत सिंह चहल ने कहा कि मिलरों की लापरवाही के चलते समय से चावल एफसीआइ के गोदाम तक नहीं पहुंच पा रहा है। इससे जिले के आवंटित लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है। कहा कि चावल की रिकवरी में खाद्य व विपणन विभाग और पीसीएफ की ओर से सुस्ती बरती जा रही है। इसके चलते ऐसी स्थिति है। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि मिलरों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। इस पर जिम्मेदार कोई जवाब नहीं दे सके। डीएम ने एडीएम को निर्देश दिया कि ऐसे मिलरों को डिफाल्टर घोषित करके उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएं। साथ ही विभागीय अधिकारी मिलरों से 31 जुलाई तक अवशेष चावल को एफसीआई के गोदाम में पहुंचाने की जिम्मेदारी तय कराएं। आगे लापरवाही मिली तो 31 जुलाई के बाद जिला खाद्य विपणन अधिकारी अनूप श्रीवास्तव और पीसीएफ प्रबंधक को निलंबित करने के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। इस दौरान एडीएम अतुल सिंह, एसडीएम प्रदीप कुमार, अजय मिश्रा, एआर सोमी सिंह, श्वेेता पांडेय, पंकज उपस्थित रहे।
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जिले में पांच मिलरों पर 1627 एमटी चावल बकाया है। ऐसे सभी मिलरों और जिला खाद्य विपणन अधिकारी एवं पीसीएफ प्रबंधक को 31 जुलाई तक एफसीआई को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी यदि लापरवाही मिलती है तो मिलरों के साथ ही अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। नवनीत सिंह चहल, जिलाधिकारी
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