{"_id":"10856d5ca82f1b5ba73775565b14d68b","slug":"many-wrestled-missing-the-draw-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बराबरी पर छूटीं कई कुश्तियां ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बराबरी पर छूटीं कई कुश्तियां
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Fri, 13 Nov 2015 11:10 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्षेत्र के लक्ष्मणगढ स्थित लच्छू ब्रह्म बाबा मंदिर के प्रांगण में शुक्रवार को कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया। इसमें आसपास के जिलों के नामी गिरामी पहलवानों ने भाग लिया। दंगल में अधिकांश कुश्तियां बराबरी पर छूटीं। मुख्य अतिथि सकलड़ीहा विधायक सुशील सिंह ने फीटा काटकर व पहलवानों से हाथ मिलाकर कुश्ती दंगल का उद्घाटन किया।
प्रतियोगिता के दौरान खोजपुर के पहलवान सूरज पहलवान ने बजरंग नगर के अवनीश को पटखनी दी। वहीं बेलवानी गांव के रमाकांत ने बजरंग नगर के विकास को हराकर वाहवाही लूटी। भूपौली के विशाल ने बेलवानी के सुरेंद्र पहलवान को तो बजरंग नगर के हरी ने बेलवानी के चंद्रमा को मात दी। वाराणसी अजगरा के पहलवान गोविंद ने बेलवानी के पहलवान जयप्रकाश को तो गाजीपुर के आनंद ने खोनपुर के राजू पहलवान को मात दी। रानेपुर के हिमांशु ने नरायनपुर चौबेपुर के भीम को मात दी। इसके अलावा दर्जनभर कुश्तियां हुईं, जो बराबरी पर छूटीं।
इसके पूर्व मुख्य अतिथि ने कहा कि कुश्ती से शारीरिक व मानसिक विकास होता है। इसमें भाग लेने से पहलवानों को अपने अपने दाव पेच के प्रदर्शन का मौका मिलता है। कहा कि देश में पहलवानी की परंपरा काफी प्राचीन है। देश के पहलवानों ने देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपना परचम लहराया है। सूबेदार सिंह, जयश्याम, अभिमन्यू, शोभनाथ, झन्नन, दीनानाथ आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रतियोगिता के दौरान खोजपुर के पहलवान सूरज पहलवान ने बजरंग नगर के अवनीश को पटखनी दी। वहीं बेलवानी गांव के रमाकांत ने बजरंग नगर के विकास को हराकर वाहवाही लूटी। भूपौली के विशाल ने बेलवानी के सुरेंद्र पहलवान को तो बजरंग नगर के हरी ने बेलवानी के चंद्रमा को मात दी। वाराणसी अजगरा के पहलवान गोविंद ने बेलवानी के पहलवान जयप्रकाश को तो गाजीपुर के आनंद ने खोनपुर के राजू पहलवान को मात दी। रानेपुर के हिमांशु ने नरायनपुर चौबेपुर के भीम को मात दी। इसके अलावा दर्जनभर कुश्तियां हुईं, जो बराबरी पर छूटीं।
विज्ञापन
इसके पूर्व मुख्य अतिथि ने कहा कि कुश्ती से शारीरिक व मानसिक विकास होता है। इसमें भाग लेने से पहलवानों को अपने अपने दाव पेच के प्रदर्शन का मौका मिलता है। कहा कि देश में पहलवानी की परंपरा काफी प्राचीन है। देश के पहलवानों ने देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपना परचम लहराया है। सूबेदार सिंह, जयश्याम, अभिमन्यू, शोभनाथ, झन्नन, दीनानाथ आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन