फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   Lost water, farmers' problems increased

नहरों को मिल रहा मात्र 40 प्रतिशत पानी, संकट में धान की खेती

Wed, 21 Jul 2021 10:27 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jul 2021 10:27 PM IST
विज्ञापन
Lost water, farmers' problems increased
पीडीडीयू नगर। नरायनपुर पंप कैनाल में बिजली के पैनल जल जाने से जिले की नहरों को पूरी क्षमता से पानी नहीं मिल रहा है। जिससे किसानों को सिंचाई की समस्या उत्पन्न हो गई है। बारिश कम होने से दिक्कत और अधिक बढ़ गई है।
विज्ञापन

आलम यह है कि नहरों को मात्र 40 फीसद पानी ही मिल पा रहा है। किसान नहरों की तलहटी में जमा पानी को महंगा डीजल फूंककर मशीन के जरिए खेतों में पहुंचाने को विवश हैं लेकिन यहां भी उन्हें पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। इससे धान की पैदावार में गिरावट आने का अंदेशा हो गया है। सिंचाई विभाग भी समस्या के समाधान को लेकर हाथ खड़े कर चुका है।
विज्ञापन

धान के कटोरा के नाम से प्रसिद्ध जनपद की नहरों में पानी नहीं है। किसानों ने नहरों में पानी के लिए अधिकारियों के साथ साथ क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों भी गुहार लगा रहे हैं लेकिन उसके बाद भी आज तक नहरों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंचा। जनपद के किसान अचानक बारिश का क्रम ठहर जाने, नहरों में पानी न आने और बिजली कटौती के चलते काफी परेशान हैं। पानी के अभाव में किसान धान की रोपाई नहीं करा पा रहे हैं। कुछ किसान महंगा डीजल फूंक कर किसी तरह रोपाई कराने के प्रयास में हैं लेकिन नहरों में पर्याप्त पानी न होने के चलते लाचार हैं। इसे लेकर किसानों में सिंचाई विभाग के साथ जिला प्रशासन के प्रति भी काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जनपद में 2 लाख 53 हजार 480 हेक्टेयर खेती योग्य भूमि है। इसमें करीब 85 फीसदी खेतों की सिंचाई नहरों के जरिए होती है। नारायनपुर पंप कैनाल से निकली गंगा नहर, सकलडीहा रजवाहा, अगहर वीर बहुरिया, धीना रजवाहा सहित सैकड़ों माइनरों के भरोसे सिंचाई होती है। अमड़ा बड़ी नहर में पर्याप्त पानी न होने के चलते नरवन के टेल के खेतों में पानी पहुंचना काफी मुश्किल दिख रहा है।
नरायनपुर स्थित गंगा नदी पर बने 18 सौ क्यूसेक पानी की क्षमता वाले पंप कैनाल का पैनल एमसीबी विगत नौ जून से पहले जल जाने से समस्या उत्पन्न हुई है। बिजली विभाग सिंचाई विभाग पर बकाए का आरोप लगाकर जले पैनलों को बदलने से इंकार कर रहा था। जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद जले पैनलों को आधा-अधूरा बनाकर नहरों में पानी तो दिया जा रहा है लेकिन नहरों के कुछ देर चलने के बाद ही बिजली ट्रिप कर जा रही है। इससे नहरें पूरी क्षमता से नहीं चल पा रही हैं।
नहरों में पानी न आने के चलते नरवन क्षेत्र के किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। क्षेत्र के कंजेहरा, असना, पई, कुसी, तेल्हरा, दरौली, सुढना, सिसौरा, बकौड़ी, नूरी, पिपरदहा, बरिली, कम्हरिया, डेढ़गांवा आदि गांवों के किसान पानी के लिए परेशान हैं। क्षेत्र के अमड़ा -पिपरदहा माइनर,असना- सुढना माइनर, असना -ओयरचकमाइनर, अमड़ा- तेल्हरा माइनर, झगडूचक माइनर, धीना-डेढ़गांवा माइनर में पानी न होने से किसानों की सैकड़ों एकड़ धान की फसल पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

नरायनपुर पंप कैनाल से पूरी क्षमता से पानी न मिलने के कारण समस्या बनी है। पंप कैनाल के सभी जले चैनलों को बदलने के बाद ही नहरों में पर्याप्त पानी आएगा। सर्वेशचंद्र सिन्हा, एक्सईएन, चंद्रप्रभा प्रखंड।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed