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सैर पर निकले भगवान जगन्नाथ
ब्यूरो/ अमरउजाला, चंदौली
Updated Thu, 07 Jul 2016 01:39 AM IST
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रथ को खींचते भक्त।
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बीमार होने के बाद स्वस्थ होने पर भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ भ्रमण पर निकले। नगर के राम मंदिर से शाम पांच बजे भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचने के लिए लोगों की भीड़ जुटी। इस दौरान भगवान जगन्नाथ के जयकारे से पूरा इलाका गूंजता रहा। इसी के साथ ही तीन दिवसीय रथयात्रा मेले की शुरूआत हुई।
आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीया को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकालने की तैयारियां पिछले कई दिनों से चल रही थीं। बुधवार को नगर के राम मंदिर पर दोपहर बाद से ही लोगों की भीड़ जुटने लगी। शाम चार बजे भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के विग्रह की विधि विधान से पूजा अर्चना की गई।
इसके बाद विग्रहों को रथ पर सवार किया गया। इसके बाद जयघोष के बीच भक्तों ने रथ को खींचना आरंभ किया। रथ को खींचने के लिए लोगों के बीच होड़ लगी। उत्साही भक्तों ने रथ को खींच कर जीटी रोड स्थित पुराना स्टेशन गेट पहुंचाया। यहां रथ को खड़ा किया गया। इसके बाद दर्शन पूजन के लिए भक्तों की कतार लगी रही। इस दौरान जीटी रोड के दक्षिणी पटरी पर आवागमन के लिए रोक दिया गया।
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रथ के आसपास फूल माला, प्रसाद के साथ चाट, गोलगप्पा, आइसक्रीम, खिलौने, नान खटाई, गुब्बारा सहित अन्य वस्तुओं की दूकानें सजीं। मेले में झूला झुलने के लिए बच्चे मचलते रहे। रात नौ बजे यहां लोकगीत बिरहा का मुकाबला हुआ। इस मौके पर इससे सुनने के लिए पूरी रात लोग डटे रहे। रथयात्रा मेला कमेटी के सदस्यों ने बताया कि गुरुवार की सुबह रथ यहां से चलकर दामोदर दास पोखरा पहुंचेगा। यहां मेला भी लगेगा। इस दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम रहे।
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आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीया को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकालने की तैयारियां पिछले कई दिनों से चल रही थीं। बुधवार को नगर के राम मंदिर पर दोपहर बाद से ही लोगों की भीड़ जुटने लगी। शाम चार बजे भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के विग्रह की विधि विधान से पूजा अर्चना की गई।
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इसके बाद विग्रहों को रथ पर सवार किया गया। इसके बाद जयघोष के बीच भक्तों ने रथ को खींचना आरंभ किया। रथ को खींचने के लिए लोगों के बीच होड़ लगी। उत्साही भक्तों ने रथ को खींच कर जीटी रोड स्थित पुराना स्टेशन गेट पहुंचाया। यहां रथ को खड़ा किया गया। इसके बाद दर्शन पूजन के लिए भक्तों की कतार लगी रही। इस दौरान जीटी रोड के दक्षिणी पटरी पर आवागमन के लिए रोक दिया गया।
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रथ के आसपास फूल माला, प्रसाद के साथ चाट, गोलगप्पा, आइसक्रीम, खिलौने, नान खटाई, गुब्बारा सहित अन्य वस्तुओं की दूकानें सजीं। मेले में झूला झुलने के लिए बच्चे मचलते रहे। रात नौ बजे यहां लोकगीत बिरहा का मुकाबला हुआ। इस मौके पर इससे सुनने के लिए पूरी रात लोग डटे रहे। रथयात्रा मेला कमेटी के सदस्यों ने बताया कि गुरुवार की सुबह रथ यहां से चलकर दामोदर दास पोखरा पहुंचेगा। यहां मेला भी लगेगा। इस दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम रहे।