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Chandauli News: नौगढ़ में लायन सफारी, छह गांव के 12 हजार से ज्यादा लोगों की बदल जाएगी किस्मत
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नौगढ़ के छानपातर दरी स्थित जल प्रपात। संवाद
10 हजार से ज्यादा लोगों को मिल सकेगा सीधे और परोक्ष रूप से रोजगार
400 हेक्टेयर का है अनुमानित मेगा प्रोजेक्ट, डीएफओ ने लायन सफारी बनाने के लिए भेजा प्रस्ताव
विशाल कुमार गुप्ता
नौगढ़। नौगढ़ रेंज के पंडी जंगल को लायन सफारी के रूप में विकसित होने से इलाके की तस्वीर बदल जाएगी। पंडी के जंगल से सटे छह गांवों में मूल भूत सुविधाएं बढ़ेंगी। यहां के 12 हजार से अधिक लोगों को सीधे लाभ होगा। वहीं प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 10 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। पिछले दिनों डीएफओ ने चंद्रप्रभा वन्यजीव अभयारण्य के पंडी के जंगल को लायन सफारी के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव भेजा है। इस 400 हेक्टेयर के मेगा प्रोजेक्ट ने वन विभाग और पर्यटन जगत में नई उम्मीदें जगा दी हैं।
काशी वन्य जीव प्रभाग रामनगर ने 400 हेक्टेयर क्षेत्र में इस मेगा प्रोजेक्ट की विस्तृत योजना तैयार की है। शासन की मंजूरी मिलने के बाद नौगढ़ उत्तर प्रदेश का दूसरा ऐसा केंद्र बन जाएगा जहां पर्यटक शेरों को करीब से देख सकेंगे। यह परियोजना इटावा लायन सफारी के मॉडल पर आधारित होगी। इसमें केवल शेर ही नहीं, बल्कि हिरण, भालू और तेंदुए जैसे अन्य वन्यजीव भी पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण होंगे। शुरुआती चरण में शेरों को इटावा सफारी से लाए जाने की संभावना है। चंद्रप्रभा अभयारण्य में तेंदुओं की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से बिजनौर क्षेत्र से भी तेंदुए लाने पर विचार किया जा रहा है। वर्तमान में इस अभयारण्य में दो तेंदुए पहले से मौजूद हैं, जो इको-टूरिज्म की संभावनाओं को और मजबूत करते हैं। लायन सफारी के निर्माण से स्थानीय युवाओं के लिए हजारों रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इनमें गाइड, ड्राइवर, सुरक्षा गार्ड और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के पद शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में होटल, रेस्टोरेंट और परिवहन जैसे व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा। यहां सफारी ट्रैक उबड़-खाबड़ रास्तों पर बनाए जाएंगे। पर्यटकों को रोमांचक अनुभव देने के लिए खुली जीप और कैंटर वाहनों की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। देहरादून स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान के विशेषज्ञों को स्थल निरीक्षण के लिए पत्र भेजा गया है, जो जल्द ही इसकी फिजिबिलिटी अपनी रिपोर्ट देंगे। प्रभागीय वनाधिकारी बी शिवशंकर ने बताया कि पंडी जंगल का चयन वैज्ञानिक और भौगोलिक कारणों से किया गया है। लगभग 400 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला यह वन क्षेत्र घने पेड़ों से आच्छादित है। यहां मानवीय हस्तक्षेप अन्य क्षेत्रों की तुलना में काफी कम है। इसका पारिस्थितिक तंत्र शेरों और अन्य वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास के लिए अनुकूल है। यह परियोजना पूर्वांचल की तस्वीर बदल सकती है। इससे 10 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है।
इनसेट-
इन गांवों का होगा विकास
लायन सफारी बनने से नोनवट, देवरी, नौगढ़, देवखत, लौवारी और औरवाटांड सहित विभिन्न गांवों का विकास होगा। वहीं बिहार के दो दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को लाभ होगा। अच्छी सड़क होने से इस रास्ते बिहार जाना आसान होगा।
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400 हेक्टेयर का है अनुमानित मेगा प्रोजेक्ट, डीएफओ ने लायन सफारी बनाने के लिए भेजा प्रस्ताव
विशाल कुमार गुप्ता
नौगढ़। नौगढ़ रेंज के पंडी जंगल को लायन सफारी के रूप में विकसित होने से इलाके की तस्वीर बदल जाएगी। पंडी के जंगल से सटे छह गांवों में मूल भूत सुविधाएं बढ़ेंगी। यहां के 12 हजार से अधिक लोगों को सीधे लाभ होगा। वहीं प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 10 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। पिछले दिनों डीएफओ ने चंद्रप्रभा वन्यजीव अभयारण्य के पंडी के जंगल को लायन सफारी के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव भेजा है। इस 400 हेक्टेयर के मेगा प्रोजेक्ट ने वन विभाग और पर्यटन जगत में नई उम्मीदें जगा दी हैं।
काशी वन्य जीव प्रभाग रामनगर ने 400 हेक्टेयर क्षेत्र में इस मेगा प्रोजेक्ट की विस्तृत योजना तैयार की है। शासन की मंजूरी मिलने के बाद नौगढ़ उत्तर प्रदेश का दूसरा ऐसा केंद्र बन जाएगा जहां पर्यटक शेरों को करीब से देख सकेंगे। यह परियोजना इटावा लायन सफारी के मॉडल पर आधारित होगी। इसमें केवल शेर ही नहीं, बल्कि हिरण, भालू और तेंदुए जैसे अन्य वन्यजीव भी पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण होंगे। शुरुआती चरण में शेरों को इटावा सफारी से लाए जाने की संभावना है। चंद्रप्रभा अभयारण्य में तेंदुओं की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से बिजनौर क्षेत्र से भी तेंदुए लाने पर विचार किया जा रहा है। वर्तमान में इस अभयारण्य में दो तेंदुए पहले से मौजूद हैं, जो इको-टूरिज्म की संभावनाओं को और मजबूत करते हैं। लायन सफारी के निर्माण से स्थानीय युवाओं के लिए हजारों रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इनमें गाइड, ड्राइवर, सुरक्षा गार्ड और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के पद शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में होटल, रेस्टोरेंट और परिवहन जैसे व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा। यहां सफारी ट्रैक उबड़-खाबड़ रास्तों पर बनाए जाएंगे। पर्यटकों को रोमांचक अनुभव देने के लिए खुली जीप और कैंटर वाहनों की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। देहरादून स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान के विशेषज्ञों को स्थल निरीक्षण के लिए पत्र भेजा गया है, जो जल्द ही इसकी फिजिबिलिटी अपनी रिपोर्ट देंगे। प्रभागीय वनाधिकारी बी शिवशंकर ने बताया कि पंडी जंगल का चयन वैज्ञानिक और भौगोलिक कारणों से किया गया है। लगभग 400 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला यह वन क्षेत्र घने पेड़ों से आच्छादित है। यहां मानवीय हस्तक्षेप अन्य क्षेत्रों की तुलना में काफी कम है। इसका पारिस्थितिक तंत्र शेरों और अन्य वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास के लिए अनुकूल है। यह परियोजना पूर्वांचल की तस्वीर बदल सकती है। इससे 10 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है।
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इनसेट-
इन गांवों का होगा विकास
लायन सफारी बनने से नोनवट, देवरी, नौगढ़, देवखत, लौवारी और औरवाटांड सहित विभिन्न गांवों का विकास होगा। वहीं बिहार के दो दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को लाभ होगा। अच्छी सड़क होने से इस रास्ते बिहार जाना आसान होगा।
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