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Chandauli News: महिला चिकित्सालय में पहली बार किडनी, लिवर और कोलेस्ट्रॉल की जांच शुरू
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पीडीडीयू नगर। नगर में स्थित राजकीय महिला चिकित्सालय में आने वाली प्रसूताओं को अब किडनी, लिवर और कोलेस्ट्रॉल की जांच के लिए जिला चिकित्सालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। महिला चिकित्सालय में 27 साल बाद पहली बार केएफटी, एलएफटी, लिपिड प्रोफाइल की जांच शुरू हो गई है। शासन की ओर से प्रसूताओं की सुविधा के लिए अस्पताल में मशीन लगवाई गई है। मशीन लगने के साथ ही तीनों जांच शुरू हो गई है।
नगर में स्थित राजकीय महिला चिकित्सालय में नगर समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से काफी संख्या में प्रसूताएं आती है। कई महिलाएं उपचार के लिए आती हैं। इसके अलावा बच्चों को बीमारियों से बचाव के लिए इंजेक्शन भी लगाए जाते हैं। हर दिन में करीब 300 से 350 मरीज यहां आते हैं। इनमें 100 से 130 गर्भवती महिलाएं शामिल रहती हैं। अस्पताल में आने वाली महिलाओं की हीमोग्लोबिन, यूरिन और एचवाई की जांच होती है। लिवर, किडनी और कोलेस्ट्रॉल की जांच के लिए जिला चिकित्सालय रेफर दिया जाता था। नगर से जिला अस्पताल की दूरी 15 किमी होने के कारण कई बार प्रसूताएं निजी लैब में ही जांच करा लेती थीं। इससे 700 रुपये से 1000 रुपये तक तक खर्च हो जाते थे। अब महिलाओं को इन जांचों के लिए न तो जिला चिकित्सालय जाना पड़ेगा और न ही निजी लैब का सहारा लेना पड़ेगा। राजकीय महिला चिकित्सालय में लगभग साढ़े छह लाख रुपये की लागत से केएफटी (किडनी फंक्शन टेस्ट), एलएफटी (लिवर फंक्शन टेस्ट), लिपिड प्रोफाइल (रक्त परीक्षण का एक समूह जो रक्त में वसा की मात्रा का मूल्यांकन करता है) की जांच शुरू हो गई है। ये सभी जांच गर्भवती महिलाओं के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं। पी़डीडीयू नगर स्थित राजकीय महिला चिकित्सालय के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एसके द्विवेदी का कहना है कि राजकीय महिला चिकित्सालय में 20 मई से किडनी, लिवर और कोलेस्ट्राल की जांच शुरू हो गई है। अब महिलाओं और गर्भवतियों को इनकी जांच के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
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नगर में स्थित राजकीय महिला चिकित्सालय में नगर समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से काफी संख्या में प्रसूताएं आती है। कई महिलाएं उपचार के लिए आती हैं। इसके अलावा बच्चों को बीमारियों से बचाव के लिए इंजेक्शन भी लगाए जाते हैं। हर दिन में करीब 300 से 350 मरीज यहां आते हैं। इनमें 100 से 130 गर्भवती महिलाएं शामिल रहती हैं। अस्पताल में आने वाली महिलाओं की हीमोग्लोबिन, यूरिन और एचवाई की जांच होती है। लिवर, किडनी और कोलेस्ट्रॉल की जांच के लिए जिला चिकित्सालय रेफर दिया जाता था। नगर से जिला अस्पताल की दूरी 15 किमी होने के कारण कई बार प्रसूताएं निजी लैब में ही जांच करा लेती थीं। इससे 700 रुपये से 1000 रुपये तक तक खर्च हो जाते थे। अब महिलाओं को इन जांचों के लिए न तो जिला चिकित्सालय जाना पड़ेगा और न ही निजी लैब का सहारा लेना पड़ेगा। राजकीय महिला चिकित्सालय में लगभग साढ़े छह लाख रुपये की लागत से केएफटी (किडनी फंक्शन टेस्ट), एलएफटी (लिवर फंक्शन टेस्ट), लिपिड प्रोफाइल (रक्त परीक्षण का एक समूह जो रक्त में वसा की मात्रा का मूल्यांकन करता है) की जांच शुरू हो गई है। ये सभी जांच गर्भवती महिलाओं के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं। पी़डीडीयू नगर स्थित राजकीय महिला चिकित्सालय के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एसके द्विवेदी का कहना है कि राजकीय महिला चिकित्सालय में 20 मई से किडनी, लिवर और कोलेस्ट्राल की जांच शुरू हो गई है। अब महिलाओं और गर्भवतियों को इनकी जांच के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
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