{"_id":"6175b2d286a1507bd53fa02f","slug":"karva-chauth-moon-sighted-after-worshiping-lord-ganesha-chandauli-news-vns618950619","type":"story","status":"publish","title_hn":"करवा चौथ: भगवान गणेश की पूजा के बाद किया चांद का दीदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
करवा चौथ: भगवान गणेश की पूजा के बाद किया चांद का दीदार
विज्ञापन
करवा चौथ: भगवान गणेश की पूजा के बाद किया चांद का दीदार
चलनी की ओट से चांद का दीदार कर पति का मुखड़ा निहारा
संवाद न्यूज एजेंसी
सचित्र-
पीडीडीयू नगर। पति के दीर्घायु के लिए महिलाओं ने रविवार को करवा चौथ का निराजल व्रत रखा। शाम के वक्त प्रथम पूज्य भगवान गणेश की पूजा अर्चना की और चांद को अर्घ्य दिया। पूजा अर्चना कर पति के दीर्घायु की कामना की। बाद में चलनी की ओट से चांद का दीदार किया और इसके बाद पति का मुखड़ा निहारा। पति के हाथों जल पीकर निर्जल व्रत खोला।
कोरोना का प्रभाव कम होने के बाद करवा चौथ के व्रत को लेकर महिलाओं में उत्साह दिखा। पूर्व में ही पूजन सामग्री, करवा चलनी आदि की खरीदारी की गई थी। रविवार की सुबह से ही महिलाओं ने पूजन अर्चन की तैयारी शुरू कर दी। भोर में महिलाओं ने निराजल व्रत का संकल्प लिया। दिन भर निराजल रही व्रती महिलाओं ने शाम के वक्त स्नान ध्यान के बाद सोलहो शृंगार किया। जगह जगह महिलाएं एकत्र हुई और प्रथम पूज्य भगवान गणेश की पूजा अर्चना की। बाद में रात आठ बजे चंद्रोदय होते ही उनको अर्घ्य दिया और पति के दीर्घायु की कामना की। बाद में छत पर पहुंच कर चलनी की ओट से पहले चांद और फिर पति का चेहरा निहारा पति हाथों जल पीकर वत खोला। पति ने भी पत्नी को उपहार दिए। नगर के कैलाशपुरी, रविनगर, विकास नगर, काली महाल, शाहकुटी, लाठ नंबर एक, लाठ नंबर दो, काली महाल, चतुर्भुजपुर के साथ रेलवे के आरपीएफ कॉलोनी, शास्त्री कॉलोनी, मानसनगर, गया कॉलोनी, सेंट्रल कॉलोनी, लोको कॉलोनी, यूरोपियन कॉलोनी सहित अन्य कॉलोनियों में पूजा की धूम रही। पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आकर बसे लोगों में इस त्योहार को लेकर विशेष उत्साह रहा।
विज्ञापन
चलनी की ओट से चांद का दीदार कर पति का मुखड़ा निहारा
संवाद न्यूज एजेंसी
सचित्र-
पीडीडीयू नगर। पति के दीर्घायु के लिए महिलाओं ने रविवार को करवा चौथ का निराजल व्रत रखा। शाम के वक्त प्रथम पूज्य भगवान गणेश की पूजा अर्चना की और चांद को अर्घ्य दिया। पूजा अर्चना कर पति के दीर्घायु की कामना की। बाद में चलनी की ओट से चांद का दीदार किया और इसके बाद पति का मुखड़ा निहारा। पति के हाथों जल पीकर निर्जल व्रत खोला।
कोरोना का प्रभाव कम होने के बाद करवा चौथ के व्रत को लेकर महिलाओं में उत्साह दिखा। पूर्व में ही पूजन सामग्री, करवा चलनी आदि की खरीदारी की गई थी। रविवार की सुबह से ही महिलाओं ने पूजन अर्चन की तैयारी शुरू कर दी। भोर में महिलाओं ने निराजल व्रत का संकल्प लिया। दिन भर निराजल रही व्रती महिलाओं ने शाम के वक्त स्नान ध्यान के बाद सोलहो शृंगार किया। जगह जगह महिलाएं एकत्र हुई और प्रथम पूज्य भगवान गणेश की पूजा अर्चना की। बाद में रात आठ बजे चंद्रोदय होते ही उनको अर्घ्य दिया और पति के दीर्घायु की कामना की। बाद में छत पर पहुंच कर चलनी की ओट से पहले चांद और फिर पति का चेहरा निहारा पति हाथों जल पीकर वत खोला। पति ने भी पत्नी को उपहार दिए। नगर के कैलाशपुरी, रविनगर, विकास नगर, काली महाल, शाहकुटी, लाठ नंबर एक, लाठ नंबर दो, काली महाल, चतुर्भुजपुर के साथ रेलवे के आरपीएफ कॉलोनी, शास्त्री कॉलोनी, मानसनगर, गया कॉलोनी, सेंट्रल कॉलोनी, लोको कॉलोनी, यूरोपियन कॉलोनी सहित अन्य कॉलोनियों में पूजा की धूम रही। पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आकर बसे लोगों में इस त्योहार को लेकर विशेष उत्साह रहा।
विज्ञापन