फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   Kaliyuga Keval Naam Adhara, Sumiri Sumiri Nar Utharin Para

कलयुग केवल नाम अधारा, सुमिरि सुमिरि नर उतरहिं पारा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 25 Aug 2021 08:38 PM IST
विज्ञापन
Kaliyuga Keval Naam Adhara, Sumiri Sumiri Nar Utharin Para
कंदवा। क्षेत्र के चिरईगांव में चल रहे चातुर्मास यज्ञ के दौरान बुधवार को त्रिदंडी स्वामी के शिष्य सुंदर राज महाराज ने श्रोताओं को कथा गंगा की अविरल धारा में खूब डुबकी लगवाई। कथा सुनकर श्रोता भावविभोर हो उठे। कथा वाचक ने कहा कि कलयुग में मनुष्य मात्र भगवान के नाम का मात्र उच्चारण भी कर ले तो भी उसे पापों से मुक्ति मिल जाती है। ‘कलयुग केवल नाम अधारा-सुमिरि सुमिरि नर उतरहिं पारा।’अर्थात कलयुग में केवल ईश्वर के नाम का सुमिरन करने से मात्र से मनुष्य का उद्धार हो जाता है। कहा कि गृहस्थ आश्रम में रहकर लोगों की ज्यादा सेवा की जा सकती है। इस आश्रम में रहकर मानव को ईश्वर भक्ति के लिए समय अवश्य निकालना चाहिए। कहा कि कलयुग में मनुष्य अपने कर्मों से भटक चुका है। बूढ़े माता-पिता आज अपने ही घरों में एकाकीपन का जीवन जीने को विवश हैं। ऐसे में कथा के श्रवण से भटके हुए प्राणियों को सन्मार्ग मिल सकता है। केवल तिलक लगाने से कोई संत-महात्मा नहीं हो सकता। उसके अंदर परोपकार की भावना का होना आवश्यक है। इस दौरान रेनू सिंह, उषा, कमला, रीता, आकांक्षा, सोनाली, मृत्युंजय, संतोष, वीर प्रताप, अंगद यादव, कुंदन, शिवाजी मौजूद रहे।
विज्ञापन

रिपोर्ट- सुनील सिंह
संपादन- धनंजय
बाइट- 1134
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed