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Chandauli News: 7 लोको पायलट और शंटरों के निलंबित होने का मुद्दा, परिजनों के हंगामे के बाद बढ़ी डीआरएम ऑफिस की सुरक्षा
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पीडीडीयू नगर। पं. दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल में कार्यरत 7 लोकाे पायलटों और शंटरों को निलंबित किए जाने के विरोध में मंगलवार रात उनकी पत्नियों के डीआरएम ऑफिस के बाहर हंगामे के बाद ऑफिस की सुरक्षा बढ़ा दी गई। वहीं रेल प्रशासन पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए महिलाओं ने जांच की मांग की है। यही नहीं बुधवार को महिलाओं ने सूचना के अधिकार के तहत डीआरएम आफिस के सीसी फुटेज जारी करने की मांग की है। वहीं लोको पायलटों और अधिकारियों के बीच बुधवार को वार्ता हुई हालांकि इसका कोई हल नहीं निकला।
लोको पायलट और शंटर सोमवार को नियम विरुद्ध कार्य कराने की शिकायत करते हुए आठ सूत्री मांग पत्र लेकर डीआरएम ऑफिस पहुंच गए। यह बात अधिकारियों को नागवार गुजरी और सात लोको पायलट और शंटरों को निलंबित कर दिया। निलंबन की सूचना पर निलंबित पायलट और शंटरों की पत्नी मंगलवार की शाम डीआरएम आफिस पहुंची और डीआरएम से मिलने की जिद करने लगीं। मना करने पर यहां खूब हो हल्ला हुआ। महिलाओं ने आरपीएफ के मौजूदगी में कुछ लोगों ने दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया। बाद में आरपीएफ महिलाओं को अपने साथ पोस्ट पर ले गई और काउंसिलिंग के बाद छोड़ दिया। महिलाओं के हंगामा की वीडियाे सोशल मीडिया पर वायरल है। मामला रेलवे बोर्ड तक पहुंच गया है। ऐसे में मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना ने पूरे मामले की जांच कराने का निर्देश दिया। बुधवार को लोको पायलटों के प्रतिनिधि मंडल ने वरीय अधिकारियों से वार्ता की। हालांकि समाधान नहीं निकला। वहीं हो हल्ला के बाद मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय की सुरक्षा पुख्ता कर दी गई है। डीआरएम ऑफिस के मुख्य गेट पर आरपीएफ की नियुक्ति कर दी गई। वहीं आगंतुकों के लिए रजिस्टर रख कर कर्मचारी नियुक्त किया गया है। इस मामले में मंडल वाणिज्य प्रबंधक और जनसंपर्क अधिकारी विश्वनाथ ने कहा कि यह मामला व्यक्तिगत है। इसमें कुछ कहा नहीं जा सकता है।
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लोको पायलट और शंटर सोमवार को नियम विरुद्ध कार्य कराने की शिकायत करते हुए आठ सूत्री मांग पत्र लेकर डीआरएम ऑफिस पहुंच गए। यह बात अधिकारियों को नागवार गुजरी और सात लोको पायलट और शंटरों को निलंबित कर दिया। निलंबन की सूचना पर निलंबित पायलट और शंटरों की पत्नी मंगलवार की शाम डीआरएम आफिस पहुंची और डीआरएम से मिलने की जिद करने लगीं। मना करने पर यहां खूब हो हल्ला हुआ। महिलाओं ने आरपीएफ के मौजूदगी में कुछ लोगों ने दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया। बाद में आरपीएफ महिलाओं को अपने साथ पोस्ट पर ले गई और काउंसिलिंग के बाद छोड़ दिया। महिलाओं के हंगामा की वीडियाे सोशल मीडिया पर वायरल है। मामला रेलवे बोर्ड तक पहुंच गया है। ऐसे में मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना ने पूरे मामले की जांच कराने का निर्देश दिया। बुधवार को लोको पायलटों के प्रतिनिधि मंडल ने वरीय अधिकारियों से वार्ता की। हालांकि समाधान नहीं निकला। वहीं हो हल्ला के बाद मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय की सुरक्षा पुख्ता कर दी गई है। डीआरएम ऑफिस के मुख्य गेट पर आरपीएफ की नियुक्ति कर दी गई। वहीं आगंतुकों के लिए रजिस्टर रख कर कर्मचारी नियुक्त किया गया है। इस मामले में मंडल वाणिज्य प्रबंधक और जनसंपर्क अधिकारी विश्वनाथ ने कहा कि यह मामला व्यक्तिगत है। इसमें कुछ कहा नहीं जा सकता है।
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