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न्याय का मंदिर साबित होगा इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स : न्यायमूर्ति एस सूर्यकांत
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चंदौली में न्यायालय भवन के शिलान्यास के अवसर पर आयोजित सभा में बोलते मुख्यमंत्री योगी आदित्यना
- फोटो : 1
पीडीडीयू नगर। उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस सूर्यकांत ने कहा कि यह क्षेत्र ऐतिहासिक स्थलों और मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। मुख्यमंत्री ने उसी इतिहास में नई कड़ी जोड़ी है। अब यहां न्याय के मंदिरों की स्थापना की जा रही है। ये बातें उन्होंने शनिवार को चंदौली में इंटीग्रेटेड न्यायालय परिसर के शिलान्यास समारोह में कहीं।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स अगले 50 वर्षों की जरूरतों को पूरा करने में सफल रहेंगे। 1500 करोड़ से बनने वाले कॉम्प्लेक्स में अधिवक्ताओं व आम आदमी को हर तरह की सुविधाएं देना सराहनीय है। उन्होंने कहा कि कोर्ट कॉम्प्लेक्स न्याय का मंदिर साबित होगा। यहां बैठकर न्यायिक अधिकारी मानवीय मूल्यों का ध्यान रखते हुए फरियादियों को न्याय देंगे। इसमें बार के सदस्यों की भी सक्रिय भूमिका होगी।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने छह एकीकृत न्यायालय परिसरों के शिलान्यास के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और उच्च न्यायालय को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यूपी के मुख्यमंत्री ने 10 कोर्ट कॉम्प्लेक्स की घोषणा की है। इनमें से छह का कार्य शिलान्यास और भूमि पूजन के साथ आज शुरू हो गया है। इनके बनने के बाद उत्तर प्रदेश पूरे देश में उदाहरण प्रस्तुत करेगा।
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अपने क्षेत्र में मिलेंगी कोर्ट की सभी सुविधाएं
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि संविधान में डिस्ट्रिक्ट ज्युडिशियरी को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। इसमें एक अनुच्छेद है कि हर राज्य के पास अपना हाईकोर्ट होगा और उस हाईकोर्ट के पास मौलिक, मानवीय व अन्य अधिकारों को लागू करने की क्षमता होगी। संविधान निर्माताओं की सोच यही रही है कि डिस्ट्रिक्ट ज्युडिशियरी स्थापित होगी तो आम लोगों को अपने क्षेत्र में कोर्ट की सुविधाएं मिलेंगी।
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अधिवक्ता चाहें तो बनारस में भी बन जाएगा कोर्ट कॉम्प्लेक्स : न्यायमूर्ति विक्रम नाथ
चंदौली में इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स के शिलान्यास कार्यक्रम में उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने कहा कि मैं चंदौली के अधिवक्ताओं से कहूंगा कि वे मेरा संदेश बनारस तक पहुंचा दें। बनारस में इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स बनाने का प्रस्ताव कई वर्षों से चल रहा है। 25 एकड़ जमीन भी मिल गई है लेकिन बन नहीं पा रहा है। अगर वहां के अधिवक्ता सहमति दें तो तुरंत कार्य शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स बनने से चंदौली सहित छह जिलों में वकील साहब को कहने और जज साहब को चुनने में मजा आएगा। वहीं, वादकारी भी सुख-चैन से रहेंगे।
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मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स अगले 50 वर्षों की जरूरतों को पूरा करने में सफल रहेंगे। 1500 करोड़ से बनने वाले कॉम्प्लेक्स में अधिवक्ताओं व आम आदमी को हर तरह की सुविधाएं देना सराहनीय है। उन्होंने कहा कि कोर्ट कॉम्प्लेक्स न्याय का मंदिर साबित होगा। यहां बैठकर न्यायिक अधिकारी मानवीय मूल्यों का ध्यान रखते हुए फरियादियों को न्याय देंगे। इसमें बार के सदस्यों की भी सक्रिय भूमिका होगी।
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मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने छह एकीकृत न्यायालय परिसरों के शिलान्यास के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और उच्च न्यायालय को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यूपी के मुख्यमंत्री ने 10 कोर्ट कॉम्प्लेक्स की घोषणा की है। इनमें से छह का कार्य शिलान्यास और भूमि पूजन के साथ आज शुरू हो गया है। इनके बनने के बाद उत्तर प्रदेश पूरे देश में उदाहरण प्रस्तुत करेगा।
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अपने क्षेत्र में मिलेंगी कोर्ट की सभी सुविधाएं
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि संविधान में डिस्ट्रिक्ट ज्युडिशियरी को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। इसमें एक अनुच्छेद है कि हर राज्य के पास अपना हाईकोर्ट होगा और उस हाईकोर्ट के पास मौलिक, मानवीय व अन्य अधिकारों को लागू करने की क्षमता होगी। संविधान निर्माताओं की सोच यही रही है कि डिस्ट्रिक्ट ज्युडिशियरी स्थापित होगी तो आम लोगों को अपने क्षेत्र में कोर्ट की सुविधाएं मिलेंगी।
अधिवक्ता चाहें तो बनारस में भी बन जाएगा कोर्ट कॉम्प्लेक्स : न्यायमूर्ति विक्रम नाथ
चंदौली में इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स के शिलान्यास कार्यक्रम में उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने कहा कि मैं चंदौली के अधिवक्ताओं से कहूंगा कि वे मेरा संदेश बनारस तक पहुंचा दें। बनारस में इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स बनाने का प्रस्ताव कई वर्षों से चल रहा है। 25 एकड़ जमीन भी मिल गई है लेकिन बन नहीं पा रहा है। अगर वहां के अधिवक्ता सहमति दें तो तुरंत कार्य शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स बनने से चंदौली सहित छह जिलों में वकील साहब को कहने और जज साहब को चुनने में मजा आएगा। वहीं, वादकारी भी सुख-चैन से रहेंगे।