फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   I wish .... the eyes of the Chief Minister should also fall on the closed Asha Bhavan.

काश.... मुख्यमंत्री की नजर बंद आशा भवन पर भी पड़ जाए

Sat, 05 Nov 2022 10:00 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 05 Nov 2022 10:00 PM IST
विज्ञापन
I wish .... the eyes of the Chief Minister should also fall on the closed Asha Bhavan.
कंदवा। प्रदेश के मुख्यमंत्री के कर कमलों द्वारा बरहनी के पीएचसी में बने आशा भवन का लोकार्पण करीब एक वर्ष पूर्व हुआ था। बावजूद इसके भवन पर लगा ताला अब तक खुल नहीं पाया है। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के छह नवंबर को जनपद आगमन को लेकर उत्साहित आशाओं में उम्मीद की किरण जगी है कि शायद उनकी नजर इस तरफ पड़ जाए और आशा भवन का ताला खुल जाए। गौरतलब है कि पीएचसी में गर्भवती महिलाओं के साथ आने वाले तीमारदारों व आशाओं के बैठने के लिए आशा भवन का निर्माण कराया गया है। भवन पर लगे शिलापट्ट पर सुनहरे अक्षरों में 7.89 लाख की लागत से भारतीय कंटेनर निगम लिमिटेड (सीएसआर) मद से स्वीकृत परियोजना का लोकार्पण चार अक्तूबर 2021 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था अंकित है। भवन के ऊपरी तल पर पेयजल की व्यवस्था के लिए पानी की टंकी लगाई गई थी लेकिन पानी सप्लाई की व्यवस्था नहीं हुई। इससे हवा के थपेडों से टंकी धराशाई होकर जमीन पर गिर कर क्षतिग्रस्त हो गई है। एक वर्ष बाद भी अब तक आशा भवन का ताला नहीं खुलने से आशाओं के साथ गर्भवती महिलाओं व उनके साथ आए उनके तीमारदारों को बैठने में परेशानी हो रही है। आशा इंद्रा, गीता, माधुरी, सुनीता, निशा, सविता, निर्मला, देवंती, शशि कला, उषा आदि ने सीएम का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया है। इस संबंध में पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. शैलेंद्र कुमार ने बताया कि मामला उनके पदभार संभालने से पूर्व का है। यह उच्चाधिकारियों के संज्ञान में भी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed