{"_id":"57c7367f4f1c1b0b4b2ccf6f","slug":"hyena-caught","type":"story","status":"publish","title_hn":"लकड़बग्घे ने छह घंटे छकाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लकड़बग्घे ने छह घंटे छकाया
चंदौली ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Thu, 01 Sep 2016 01:26 AM IST
विज्ञापन
इलिया में पकड़ा गया लकड़बग्घा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जंगल से रिहायशी इलाके में आए लकड़बग्घे को वन विभाग की टीम ने छह घंटे की मशक्कत के बाद पकड़ लिया। सुबह सात बजे लकड़बग्घे को देख ग्रामीणों ने उसे तेंदुआ समझ लिया और दौड़ा लिया। जिस पर लकड़बग्घा क्षेत्र के समीप समदा पुलिया के नीचे छिप गया। सूचना पाकर पहुंचे वन विभाग के अधिकारी लकड़बग्घे को पिंजरे में कैद कर चकिया ले गए और चंद्रप्रभा जंगल में छोड़ दिया।
क्षेत्र के बरांव गांव के लोगों ने सुबह सड़क पर एक जानवर को देखकर तेंदुआ समझ लिया। इसके बाद एकजुट होकर ग्रामीणों ने उसका पीछा किया। जिस पर वह भाग कर कलानी गांव होते हुए समदा पुलिया के नीचे छिप गया। सूचना पर पहुंची इलिया पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से पुलिया के दोनों मुहानों पर लकड़ी का तख्त रखकर रास्ता बंद कर दिया। इसके बाद वन रेंज अधिकारी नंदलाल कुशवाहा सुबह दस बजे समदा पुलिया पहुंचे। लंबी कवायद के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने पुलिया के एक मुहाने पर पिंजरा लगाया और दूसरे मुहाने से शोर मचाया तो जिसे ग्रामीणों ने तेंदुआ समझा था, वह पिंजरे में पहुंच गया। तब एक बज चुके थे। लकड़बग्घा देख लोगों ने राहत की सांस ली। इसके पहले भी लकड़बग्घा पकड़ा जा चुका है। लकड़बग्घा पकड़ने के दौरान उड़ाका दल इंचार्ज विनोद गांधी, केशव, इसरार खां, इमरान, विजय यादव, रामाशीष यादव, अभिषेक दुबे, वीरेंद्र दुबे आदि रहे।
विज्ञापन
क्षेत्र के बरांव गांव के लोगों ने सुबह सड़क पर एक जानवर को देखकर तेंदुआ समझ लिया। इसके बाद एकजुट होकर ग्रामीणों ने उसका पीछा किया। जिस पर वह भाग कर कलानी गांव होते हुए समदा पुलिया के नीचे छिप गया। सूचना पर पहुंची इलिया पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से पुलिया के दोनों मुहानों पर लकड़ी का तख्त रखकर रास्ता बंद कर दिया। इसके बाद वन रेंज अधिकारी नंदलाल कुशवाहा सुबह दस बजे समदा पुलिया पहुंचे। लंबी कवायद के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने पुलिया के एक मुहाने पर पिंजरा लगाया और दूसरे मुहाने से शोर मचाया तो जिसे ग्रामीणों ने तेंदुआ समझा था, वह पिंजरे में पहुंच गया। तब एक बज चुके थे। लकड़बग्घा देख लोगों ने राहत की सांस ली। इसके पहले भी लकड़बग्घा पकड़ा जा चुका है। लकड़बग्घा पकड़ने के दौरान उड़ाका दल इंचार्ज विनोद गांधी, केशव, इसरार खां, इमरान, विजय यादव, रामाशीष यादव, अभिषेक दुबे, वीरेंद्र दुबे आदि रहे।
विज्ञापन