पीडीडीयू नगर/कंदवा। क्षेत्र के अरंगी गांव के हैदर अली इस बार रामलीला में राम, लक्ष्मण,सीता और बजरंग बली को सजाएंगे। अरंगी की 75 वर्ष पुरानी रामलीला 25 सितंबर से शुरू हो जाएगी। रामलीला में गांव के युवा मुख्य पात्र बनते हैं। मुस्लिम भाई भी रामलीला में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते हैं।
अरंगी गांव की रामलीला के शुरू होने के पीछे भी एक कहानी प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि गांव के राधा कृष्ण सिंह को कोई संतान नहीं थी। ज्यों-ज्यों समय बीत रहा था, राधा कृष्ण सिंह की बेचैनी भी बढ़ती जा रही थी। उन्होंने अपनी परेशानी गांव के ज्योतिषाचार्य राम आधार पांडेय को बताई। सोच विचार कर उन्होंने कहा कि अगर आप गांव में रामलीला कराएं तो आपका वंश जरूर बढ़ेगा। राधाकृष्ण सिंह ने 1946 में गांव के नव युवकों के सहयोग से रामलीला की शुरुआत कराई। पहले रामलीला केवल तीन दिनों तक होती थी। रामलीला शुरू होने के अगले साल ही राधा कृष्ण सिंह को एक पुत्र हुआ। इसका नाम भगवान के नाम पर लीलाधर सिंह रखा गया। पुत्र पैदा होने के बाद राधाकृष्ण सिंह ने गांव वालों के साथ मिलकर रामलीला 15 दिनों तक कराने का निर्णय लिया जो लगातार जारी है। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष दिवाकर पांडेय व मंत्री अजीत सिंह ने बताया कि रामलीला में गांव के मुस्लिम बंधु भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं। इस बार गांव के हैदर अली ने अपने जिम्मे प्रमुख पात्रों के रूप सज्जा की जिम्मेदारी ली है। वह 29 वर्षों से रामलीला के पात्रों को सजाने वाले विजय शंकर गुप्ता के साथ यह कार्य करेंगे।