{"_id":"65132ada25087b2df40e9694","slug":"how-to-be-healthy-when-there-is-a-pile-of-garbage-in-the-hospital-premises-itself-chandauli-news-c-189-1-va11003-3403-2023-09-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandauli News: कैसे हो स्वस्थ्य, जब अस्पताल परिसर में ही कचरे का ढेर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandauli News: कैसे हो स्वस्थ्य, जब अस्पताल परिसर में ही कचरे का ढेर
विज्ञापन
विज्ञापन
चंदौली। जहां सेहत की बात बो वहीं कचरे का ढेर लगा हो तो आप कैसे स्वस्थ्य रह सकते हैं। जी हां..जिला अस्पताल में आकस्मिक विभाग के ठीक सामने दुर्गा मंदिर के पीछे कचरे का अंबार लगा है। इसमें सबसे ज्यादा मेडिकल वेस्ट है। यहां कचरा प्रबंधन की कोई व्यवस्था नहीं है।
जिला मुख्यालय पर पंडित कमलापति त्रिपाठी संयुक्त चिकित्सालय व चकिया तहसील मुख्यालय पर संयुक्त चिकित्सालय समेत पांच सामुदायिक व नौ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और लगभग तीन सौ प्राथमिक उपकेंद्र जनपद में हैं। सरकारी अस्पताल के आकस्मिक वार्ड को छोड़ कर अन्य हिस्सों में कूड़ेदान तक नहीं है। इससे मेडिकल कचरा मरीजों के जख्मों की सफाई के बाद संक्रमित पट्टियों के अलावा उपयोग में लाए गए इंजेक्शन व साफ-सफाई के बाद निकलने वाला कूड़ा अस्पतालों के बाहर गड्ढों, नालियों व खुले स्थानों पर फेंका जा रहा है। जिला अस्पताल का मेडिकल कचरा आकस्मिक वार्ड के मुख्य गेट के सामने मंदिर के पीछे खुले में फेंक दिया जाता है, जो पानी में पड़े-पड़े सड़ने लगता है। यही हाल अन्य सरकारी अस्पतालों का है। कुछ सरकारी अस्पतालों में तो कूड़ेदान तक नहीं है। इसे लेकर न तो स्वास्थ्य महकमा और न ही जिला प्रशासन गंभीर है।
-- -
वर्जन
कूड़ा निस्तारण के लिए एजेंसी लगाई गई है। वहां साफ सफाई की व्यवस्था कर दी जाएगी। इसकी सूचना निस्तारण करने वाले एजेंसी से की जाएगी, ताकि इसका निस्तारण जल्द हो जाए। -डॉ उर्मिला सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक पंडित कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला चिकित्सालय चंदौली।
विज्ञापन
जिला मुख्यालय पर पंडित कमलापति त्रिपाठी संयुक्त चिकित्सालय व चकिया तहसील मुख्यालय पर संयुक्त चिकित्सालय समेत पांच सामुदायिक व नौ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और लगभग तीन सौ प्राथमिक उपकेंद्र जनपद में हैं। सरकारी अस्पताल के आकस्मिक वार्ड को छोड़ कर अन्य हिस्सों में कूड़ेदान तक नहीं है। इससे मेडिकल कचरा मरीजों के जख्मों की सफाई के बाद संक्रमित पट्टियों के अलावा उपयोग में लाए गए इंजेक्शन व साफ-सफाई के बाद निकलने वाला कूड़ा अस्पतालों के बाहर गड्ढों, नालियों व खुले स्थानों पर फेंका जा रहा है। जिला अस्पताल का मेडिकल कचरा आकस्मिक वार्ड के मुख्य गेट के सामने मंदिर के पीछे खुले में फेंक दिया जाता है, जो पानी में पड़े-पड़े सड़ने लगता है। यही हाल अन्य सरकारी अस्पतालों का है। कुछ सरकारी अस्पतालों में तो कूड़ेदान तक नहीं है। इसे लेकर न तो स्वास्थ्य महकमा और न ही जिला प्रशासन गंभीर है।
विज्ञापन
वर्जन
कूड़ा निस्तारण के लिए एजेंसी लगाई गई है। वहां साफ सफाई की व्यवस्था कर दी जाएगी। इसकी सूचना निस्तारण करने वाले एजेंसी से की जाएगी, ताकि इसका निस्तारण जल्द हो जाए। -डॉ उर्मिला सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक पंडित कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला चिकित्सालय चंदौली।
विज्ञापन