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Chandauli News: स्वाद के चक्कर में सेहत से खिलवाड़, जंक फूड बना रहा बच्चों और बड़ों को बीमार

Sun, 22 Feb 2026 12:55 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 22 Feb 2026 12:55 AM IST
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Health is compromised in pursuit of taste, junk food is making children and adults sick.
जिला अस्पताल की ओपीडी में भीड़। संवाद - फोटो : 1
जौनपुर। आधुनिक जीवनशैली में स्वाद और सुगमता की तलाश लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। बाहर का खाना और जंक फूड न केवल बड़ों बल्कि बच्चों को भी गंभीर बीमारियों की ओर धकेल रहा है। शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे 908 मरीजों में से बड़ी संख्या पेट दर्द, गैस और कब्ज जैसी समस्याओं से ग्रसित पाए गए। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अशोक कुमार यादव ने बताया कि ओपीडी में आए मरीजों में से कई लोग शादियों और बाहर का खाना खाने के बाद पेट दर्द व कब्ज की शिकायत लेकर पहुंचे थे। मौसम में बदलाव के साथ खान-पान की लापरवाही बीमारियों को और बढ़ा रही है। विशेषकर बच्चों में रोटी से बढ़ती दूरी और जंक फूड के प्रति बढ़ता आकर्षण उनकी सेहत बिगाड़ रहा है। समय की कमी के चलते अक्सर अभिभावक बच्चों के टिफिन में चिप्स, कुरकुरे, मैगी और सैंडविच जैसे विकल्प चुन रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार, जंक फूड बच्चों के दैनिक आहार का हिस्सा बनता जा रहा है, जिससे कम उम्र में ही उनमें मोटापा, शुगर, पाचन तंत्र की गड़बड़ी और मानसिक व शारीरिक कमजोरी जैसे लक्षण दिख रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप सिंह का कहना है कि बच्चों की जीभ को जंक फूड का स्वाद लग चुका है, जिसके कारण वे घर का पौष्टिक खाना खाने में आनाकानी करते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि बच्चों को प्यार से घर में बना स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन खिलाएं। उन्हें शारीरिक गतिविधियों और खेलकूद से जोड़ें। जंक फूड के स्थान पर पारंपरिक आहार को प्राथमिकता दें ताकि उनके शारीरिक और मानसिक विकास में सुधार हो सके। जंक फूड में वसा, चीनी, नमक और कैलोरी की मात्रा अधिक होने से यह शरीर के लिए नुकसानदेय है। बच्चों को फल, सब्जी व साबूत अनाज खिलाएं। स्वस्थ खान-पान की आदतें घर से शुरू करें और बच्चों को सिखाएं। नूडल्स, पिज्जा, बर्गर, शीतल पेय से पाचन तंत्र बिगड़ रहा है और मानसिक विकास प्रभावित हो रहा है। इसमें पोषक तत्वों की कमी होने के कारण बच्चों में कब्ज की शिकायत मिल रही है।
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