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Chandauli News: कूड़ा उठान वाले 13 वाहनों पर अब जीपीएस की नजर
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पीडीडीयू नगर। नगर पालिका परिषद ने सफाई व्यवस्था में लगे वाहनों की निगरानी के लिए नई व्यवस्था शुरू की है। कूड़ा उठान और सफाई कार्य में इस्तेमाल होने वाले 13 वाहनों में 78 हजार रुपये की लागत से जीपीएस डिवाइस लगवाई गई है। इससे नगर पालिका स्तर से वाहनों की लोकेशन और उनके संचालन पर नजर रखी जा सकेगी।
नगर पालिका क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान के लिए नौ टीपर वाहन लगाए गए हैं। इन वाहनों से रोजाना अलग-अलग वार्डों में घरों से कूड़ा एकत्र किया जाता है। अब जीपीएस लगने के बाद यह पता लगाया जा सकेगा कि टीपर वाहन निर्धारित क्षेत्र में पहुंचा या नहीं और कूड़ा उठान के लिए उसका संचालन हुआ या नहीं।
किसी वार्ड में कूड़ा नहीं उठने की शिकायत मिलने पर नगर पालिका अधिकारी संबंधित वाहन की लोकेशन देखकर स्थिति की जानकारी कर सकेंगे। इससे वाहनों के निर्धारित क्षेत्र में नहीं पहुंचने या अनावश्यक संचालन की शिकायतों की जांच में भी मदद मिलेगी। नगर पालिका चेयरमैन सोनू किन्नर ने बताया कि कार्यों की सही तरीके से निगरानी के लिए वाहनों में जीपीएस डिवाइस लगवाई गई है। कार्यों की समीक्षा में भी यह व्यवस्था मददगार साबित होगी।
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इनसेट-
जेसीबी और डंपर भी निगरानी के दायरे में
नगर पालिका ने केवल टीपर वाहनों को ही जीपीएस से नहीं जोड़ा है। सफाई समेत अन्य कार्यों में इस्तेमाल होने वाली जेसीबी और दो डंपर समेत कुल 13 वाहनों में डिवाइस लगाई गई है। इससे इन वाहनों के संचालन और कार्यस्थल की भी निगरानी की जा सकेगी। नगर पालिका अधिकारियों के अनुसार जीपीएस व्यवस्था का उद्देश्य सफाई कार्य में लगे वाहनों के संचालन को व्यवस्थित करना और उनकी नियमित निगरानी करना है। हालांकि, व्यवस्था का प्रभावी लाभ तभी मिलेगा जब प्राप्त लोकेशन की नियमित समीक्षा की जाएगी और जरूरत के अनुसार कार्रवाई भी होगी।
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नगर पालिका क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान के लिए नौ टीपर वाहन लगाए गए हैं। इन वाहनों से रोजाना अलग-अलग वार्डों में घरों से कूड़ा एकत्र किया जाता है। अब जीपीएस लगने के बाद यह पता लगाया जा सकेगा कि टीपर वाहन निर्धारित क्षेत्र में पहुंचा या नहीं और कूड़ा उठान के लिए उसका संचालन हुआ या नहीं।
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किसी वार्ड में कूड़ा नहीं उठने की शिकायत मिलने पर नगर पालिका अधिकारी संबंधित वाहन की लोकेशन देखकर स्थिति की जानकारी कर सकेंगे। इससे वाहनों के निर्धारित क्षेत्र में नहीं पहुंचने या अनावश्यक संचालन की शिकायतों की जांच में भी मदद मिलेगी। नगर पालिका चेयरमैन सोनू किन्नर ने बताया कि कार्यों की सही तरीके से निगरानी के लिए वाहनों में जीपीएस डिवाइस लगवाई गई है। कार्यों की समीक्षा में भी यह व्यवस्था मददगार साबित होगी।
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जेसीबी और डंपर भी निगरानी के दायरे में
नगर पालिका ने केवल टीपर वाहनों को ही जीपीएस से नहीं जोड़ा है। सफाई समेत अन्य कार्यों में इस्तेमाल होने वाली जेसीबी और दो डंपर समेत कुल 13 वाहनों में डिवाइस लगाई गई है। इससे इन वाहनों के संचालन और कार्यस्थल की भी निगरानी की जा सकेगी। नगर पालिका अधिकारियों के अनुसार जीपीएस व्यवस्था का उद्देश्य सफाई कार्य में लगे वाहनों के संचालन को व्यवस्थित करना और उनकी नियमित निगरानी करना है। हालांकि, व्यवस्था का प्रभावी लाभ तभी मिलेगा जब प्राप्त लोकेशन की नियमित समीक्षा की जाएगी और जरूरत के अनुसार कार्रवाई भी होगी।