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रेलकर्मियों के लिए खुशबरी: होटल में रुकने का खर्च उठाएगी रेलवे..., इलाज में भी मिलेगी सहूलियत; जानें फायदे

Sun, 09 Mar 2025 02:55 PM IST
अमन विश्वकर्मा कृष्ण मुरारी मिश्र, अमर उजाला नेटवर्क, चंदाैली।
कृष्ण मुरारी मिश्र, अमर उजाला नेटवर्क, चंदाैली। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sun, 09 Mar 2025 02:55 PM IST
सार

पीडीडीयू मंडल के रेलकर्मियों को इस व्यवस्था से काफी सहूलियत मिलेगी। बीमारी के समय अक्सर उन्हें परिवार के साथ बाहर जाना पड़ता है। वहीं, अत्यधिक खर्च होने की वजह से रेलकर्मी परिवार के साथ हिल स्टेशन, धार्मिक स्थलों पर घूमने से परहेज करते हैं।

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Good news for railway employees bear the cost of staying in hotels also get facilities for treatment
बैठक के दाैरान रेलकर्मी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रेलकर्मी भी होटलों में ठहरेंगे और इसका पूरा खर्च रेलवे उठाएगी। यही नहीं रेलकर्मियों को इलाज के लिए हरियाणा, दिल्ली, चेन्नई, मुंबई सहित अन्य शहरों के अस्पताल में जाने के दौरान रहने में पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे। केंद्रीय कर्मचारी कल्याण निधि समिति की बैठक में ईसीआरईयू की होली डे होम के व्यवस्था की मांग को स्वीकार कर लिया गया है।

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पूर्व मध्य रेलवे के पांच मंडलों में 80 हजार से अधिक कर्मचारी कार्य करते हैं। यदि पीडीडीयू मंडल की बात करें तो यहां भी 13 हजार रेलकर्मी हैं। रेलवे की ओर से कैडर के हिसाब से प्रत्येक रेलकर्मी को उसके परिवार के साथ विभिन्न ट्रेनों में सफर के लिए सुविधा पास मुहैया किया जाता है। 
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सुविधा पास की सुविधा एक वर्ष में दो से तीन बार दिया जाता है। यही नहीं रेलकर्मियों के बीमार पड़ने पर रेलवे अस्पताल ने विभिन्न निजी अस्पतालों से करार किया है। रेलवे का अपना भी राष्ट्रीय स्तर पर अस्पताल है। पूर्व मध्य रेलवे के सेंट्रल सुपर स्पेशियलिटी हास्पीटल पटना में है। वहीं चेन्नई के पेरंबुर में ह्रहय, किडनी रोग का इलाज होता है।

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जारी किए जाएंगे मेडिकल पास

यहां पूरे देश भर से मरीज रेलकर्मी पहुंचते हैं। रेलवे के अथवा करार किए गए अस्पताल में रेलकर्मियों के इलाज की निशुल्क व्यवस्था होती है। वहां पहुंचने के लिए रेलवे की ओर से रेलकर्मी को मेडिकल पास भी जारी किए जाते हैं लेकिन अस्पताल के पास रहना अत्यधिक खर्चीला होता है। यही हाल घुमने फिरने में भी होता है। 

अत्यधिक खर्च होने की वजह से रेलकर्मी परिवार के साथ हिल स्टेशन, धार्मिक स्थलों पर घूमने से परहेज करते हैं। दो दिन पहले हाजीपुर में ईस्ट सेंट्रल रेलवे इंप्लाईज यूनियन ने केंद्रीय कर्मचारी कल्याण निधि समिति की बैठक में होली डे होम की व्यवस्था की मांग उठाई। इस पर जीएम छत्रसाल सिंह ने होली डे सर्वे कराने के लिए चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। 

सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्रमुख धार्मिक स्थल, हिल स्टेशन और प्रमुख अस्पतालों के आस पास होटलों से करार किया जाएगा। इसके बाद कैडर के हिसाब से कर्मचारी होटलों में रुक सकेंगे। खर्च का भुगतान कर्मचारी कल्याण निधि से किया जाएगा। बैठक में यूनियन के जोनल उपाध्यक्ष अवधेश कुमार गुप्ता, डीएन चौधरी, मुख्य कर्मचारी कल्याण निरीक्षक शैलेष कुमार, वाणिज्य निरीक्षक रितेश राय आदि रहे।

इनकी भी सुनें
ईस्ट सेंट्रल रेलवे इंप्लाईज यूनियन की डिमांड को मान कर जीएम ने सर्वे कमेटी का गठन किया है। यह स्वागत योग्य कदम है। कर्मचारी होली डे घूमने और गंभीर बीमारी के इलाज के लिए दिल्ली, मुंबई, चेन्नई आदि मेट्रो शहरों में जाते हैं। उसे ठहरने में मंहगे होटलों में रहना पड़ता है। ग्रुप डी व सी कर्मचारियों के लिए होटलों में रहना मुश्किल होता था। अब कर्मचारी भी होटलों में रुक सकेंगे। - संतोष कुमार पासवान, केंद्रीय अध्यक्ष, ईस्ट सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज यूनियन

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