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सांप के डसने के बाद ओझा के पास नहीं, अस्पताल जाएं : डॉ. राजेश
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मानसून के साथ जिले में सर्पदंश के मामले बढ़ने लगे हैं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि सांप काटने पर झाड़-फूंक या ओझा-तांत्रिक के चक्कर में पड़ने के बजाय तुरंत सरकारी अस्पताल पहुंचें, जहां एंटी स्नेक वेनम देकर जान बचाई जा सकती है। बरहनी पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में एंटी स्नेक वेनम की 40 वायल उपलब्ध हैं। जिले में कोबरा और करैत जैसे विषैले सांप पाए जाते हैं। हालांकि, 70 से 80 प्रतिशत सर्पदंश के मामलों में विषैले सांप नहीं होते, फिर भी सर्पदंश मेडिकल इमरजेंसी है। इसलिए घबराने के बजाय तत्काल अस्पताल पहुंचकर इलाज कराना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि सर्पदंश होने पर सबसे पहले 108 एंबुलेंस पर कॉल करें। पीड़ित को शांत रखें, क्योंकि घबराहट से जहर तेजी से फैल सकता है। उसे अनावश्यक हिलने-डुलने न दें। यदि संभव हो तो उसे लिटा दें या बैठा दें।
काटे गए स्थान के आसपास के तंग कपड़े या आभूषण हटा दें, क्योंकि सूजन बढ़ने पर परेशानी हो सकती है। घाव को साबुन और पानी से साफ कर कपड़े से ढंक दें और जितनी जल्दी हो सके नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाएं। झाड़-फूंक के चक्कर में समय बिल्कुल न गंवाएं। डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि एक जुलाई की रात कंजेहरा गांव में रणजीत यादव को सांप ने डस लिया था।
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परिजन झाड़-फूंक कराने के बजाय उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, जिससे उनकी जान बच गई। उन्होंने सर्पदंश से बचाव के लिए हमेशा बंद जूते पहनने, अंधेरे में बाहर निकलते समय टॉर्च का प्रयोग करने, अनाज और खाद्य सामग्री ढककर रखने, घर की दीवारों के छेद बंद रखने, लकड़ी या अन्य सामान उठाने से पहले उसे छड़ी से हिलाकर देखने, जमीन पर सोने से बचने, मच्छरदानी का उपयोग करने तथा घर के आसपास घास-फूस की नियमित सफाई रखने की सलाह दी।
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उन्होंने बताया कि सर्पदंश होने पर सबसे पहले 108 एंबुलेंस पर कॉल करें। पीड़ित को शांत रखें, क्योंकि घबराहट से जहर तेजी से फैल सकता है। उसे अनावश्यक हिलने-डुलने न दें। यदि संभव हो तो उसे लिटा दें या बैठा दें।
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काटे गए स्थान के आसपास के तंग कपड़े या आभूषण हटा दें, क्योंकि सूजन बढ़ने पर परेशानी हो सकती है। घाव को साबुन और पानी से साफ कर कपड़े से ढंक दें और जितनी जल्दी हो सके नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाएं। झाड़-फूंक के चक्कर में समय बिल्कुल न गंवाएं। डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि एक जुलाई की रात कंजेहरा गांव में रणजीत यादव को सांप ने डस लिया था।
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परिजन झाड़-फूंक कराने के बजाय उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, जिससे उनकी जान बच गई। उन्होंने सर्पदंश से बचाव के लिए हमेशा बंद जूते पहनने, अंधेरे में बाहर निकलते समय टॉर्च का प्रयोग करने, अनाज और खाद्य सामग्री ढककर रखने, घर की दीवारों के छेद बंद रखने, लकड़ी या अन्य सामान उठाने से पहले उसे छड़ी से हिलाकर देखने, जमीन पर सोने से बचने, मच्छरदानी का उपयोग करने तथा घर के आसपास घास-फूस की नियमित सफाई रखने की सलाह दी।