फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   Generic drugs crack at Jan Aushadhi centers, wandering patients

जनऔषधि केंद्रों पर जेनेरिक दवाओं का टोटा, भटक रहे मरीज

Sun, 13 Dec 2020 12:05 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 13 Dec 2020 12:05 AM IST
विज्ञापन
Generic drugs crack at Jan Aushadhi centers, wandering patients
जिला मुख्यालय स्थित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र। - फोटो : CHANDAULI
चंदौली। अस्पताल में इलाज कराने जाने वाले मरीजों को महंगी दवाएं बाहर से न खरीदनी पड़े और आसानी से उन्हें अस्पताल में ही दवाएं उपलब्ध हो जाएं, इसके लिए चकिया और चंदौली जिला अस्पताल में जन औषधि केंद्र खोले गए हैं। ताकि मरीजों को जेनेरिक दवाएं उपलब्ध हो सकें। लेकिन वहां दवाओं का टोटा है। अनलॉक के बाद अस्पतालों में आने वाले मरीजों को इन केंद्रों पर दवाएं नहीं मिलने से बाहर से महंगे दामों पर दवाई खरीदनी पड़ रही है। चंदौली और चकिया जिला अस्पताल में खुले प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर मरीजों को दवाओं की किल्लत से जूझना पड़ा रहा हैं। दिल, दिमाग, शुगर, चर्म, मानसिक रोग के साथ ही जीवनरक्षक दवाएं खत्म हो चुकी हैं। चंदौली और चकिया जिला संयुक्त अस्पताल में इन केन्द्रों पर 60 फीसदी दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। इसके कारण मरीजों को बाहर से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही है। इससे मरीजों और तीमारदारों आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है।
विज्ञापन

जन औषधि केंद्रों पर 281 दवाएं ही उपलब्ध
चंदौली। केन्द्र सरकार ने सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकारी अस्पतालों में प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र का संचालन शुरू कराया था। मुख्यालय स्थित पंडित कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला चिकित्सालय व चकिया के जिला अस्पताल में भी जन औषधि केन्द्र संचालित हैं। इन केंद्रों पर विभिन्न बीमारियों की 749 दवाएं उपलब्ध कराने का दावा था, लेकिन मौजूदा समय में केवल 281 दवाएं ही उपलब्ध हैं। इनका भी स्टॉक समाप्त होने वाला है। जबकि चकिया में दवाएं समाप्त हो चुकी हैं और जन औषधि केंद्र बंद होने के कगार पर है। लोगों को बाहर की दवा का सहारा लेना पड़ रहा है। कर्मचारी केंद्र खोल तो रहे हैं, लेकिन इसका फायदा किसी को नहीं मिल रहा। चर्चा तो यह है कि संचालक निजी कंपनियों की दवाएं बेचने लगे हैं। चंदौली जिला अस्पताल में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के प्रभारी सतीश कुमार का कहना है कि कुछ दवाएं केंद्र पर उपलब्ध है। साथ ही दवाओं के लिए शासन को अवगत कराया गया है, जल्द ही मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन

दवाएं नहीं मिलने से उठानी पड़ रही है आर्थिक क्षति
चंदौली। प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों की शुरूआत लोगों को सस्ती दर पर दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है। जेनेरिक और ब्रांडेड दवाओं के दामों में जमीन आसमान का अंतर होता है। कई लोगों की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं होती कि वह ब्रांडेड दवाएं खरीद सकें, ऐसे लोगों को जेनेरिक दवाएं काफी राहत देती हैं। मगर कभी केंद्रों पर दवाएं नहीं तो बड़ी संख्या में डॉक्टर मरीजों को जेनेरिक दवाएं नहीं लिखते हैं। उनका जोर ब्रांडेड दवाएं लिखने पर रहता है। रमेश यादव ने कहा कि जन औषधि केंद्र पर दवा न मिलने पर मजबूरी में मेडिकल स्टोरों पर दवा लेनी पड़ती है। इससे मरीजों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ती है। सुरेश मौर्य ने कहा कि जन औषधि केंद्र पर दवा लेने पहुंचे तो वहां उपलब्ध ही नहीं थी। जरूरत पर दवाई नहीं मिलती है ऐसे में बाहर से दवा लेनी पड़ती।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed