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Chandauli News: छह दिन बाद चेतावनी बिंदु से नीचे आई गंगा, आठ घंटे में 18 सेमी घटा जलस्तर
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पीडीडीयू नगर। जिले में लभगभ प्रति घंटे दो सेमी की रफ्तार से गंगा का जलस्तर घट रहा है। छह दिन बाद शुक्रवार को गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से नीचे आया। दस बजे तक गंगा का जलस्तर 69. 96 मीटर रहा। वहीं, शाम छह बजे 69.78 मीटर दर्ज किया गया। इस तरह आठ घंटे में 18 सेमी गंगा का जलस्तर घटा। जिले में चेतावनी बिंदु 70.28 मीटर है। बृहस्पतिवार की शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 70.28 मीटर था। जलस्तर कम होने से कर्मनाशा के तटवर्ती इलाकों में कटान तेज हो गई है। कीचड़ से दुर्गंध उठ रही है। इससे स्थानीय लोगों को संक्रामक बीमारियों (डायरिया, वायरल बुखार, मलेरिया, टायफाइड) के फैलने की आशंका सता रही है।
गंगा के जलस्तर में इस मानसून सत्र में चौथी बार 15 सितंबर से बढ़ाव शुरू हुआ था। देखते ही देखते गंगा का जल स्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया। वहीं तटवर्ती इलाके के गांवों में पानी पहुंचने से लोगों ने बाढ़ राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी। 19 सितंबर से गंगा का जलस्तर में कमी शुरू हुई। शुक्रवार को भी पानी घटने का सिलसिला जारी रहा। हालांकि पानी घटने की रफ्तार बहुत कम है। जलस्तर कम होने से घाटों पर कीचड़ पसर गया है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है। टांडाकला गंगा का जलस्तर धीमी गति से कम हो रहा है। तटवर्ती गांव महुअरकला, पूरा विजयी, पूरा गनेश, चकरा, सोनबरसा, टांडाकला, टांडाखुर्द, सरौली, महमदपुर, जमालपुर, हसनपुर, भूसौला, सरैया के लोग कटान से चिंतित हैं। गंगा किनारे छह बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। यहां प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅ. रितेश कुमार की देखरेख में जरूरतमंदों को दवा दी जा रही है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. रितेश कुमार ने बताया कि स्थिति सामान्य है। उधर, धानापुर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव नरौली में दवा का छिड़काव कराया गया। इस दौरान ग्राम पंचायत अधिकारी दिनेश सिंह, राजस्व निरीक्षक ग्यासुद्दीन, लेखपाल शिवप्यारे दुबे,ग्राम प्रधान रामजी कुशवाहा उपस्थित रहे।
इनसेट-
कर्मनाशा का पानी हुआ कम , लोगों ने ली राहत की सांस
कंदवा। कर्मनाशा नदी का जल स्तर स्थिर होने से लोगों ने राहत की सांस ली है।मार्गों से पानी उतर तो गया है लेकिन कीचड़ के चलते लोग परेशान हैं।
कर्मनाशा का जल स्तर बुधवार की दोपहर में अचानक बढ़ने से तटवर्ती इलाकों के गांव में बाढ़ का पानी तीव्र गति से बढ़ने लगा था और देखते देखते तटवर्ती गांव पानी से घिर गये थे। कर्मनाशा के कहर से अरंगी, लोहरा,धनाइतपुर पोखरा, मुड्डा,चारी,चिरईगांव,दैथा, अदसड़, ककरैत और करौती गांव पूरी तरह से पानी से घिर गए थे तथा सम्पर्क मार्गों पर कई फीट ऊपर से पानी बह रहा था।जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कर्मनाशा के तटवर्ती गांवों के लोग कर्मनाशा का जल स्तर कम होने से राहत की सांस ली है। उधर, शहाबगंज में बाढ़ प्रभावित जेंगुरी और केराय गांव में अभी भी जलभराव की स्थिति है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅक्टर निलेश मालवीय ने स्वास्थ्य विभागीय टीम के साथ गांव का दौरा किया। उन्होंने लोगों को पानी उबालकर पीने, ताजा खाना खाने और आसपास पानी न जमने देने की सलाह दी। उन्होंने ग्रामीणों को दवाएं दीं। इनसेट-
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जलस्तर घटने का क्रम
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-15 सितंबर-- -- जलस्तर 70.34 मीटर
-16 सितंबर तक जलस्तर-- -- 70.76 मीटर
-17 सितंबर - जलस्तर 70.83 मीटर
-18 सितंबर - जलस्तर 70.53 मीटर
-19 सितंबर-- जलस्तर70.28 मीटर
-20 सितंबर- जल स्तर69.78
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गंगा के जलस्तर में इस मानसून सत्र में चौथी बार 15 सितंबर से बढ़ाव शुरू हुआ था। देखते ही देखते गंगा का जल स्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया। वहीं तटवर्ती इलाके के गांवों में पानी पहुंचने से लोगों ने बाढ़ राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी। 19 सितंबर से गंगा का जलस्तर में कमी शुरू हुई। शुक्रवार को भी पानी घटने का सिलसिला जारी रहा। हालांकि पानी घटने की रफ्तार बहुत कम है। जलस्तर कम होने से घाटों पर कीचड़ पसर गया है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है। टांडाकला गंगा का जलस्तर धीमी गति से कम हो रहा है। तटवर्ती गांव महुअरकला, पूरा विजयी, पूरा गनेश, चकरा, सोनबरसा, टांडाकला, टांडाखुर्द, सरौली, महमदपुर, जमालपुर, हसनपुर, भूसौला, सरैया के लोग कटान से चिंतित हैं। गंगा किनारे छह बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। यहां प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅ. रितेश कुमार की देखरेख में जरूरतमंदों को दवा दी जा रही है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. रितेश कुमार ने बताया कि स्थिति सामान्य है। उधर, धानापुर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव नरौली में दवा का छिड़काव कराया गया। इस दौरान ग्राम पंचायत अधिकारी दिनेश सिंह, राजस्व निरीक्षक ग्यासुद्दीन, लेखपाल शिवप्यारे दुबे,ग्राम प्रधान रामजी कुशवाहा उपस्थित रहे।
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इनसेट-
कर्मनाशा का पानी हुआ कम , लोगों ने ली राहत की सांस
कंदवा। कर्मनाशा नदी का जल स्तर स्थिर होने से लोगों ने राहत की सांस ली है।मार्गों से पानी उतर तो गया है लेकिन कीचड़ के चलते लोग परेशान हैं।
कर्मनाशा का जल स्तर बुधवार की दोपहर में अचानक बढ़ने से तटवर्ती इलाकों के गांव में बाढ़ का पानी तीव्र गति से बढ़ने लगा था और देखते देखते तटवर्ती गांव पानी से घिर गये थे। कर्मनाशा के कहर से अरंगी, लोहरा,धनाइतपुर पोखरा, मुड्डा,चारी,चिरईगांव,दैथा, अदसड़, ककरैत और करौती गांव पूरी तरह से पानी से घिर गए थे तथा सम्पर्क मार्गों पर कई फीट ऊपर से पानी बह रहा था।जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कर्मनाशा के तटवर्ती गांवों के लोग कर्मनाशा का जल स्तर कम होने से राहत की सांस ली है। उधर, शहाबगंज में बाढ़ प्रभावित जेंगुरी और केराय गांव में अभी भी जलभराव की स्थिति है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅक्टर निलेश मालवीय ने स्वास्थ्य विभागीय टीम के साथ गांव का दौरा किया। उन्होंने लोगों को पानी उबालकर पीने, ताजा खाना खाने और आसपास पानी न जमने देने की सलाह दी। उन्होंने ग्रामीणों को दवाएं दीं। इनसेट-
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जलस्तर घटने का क्रम
-15 सितंबर
-16 सितंबर तक जलस्तर
-17 सितंबर - जलस्तर 70.83 मीटर
-18 सितंबर - जलस्तर 70.53 मीटर
-19 सितंबर
-20 सितंबर- जल स्तर69.78