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पंडालों में नहीं घरों में विराजेंगे विध्न विनाशक गणपति

Sat, 22 Aug 2020 12:33 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 22 Aug 2020 12:33 AM IST
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Ganapati, a destroyer of destruction, will sit in homes not in dalas
पीडीडीयू नगर के नई बस्ती से गणेश प्रतिमा स्थापित के लिए ले जाते युवा। - फोटो : CHANDAULI
पीडीडीयू नगर। कोरोना वायरस संक्रमण ने पर्व और त्योहारों को मनाने का ढंग भी बदल दिया है। इस वर्ष जिले में सार्वजनिक स्थानों पर गणेशोत्सव नहीं मनेगा। पंडालों के बजाए विघ्न विनाशक प्रथम पूज्य भगवान गणेश घरों में विराजेंगे। यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम भी नहीं होंगे बल्कि सादगी पूर्ण तरीके से पूजन अर्चन किया जाएगा। नगर के अलीनगर में मां हंसवाहिनी क्लब की ओर से विक्की रस्तोगी के घर में मूर्ति स्थापित की जाएगी। यहां से ऑनलाइन दर्शन पूजन की व्यवस्था की जाएगी।
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मान्यता है कि भाद्रपद मास के शुल्क पक्ष की चतुर्थी को प्रथम पूज्य भगवान गणेश का जन्म हुआ था। इसी वजह से चतुर्थी को भगवान गणेश की पूजा अर्चना की जाती है। महाराष्ट्र सहित देश के अन्य हिस्सों में दस दिनों तक भगवान गणेश की प्रतिमा रख कर पूजा की जाती है। वहीं जिले में पांच छह स्थानों पर ही तीन से पांच दिवसीय सार्वजनिक पूजा अर्चना की जाती है। इस वर्ष कोरोना की वजह से इस वर्ष सार्वजनिक पूजा आयोजनों पर रोक है। ऐसे में भक्तों ने घरों में ही पूजा अर्चना की तैयारी कर रखी है। नगर के अलीनगर में मां हंसवाहिनी क्लब की ओर से तीन दिवसीय पूजा का आयोजन किया जाता था। इस वर्ष क्लब के अध्यक्ष विक्की रस्तोगी के आवास पर शुक्रवार की देर रात मूर्ति स्थापित की गई। यहां भीड़ न हो इसके लिए आनलाइन दर्शन पूजन की व्यवस्था की जा रही है। संगठन के संजय रस्तोगी ने बताया कि तीन दिनों तक पूजन अर्चन के बाद मूर्ति का विसर्जन किया जाएगा। पूजा अर्चना में राजीव गुप्ता, संतोष गोंड, मनीष निगम, प्रकाश यादव, दीपक रस्तोगी, संतोष सेठ, संतोष, चंद्रेश्वर जायसवाल, राजेश यागी आदि शामिल रहे। इसी तरह नई सट्टी, चहनियां के टांडाकला, मझिलेपुर, चकिया आदि इलाकों में भी सार्वजनिक पूजा के बजाए घरों में मूर्ति स्थापित कर पूजा अर्चना की जाएगी। इसी तरह टांडाकला सार्वजनिक गणेश पूजा महोत्सव सतीष मौर्य ने बताया घर में पूजा अर्चना की जाएगी। मझिलेपुर के शिवप्रकाश मौर्य ने भी बताया कि घर में पूजा अर्चना की जाएगी।
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पीडीडीयू नगर। गणेश सूर्योदय से देर रात तक चतुर्थी तिथि होने से प्रथम पूज्य भगवान गणेश की पूजा फलदायी है। नगर के चतुर्भुजपुर निवासी कुंजबिहारी मिश्र ने बताया कि इस वर्ष चतुर्थी तिथि की शुरूआत 21 अगस्त को रात 11 बजकर चार मिनट से शुरू होकर 22 अगस्त की शाम सात बजकर 57 मिनट तक है। दिन में 11.35 से 12.25 तक पूजा के लिए अभिजीत मुहूर्त है।जो पूजा के लिए सर्वोत्तम है। सुबह 8.47 बजे से 10.24 बजे तक राहुकाल होने से इस समय पूजा निषिद्ध है।
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पीडीडीयू नगर। कोरोना की वजह से पिछले छह माह से वाहन, स्वर्ण सहित अन्य व्यवसाय चौपट नजर आ रहा है। ऐसे में व्यापारियों को गणेश चौथ सहित अन्य त्योहारों से कारोबार बढ़ने की उम्मीद है। प्रथम पूज्य भगवान गणेश के जन्मोत्सव पर गहने और वाहन खरीदने की परंपरा रही है। हालांकि जिले में चतुर्मास की वजह से अधिक बिक्री नहीं होती है लेकिन व्यवसायियों को उम्मीद है कि कुछ लोग गणेश चौथ पर वाहन आदि खरीदेंगे। बाइक विक्रेता अवतार सिंह ने कहा कि गणेश चौथ पर कुछ आस है। इसी तरह स्वर्ण व्यवसायी राजीव सेठ ने बताया कि इस वर्ष कोरोना की वजह से लगन में व्यवसाय नहीं हुआ। अब त्योहारों की ही आस है।
रिपोर्ट और संपादन-कृष्ण मुरारी मिश्र
बाइट-2900
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