काशी वन्य जीव प्रभाग के चंद्रप्रभा रेंज के शिकारगंज बीट में 25 वर्षों से अवैध कब्जे में रही सात बीघा वन भूमि को शुक्रवार को वन विभाग की संयुक्त टीम ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रेमप्रकाश मीणा और राम्या आर के नेतृत्व में मुक्त करा लिया। इस भूमि का उपयोग चन्द्रप्रभा रेंज की नर्सरी के रूप में किया जाएगा।
चंद्रप्रभा रेंज के शिकारगंज बीट में बिसौरा गांव में चकिया-अहरौरा मार्ग पर वन विभाग की सात बीघा जमीन पर कुछ लोगों ने पिछले 25 वर्षों से अवैध कब्जा करके खेती की जा रही थी। कब्जे की सूचना पर वन विभाग ने जमीन को अपना बताते हुए उपजिलाधिकारी न्यायालय में वाद दाखिल किया। इसमें वन विभाग के पक्ष में फैसला कर दिया गया। इस फैसले के बाद विपक्षी मंडलायुक्त के यहां चले गए लेकिन वहां से भी राहत न मिलने पर उन्होंने माननीय हाईकोर्ट की शरण ली। माननीय हाईकोर्ट ने उन्हें निचली अदालत में जाने का आदेश दिया। इस पर इस प्रकरण की अपर आयुक्त प्रशासन वाराणसी के यहां सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अपर आयुक्त ने वन विभाग के पक्ष में फैसला कर दिया। शुक्रवार को अतिक्रमित भूमि को मुक्त कराने के लिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रेमप्रकाश मीणा एवं राम्या आर के नेतृत्व में चंद्रप्रभा रेंजर बृजेश पांडेय, चकिया रेंजर अकबाल बहादुर सिंह, उड़ाका दल प्रभारी राजपथ रेंजर ताराशंकर यादव, वन दरोगा मनोज राय, धर्मेन्द्र कुमार, मुश्ताक खान सहित वनकर्मियों की टीम मौके पर पहुंची और अतिक्रमणकारियों से जमीन को मुक्त करा लिया। इस जमीन को चंद्रप्रभा रेंज की नर्सरी बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।