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‘वन संरक्षित क्षेत्र घोषित करने से विकास में बाधा’
चंदौली अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 02 Aug 2015 01:13 AM IST
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नक्सल प्रभावित कैमूर जिले के अधौरा प्रखंड के शेष बचे 100 गांवों में सोलर लाइटों की व्यवस्था की जाएगी। लाइटों के अभाव में 103 गांवों में से 100 गांव अब भी अंधेरे में डूबे हुए हैं। प्रखंड को वन संरक्षित क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। जिसके चलते विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही है।
उक्त बातें सासाराम के भाजपा सांसद छेदी पासवान ने भभुआ नगर स्थित शेरशाह सूरी परिसदन में शनिवार को प्रेसवार्ता के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि अधौरा में जनजाति और गरीब लोग रहते हैं। वन संरक्षित क्षेत्र होने के कारण वहां का विकास अवरुद्ध हो गया है। यही नहीं इस कानून के चलते गरीबों का वन पर से अधिकार समाप्त हो गया है। कहा कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत सभी गांवों का विद्युतीकरण किया जाएगा।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पेश किए गए रिपोर्ट कार्ड पर चुटकी लेते हुए कहा कि उन्हें केवल दो साल की रिपोर्ट पेश करनी चाहिए थी। विकास में सात वर्षों तक भाजपा भी सहभागी रही और छह माह तक जीतन मांझी भी सीएम रहे।
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उक्त बातें सासाराम के भाजपा सांसद छेदी पासवान ने भभुआ नगर स्थित शेरशाह सूरी परिसदन में शनिवार को प्रेसवार्ता के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि अधौरा में जनजाति और गरीब लोग रहते हैं। वन संरक्षित क्षेत्र होने के कारण वहां का विकास अवरुद्ध हो गया है। यही नहीं इस कानून के चलते गरीबों का वन पर से अधिकार समाप्त हो गया है। कहा कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत सभी गांवों का विद्युतीकरण किया जाएगा।
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पेश किए गए रिपोर्ट कार्ड पर चुटकी लेते हुए कहा कि उन्हें केवल दो साल की रिपोर्ट पेश करनी चाहिए थी। विकास में सात वर्षों तक भाजपा भी सहभागी रही और छह माह तक जीतन मांझी भी सीएम रहे।
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