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वन विभाग ने दोगुना किया ट्रकों का ट्रांजिट शुल्क, 36 की जगह हुआ 76 रुपये प्रतिटन
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दुलहीपुर। एशिया की सबसे बड़ी कोयला मंडी चंदासी में कोयला लेकर आने वाले ट्रकों से लिया जाने वाला ट्रांजिट शुल्क अचानक दोगुना कर दिया गया है। मंडी में आने वाले और कोयला लेकर जाने वाले ट्रकों से पहले प्रतिटन 36 रुपये रुपये ट्रांजिट शुल्क वसूला जा रहा है, जो अब 76 रुपये हो गया है। वन विभाग की ओर से अचानक शुल्क बढ़ाने से मंडी के व्यवसायियों में आक्रोश है।
इस संबंध में व्यवसायी फिरोज भाई ने कहा कि अचानक वन विभाग की ओर से ट्रांजिट शुल्क 38 रुपये प्रति टन से बढ़ाकर 76 रुपये प्रति टन करना समझ के परे है। इससे कोल व्यवसाय पर असर पड़ेगा। कहा कि कई व्यापारी की डेहरी आन सोन अथवा डायरेक्ट कोलियरी से कोयला ले रहे हैं। इससे राजस्व की क्षति हो रही है। व्यवसायी राकेश ने कहा कि ट्रांजिट शुल्क बढ़ोत्तरी को लेकर वर्ष 2012 में कोयला मंडी में 29 दिनों की हड़ताल हुई थी। इस दौरान आंदोलन की वजह से वर्तमान विधायक साधना सिंह, पूर्व प्रमुख बाबूलाल, कोल व्यापारी संघ अध्यक्ष धर्मराज यादव, मजदूर नेता हरवशं सिंह आदि जेल तक गए। बाद मे कोर्ट ने ट्रांजिट शुल्क बढ़ोत्तरी पर रोक लगा दी। अब कोर्ट के आदेश के बावजूद ट्रांजिट शुल्क बढ़ाकर वसूला जा रहा है। विजेन्द्र सिंह उर्फ कवि ने कहा कि वन विभाग की ओर से जबरन ट्रांजिट शुल्क वसूला रहा है। इसको लेकर आंदोलन किया जाएगा। वहीं चंदासी कोयला मंडी प्रगतिशील कोयला व्यापारिक संस्था के अध्यक्ष धर्मराज यादव ने कहा कि यदि जल्द ही इसे वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
दुलहीपुर। चंदासी कोयला मंडी प्रगतिशील कोयला व्यापारिक कल्याणकारी संस्था के अध्यक्ष धर्मराज यादव के नेतृत्व में कोयला व्यवसायियों का प्रतिनिधि मंडल रविवार को रामनगर पहुंच कर प्रभागीय वनाधिकारी से मिला। डीएफओ से मिलकर वन विभाग की ओर से ट्रांजिट शुल्क दोगुना करने से होने वाली परेशानी बताई और इसे वापस लेने की मांग की।
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प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि वन विभाग की ओर से अचानक ट्रांजिट शुल्क 76 रुपये प्रति टन कर दिया गया है। इससे कोल व्यवसायी प्रभावित हो रहे हैं। कहा कि न्यायालय का आदेश है कि यहां 38 रुपये प्रति टन ही ट्रांजिट शुल्क वसूला जाए। ऐसे में 76 रुपये प्रति टन ट्रांजिट शुल्क लेना न्यायालय का अवमानना है। प्रतिनिधि मंडल में शामिल व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। प्रतिनिधि मंडल में धर्मराज यादव, राजकुमार मित्तल, अखिलेश पोद्दार, बबलू सिंह, अभिषेक तुलस्यान, सुभाष, बिल्लू, नियाज, सिराजूद्दीन, सतीश जिंदल, मोहम्मद हफीज रहे।
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इस संबंध में व्यवसायी फिरोज भाई ने कहा कि अचानक वन विभाग की ओर से ट्रांजिट शुल्क 38 रुपये प्रति टन से बढ़ाकर 76 रुपये प्रति टन करना समझ के परे है। इससे कोल व्यवसाय पर असर पड़ेगा। कहा कि कई व्यापारी की डेहरी आन सोन अथवा डायरेक्ट कोलियरी से कोयला ले रहे हैं। इससे राजस्व की क्षति हो रही है। व्यवसायी राकेश ने कहा कि ट्रांजिट शुल्क बढ़ोत्तरी को लेकर वर्ष 2012 में कोयला मंडी में 29 दिनों की हड़ताल हुई थी। इस दौरान आंदोलन की वजह से वर्तमान विधायक साधना सिंह, पूर्व प्रमुख बाबूलाल, कोल व्यापारी संघ अध्यक्ष धर्मराज यादव, मजदूर नेता हरवशं सिंह आदि जेल तक गए। बाद मे कोर्ट ने ट्रांजिट शुल्क बढ़ोत्तरी पर रोक लगा दी। अब कोर्ट के आदेश के बावजूद ट्रांजिट शुल्क बढ़ाकर वसूला जा रहा है। विजेन्द्र सिंह उर्फ कवि ने कहा कि वन विभाग की ओर से जबरन ट्रांजिट शुल्क वसूला रहा है। इसको लेकर आंदोलन किया जाएगा। वहीं चंदासी कोयला मंडी प्रगतिशील कोयला व्यापारिक संस्था के अध्यक्ष धर्मराज यादव ने कहा कि यदि जल्द ही इसे वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
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दुलहीपुर। चंदासी कोयला मंडी प्रगतिशील कोयला व्यापारिक कल्याणकारी संस्था के अध्यक्ष धर्मराज यादव के नेतृत्व में कोयला व्यवसायियों का प्रतिनिधि मंडल रविवार को रामनगर पहुंच कर प्रभागीय वनाधिकारी से मिला। डीएफओ से मिलकर वन विभाग की ओर से ट्रांजिट शुल्क दोगुना करने से होने वाली परेशानी बताई और इसे वापस लेने की मांग की।
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प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि वन विभाग की ओर से अचानक ट्रांजिट शुल्क 76 रुपये प्रति टन कर दिया गया है। इससे कोल व्यवसायी प्रभावित हो रहे हैं। कहा कि न्यायालय का आदेश है कि यहां 38 रुपये प्रति टन ही ट्रांजिट शुल्क वसूला जाए। ऐसे में 76 रुपये प्रति टन ट्रांजिट शुल्क लेना न्यायालय का अवमानना है। प्रतिनिधि मंडल में शामिल व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। प्रतिनिधि मंडल में धर्मराज यादव, राजकुमार मित्तल, अखिलेश पोद्दार, बबलू सिंह, अभिषेक तुलस्यान, सुभाष, बिल्लू, नियाज, सिराजूद्दीन, सतीश जिंदल, मोहम्मद हफीज रहे।