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जयंती पर लोक नायक जयप्रकाश को याद किया
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पीडीडीयू नगर। लोकनायक संपूर्ण क्रांति के प्रणेता भारत रत्न जयप्रकाश नरायन की जयंती पर उन्हें याद किया गया। विभिन्न संगठनों ने जयप्रकाश नरायन को याद करते हुए उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित की। गोष्ठी में उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया गया।
व्यवस्था परिवर्तन मोर्चा की ओर से नगर के अलीनगर स्थित कार्यालय पर जयप्रकाश नरायन की जयंती मनाई गई। वक्ताओं ने उन्हें तानाशाही के खिलाफ लड़ने वाला बहादुर सेनानी बताया। इस मौके पर शमीम मिल्की, महेंद्र यादव, इंद्रजीत शर्मा, शिवराम सिंह चौहान, श्वेता सिद्धिदात्री, केदार यादव, लक्ष्मण चौहान, तनवीर अली, वीर बहादुर मौर्य, श्याम सुंदर यादव ,कृष्णकांत यादव ,तिलकधारी बिंद रहे। अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के सदस्यों ने रविवार को पराहूपुर स्थित कैंप कार्यालय में स्वतंत्रता सेनानी लोकनायक जयप्रकाश नारायण की पुण्यतिथि मनाई। सिविल बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व पूर्व महामंत्री वीरेंद्र प्रताप सिंह दाढ़ी एडवोकेट ने कहा कि अपने जीवन में 11 अक्टूबर, 1902 को जन्मे जयप्रकाश नारायण भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और राजनेता थे। वे समाज-सेवक थे, जिन्हें ‘लोकनायक’ के नाम से भी जाना जाता है। 1999 में उन्हें मरणोपरांत ‘भारत रत्न’से सम्मानित किया गया। उन्हें समाजसेवा के लिए 1965 में मैगससे पुरस्कार प्रदान किया गया। कहा कि संपूर्ण क्रांति के आह्वान में उन्होंने कहा था कि ‘भ्रष्टाचार मिटाना, बेरोजगारी दूर करना, शिक्षा में क्रांति लाना, आदि ऐसी चीजें हैं जो आज की व्यवस्था से पूरी नहीं हो सकतीं क्योंकि वे इस व्यवस्था की ही उपज हैं। इस मौके पर विजय बहादुर सिंह, तारकेश्वर सिंह, बब्बू, बच्चन मिश्र, कमलेश चंद पांडेय, मुन्ना, संतोष श्रीवास्तव, सुनीता चौधरी रहे। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय सचिव शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने वृंदावन कॉलोनी स्थित आवास पर जयप्रकाश नरायन को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान नगर में लोकनायक की प्रतिमा स्थापित करने की मांग की गई।
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व्यवस्था परिवर्तन मोर्चा की ओर से नगर के अलीनगर स्थित कार्यालय पर जयप्रकाश नरायन की जयंती मनाई गई। वक्ताओं ने उन्हें तानाशाही के खिलाफ लड़ने वाला बहादुर सेनानी बताया। इस मौके पर शमीम मिल्की, महेंद्र यादव, इंद्रजीत शर्मा, शिवराम सिंह चौहान, श्वेता सिद्धिदात्री, केदार यादव, लक्ष्मण चौहान, तनवीर अली, वीर बहादुर मौर्य, श्याम सुंदर यादव ,कृष्णकांत यादव ,तिलकधारी बिंद रहे। अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के सदस्यों ने रविवार को पराहूपुर स्थित कैंप कार्यालय में स्वतंत्रता सेनानी लोकनायक जयप्रकाश नारायण की पुण्यतिथि मनाई। सिविल बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व पूर्व महामंत्री वीरेंद्र प्रताप सिंह दाढ़ी एडवोकेट ने कहा कि अपने जीवन में 11 अक्टूबर, 1902 को जन्मे जयप्रकाश नारायण भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और राजनेता थे। वे समाज-सेवक थे, जिन्हें ‘लोकनायक’ के नाम से भी जाना जाता है। 1999 में उन्हें मरणोपरांत ‘भारत रत्न’से सम्मानित किया गया। उन्हें समाजसेवा के लिए 1965 में मैगससे पुरस्कार प्रदान किया गया। कहा कि संपूर्ण क्रांति के आह्वान में उन्होंने कहा था कि ‘भ्रष्टाचार मिटाना, बेरोजगारी दूर करना, शिक्षा में क्रांति लाना, आदि ऐसी चीजें हैं जो आज की व्यवस्था से पूरी नहीं हो सकतीं क्योंकि वे इस व्यवस्था की ही उपज हैं। इस मौके पर विजय बहादुर सिंह, तारकेश्वर सिंह, बब्बू, बच्चन मिश्र, कमलेश चंद पांडेय, मुन्ना, संतोष श्रीवास्तव, सुनीता चौधरी रहे। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय सचिव शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने वृंदावन कॉलोनी स्थित आवास पर जयप्रकाश नरायन को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान नगर में लोकनायक की प्रतिमा स्थापित करने की मांग की गई।
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