{"_id":"60282bfc8ebc3ee97e292dba","slug":"five-hundred-ration-cards-canceled-in-two-months-chandauli-news-vns574545735","type":"story","status":"publish","title_hn":"राशन कार्ड एक्टीवेट कराने के लिए काट रहे चक्कर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राशन कार्ड एक्टीवेट कराने के लिए काट रहे चक्कर
विज्ञापन
पीडीडीयू नगर। एक माह का राशन नहीं लेने या आधार कार्ड से नहीं जुड़े होने के कारण दो माह में पांच सौ से अधिक राशनकार्ड निरस्त कर दिए गये हैं। इस प्रकार तीन वर्षों में लगभग 32 सौ कार्ड निरस्त हो चुके हैं। अब राशन कार्डों को फिर से सूची में शामिल कराने के लिए उपभोक्ता परेशान हैं।
सरकार राशन कार्ड धारकों को सस्ते दर पर गेहूं और चावल उपलब्ध करती है। कोरोना की वजह से देश में लगे लाकडाउन के दौरान राशन कार्डों पर प्रति माह प्रति यूनिट पांच किलो अनाज दिया गया। इससे लोगों को राशन कार्ड का महत्व समझा और बड़े पैमाने पर लोगों ने कार्ड बनवाने के लिए आवेदन किए। दूसरी तरफ विभाग लगातार कार्डों को निरस्त करने लगा। यदि किसी ने एक माह राशन नहीं लिया तो उसके कार्ड को निरस्त कर दिए गया। अब उपभोक्ता राशन कार्ड बनवाने के लिए परेशानी है इसके लिए वे कोटेदार और आपूर्ति कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं। कार्ड धारक कार्ड को एक्टिव कराने के लिए पूर्ति कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं। जिले तीन वर्षों में 32 सौ कार्ड निरस्त हुए हैं। इसमें पांच सौ से अधिक कार्ड इस वर्ष निरस्त हुए हैं। इसमें आधार सीडिंग न होने, राशन न लेने सहित अन्य कारण गिनाए जा रहे हैं। काली महाल के सभासद जितेन्द्र गुप्ता ने कहा कि इसके लिए वे आंदोलन भी कर चुके हैं।
पीडीडीयू नगर। खाद्य एवं रसद विभाग की ओर से जिले में साढ़े तीन लाख से अधिक लोगों को राशनकार्ड जारी किया गया है। इसमें 3200 ऐसे उपभोक्ता हैं जिन्हें सूची से हटा दिया गया है। अब वे फिर से राशन कार्ड की सूची में नाम जुड़वाने के लिए परेशान हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि राशन कार्ड के साथ आधार कार्ड देने के बाद भी कोटेदार नाम नहीं जोड़ रहे हैं। इससे परिवार का भरण पोषण करने में दिक्कत आ रही है।
विज्ञापन
पीडीडीयू नगर के चतुर्भुजपुर मुहल्ला निवासी पूनम देवी का राशन कार्ड अचानक निरस्त कर दिया गया। राशन कार्ड क्यों निरस्त किया गया पता नहीं। इसके बाद से वे राशन कार्ड एक्टिव कराने के लिए चक्कर काट रही हैं।
. काली महाल निवासी अजय कुमार ठेले पर दाना भून कर जीवन यापन करते हैं। इनका राशन कार्ड कोरोना कार्ड में डीएक्टिव कर दिया गया। अब वे इसे ठीक करवाने के लिए लगातार चक्कर काट रहे हैं।
अमोघपुर निवासी सीता देवी पत्नी राम दुकान का राशन कार्ड आधार कार्ड से न जुड़ने के कारण काट दिया गया। सीता देवी के अनुसार इन्होंने कई बार आधार नंबर दिया लेकिन आज तक कार्ड सक्रिय नहीं किया गया।
पीडीडीयू नगर के आनंद नगर निवासी सीमा देवी का राशन कार्ड को भी अचानक निरस्त कर दिया गया। इससे पूरे लाकडाउन के दौरान अत्यंत गरीब परिवार को राशन के लिए दूसरों पर आश्रित होना पड़ा।
जिनका राशन कार्ड निष्क्रिय हो गया है उन्हें सूची में फिर से जोड़ने या सक्रिय करने के लिए आपूर्ति निरीक्षकों और कोटेदारों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ताकि पात्रों के राशन कार्ड को फिर से चालू करा दिया जाए। जिस क्षेत्र में लापरवाही मिलेगी उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
देवेंद्र सिंह, जिलापूर्ति अधिकारी
विज्ञापन
सरकार राशन कार्ड धारकों को सस्ते दर पर गेहूं और चावल उपलब्ध करती है। कोरोना की वजह से देश में लगे लाकडाउन के दौरान राशन कार्डों पर प्रति माह प्रति यूनिट पांच किलो अनाज दिया गया। इससे लोगों को राशन कार्ड का महत्व समझा और बड़े पैमाने पर लोगों ने कार्ड बनवाने के लिए आवेदन किए। दूसरी तरफ विभाग लगातार कार्डों को निरस्त करने लगा। यदि किसी ने एक माह राशन नहीं लिया तो उसके कार्ड को निरस्त कर दिए गया। अब उपभोक्ता राशन कार्ड बनवाने के लिए परेशानी है इसके लिए वे कोटेदार और आपूर्ति कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं। कार्ड धारक कार्ड को एक्टिव कराने के लिए पूर्ति कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं। जिले तीन वर्षों में 32 सौ कार्ड निरस्त हुए हैं। इसमें पांच सौ से अधिक कार्ड इस वर्ष निरस्त हुए हैं। इसमें आधार सीडिंग न होने, राशन न लेने सहित अन्य कारण गिनाए जा रहे हैं। काली महाल के सभासद जितेन्द्र गुप्ता ने कहा कि इसके लिए वे आंदोलन भी कर चुके हैं।
विज्ञापन
पीडीडीयू नगर। खाद्य एवं रसद विभाग की ओर से जिले में साढ़े तीन लाख से अधिक लोगों को राशनकार्ड जारी किया गया है। इसमें 3200 ऐसे उपभोक्ता हैं जिन्हें सूची से हटा दिया गया है। अब वे फिर से राशन कार्ड की सूची में नाम जुड़वाने के लिए परेशान हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि राशन कार्ड के साथ आधार कार्ड देने के बाद भी कोटेदार नाम नहीं जोड़ रहे हैं। इससे परिवार का भरण पोषण करने में दिक्कत आ रही है।
विज्ञापन
पीडीडीयू नगर के चतुर्भुजपुर मुहल्ला निवासी पूनम देवी का राशन कार्ड अचानक निरस्त कर दिया गया। राशन कार्ड क्यों निरस्त किया गया पता नहीं। इसके बाद से वे राशन कार्ड एक्टिव कराने के लिए चक्कर काट रही हैं।
. काली महाल निवासी अजय कुमार ठेले पर दाना भून कर जीवन यापन करते हैं। इनका राशन कार्ड कोरोना कार्ड में डीएक्टिव कर दिया गया। अब वे इसे ठीक करवाने के लिए लगातार चक्कर काट रहे हैं।
अमोघपुर निवासी सीता देवी पत्नी राम दुकान का राशन कार्ड आधार कार्ड से न जुड़ने के कारण काट दिया गया। सीता देवी के अनुसार इन्होंने कई बार आधार नंबर दिया लेकिन आज तक कार्ड सक्रिय नहीं किया गया।
पीडीडीयू नगर के आनंद नगर निवासी सीमा देवी का राशन कार्ड को भी अचानक निरस्त कर दिया गया। इससे पूरे लाकडाउन के दौरान अत्यंत गरीब परिवार को राशन के लिए दूसरों पर आश्रित होना पड़ा।
जिनका राशन कार्ड निष्क्रिय हो गया है उन्हें सूची में फिर से जोड़ने या सक्रिय करने के लिए आपूर्ति निरीक्षकों और कोटेदारों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ताकि पात्रों के राशन कार्ड को फिर से चालू करा दिया जाए। जिस क्षेत्र में लापरवाही मिलेगी उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
देवेंद्र सिंह, जिलापूर्ति अधिकारी