फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   FIR against former block pramukh and three others accused of molestation and murder of teenager dead in chandauli

चंदौली में किशोरी की संदिग्ध मौतः पूर्व प्रमुख सहित तीन पर सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का केस दर्ज

Sat, 17 Jul 2021 10:36 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली
अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sat, 17 Jul 2021 10:36 PM IST
सार

चंदौली जिले के बबूरी थाना क्षेत्र की किशोरी की 12 जून को सोनभद्र में लाश मिली थी। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया था, साथ ही किशोरी का पोस्टमार्टम नहीं किया। परिजनों ने न्यायालय में गुहार लगाई थी। जिसके बाद पाक्सो कानून के तहत गठित विशेष न्यायालय ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।

विज्ञापन
FIR against former block pramukh and three others accused of molestation and murder of teenager dead in chandauli
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala

विस्तार

न्यायालय के आदेश पर चंदौली जिले के बबुरी थाना क्षेत्र की किशोरी की संदिग्ध हालात में हुई मौत के मामले में पुलिस ने चकिया के पूर्व ब्लॉक प्रमुख शिवेंद्र सिंह, उनके करीबी अजय पाठक और एक अज्ञात के खिलाफ 14 जुलाई को सामूहिक दुष्कर्म, हत्या और अन्य संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले की जांच की मांग पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी कई बार कर चुके थे। पूर्व प्रमुख भाजपा से जुड़ा रहा है। 

विज्ञापन


बबुरी क्षेत्र के एक गांव निवासी मृत किशोरी के दादा के मुताबिक 12 जून को उनकी पोती पूर्व ब्लाक प्रमुख शिवेंद्र सिंह, के करीबी अजय पाठक के घर झाड़ू पोछा करने गई थी। फिर नहीं लौटी। दूसरे दिन सोनभद्र जिले की सुकृत पुलिस ने फोन कर बताया कि किशोरी गंभीर अवस्था में मिली है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन


आरोप लगाया कि आरोपियों ने दबाव बना कर बिना पोस्टमार्टम के ही किशोरी का शव अस्पताल से ले लिया और पिता से शव का जल प्रवाह भी करा दिया। इस मामले में शिकायत के बाद भी पुलिस के कार्रवाई नहीं करने पर दादा ने पॉक्सो एक्ट के तहत गठित विशेष न्यायालय में गुहार लगाई थी। इस संदर्भ में चकिया सीओ प्रीति तिवारी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर दुष्कर्म और हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विवेचना की जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

पूर्व आईपीएस ने की सीबीआई जांच की मांग

पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर और डॉ. नूतन ठाकुर ने किशोरी की संदिग्ध हाल में हुई मौत के मामले में दर्ज मुकदमे की विवेचना सीबीआई से कराने की मांग की है। अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग को भेजे पत्र में उन्होंने कहा कि किशोरी की गत 12 जून की रात जिला चिकित्सालय सोनभद्र में मौत होने और बिना पोस्टमार्टम अस्पताल से लाश देने सहित तमाम संदिग्ध तथ्यों के आधार पर एफआईआर दर्ज कर दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की कई बार मांग की थी, मगर किसी अफसर ने इनका संज्ञान नहीं लिया।

किशोरी के दादा ने स्पेशल कोर्ट (पॉक्सो एक्ट) चंदौली के समक्ष धारा 156(3) सीआरपीसी में वाद दायर किया। उसमें थाना बबुरी ने अपनी चार जुलाई की आख्या में दोषियों के बचाव का पूरा प्रयास किया, जो कोर्ट के आदेश में भी लिखा है। लेकिन, कोर्ट ने उस आख्या को पूरी तरह दरकिनार करते हुए एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए।

इसके बाद भी सात दिन तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। अंत में 14 जुलाई को एफआईआर दर्ज हुई। अमिताभ और नूतन ने आरोप लगाया कि इस मामले में चंदौली पुलिस अभी तक अभियुक्तों के पक्ष में काम कर रही है। चंदौली पुलिस की अब तक की कार्यप्रणाली से स्पष्ट है कि इस मामले में उनके स्तर से न्याय संभव नहीं है। अत: मामला सीबीआई को सौंपा जाना जरूरी है।

पोती को न्याय दिलाने हर चौखट पहुंच रहे दादा

जब आरोपी रसूखदार हों तो किसी कमजोर को न्याय मिलना कितना कठिन है यह बबुरी थाना क्षेत्र निवासी मृत किशोरी के दादा के संघर्ष से समझा जा सकता है। वह पोती को न्याय दिलाने के लिए हर चौखट पहुंच रहे हैं। उनका कहना है कि आरोपियों ने रसूख का इस्तेमाल कर किशोरी के शव का पोस्टमार्टम नहीं होने दिया।  

मृत किशोरी के दादा के मुताबिक उसकी पोती पूर्व ब्लॉक प्रमुख शिवेंद्र सिंह के करीबी अजय पाठक के घर झाड़ू पोछा करती थी। 12 जून को वह अजय पाठक  के घर पर काम करने गई थी। दूसरे दिन उसके सोनभद्र में होने की सूचना सुकृत पुलिस से मिली। दादा के अनुसार कि सूचना के बाद शिवेंद्र सिंह और अजय पाठक किशोरी के माता पिता को लेकर अपने वाहन से उसका शव लाने सोनभद्र गए थे।

पोती के शव पर भूसा लगा हुआ था। साफ था कि उसकी मौत स्वाभाविक नहीं थी। आरोप लगाया कि दुष्कर्म के बाद उसे जहर दे दिया गया था। आरोपियों के दबाव में संदिग्धहाल में मौत के बाद भी डाक्टरों या पुलिस की ओर से शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। जबकि नियमत: पोस्टमार्टम कराना जरूरी था।

पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने इस मामले में कई सवाल उठाए। उधर, दादा ने आईजी के यहां प्रार्थना पत्र देकर इस मामले प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की। इससे एक बारगी मामला तूल पकड़ता दिखा तो किशोरी के पिता ने पुलिस अधीक्षक से मिल कर कहा कि पूर्व प्रमुख ने हमारी मदद की। इस पर पुलिस फिर ठंडी पड़ गई। इसके बाद दादा ने पॉक्सो कानून के तहत गठित विशेष न्यायालय में गुहार लगाई थी। कोर्ट के आदेश के एक सप्ताह बाद 14 जुलाई को बबुरी थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है।   
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed