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रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला पिता पुत्र गिरफ्तार
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चहनियां। क्षेत्र के युवाओं से रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने के आरोपी पिता पुत्र को बलुआ पुलिस ने सराय टेढी पुलिया के पास से मंगलवार की शाम पौने चार बजे गिरफ्तार किया। दोनों के पास से स्कार्पियो, लेन देन की पर्ची,दो एटीएम कार्ड, 5250 रुपये नगद बरामद हुए।
पुलिस के अनुसार पिता पुत्र रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से पांच से दस लाख रुपये लेते और फर्जी ज्वाइनिंग लेटर थमा देते थे। बुधवार को दोनों का चालान कर दिया गया। बलुआ थानाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह ने बताया कि लंबे समय से रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की शिकायत मिल रही थी। लोगों की शिकायत पर रैया निवासी पारस नाथ सिंह यादव और उसके पुत्र भुपेन्द्र यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर खोजबीन की जा रही थी।
मंगलवार की शाम पौने चार बजे स्टेट बैंक की शाखा चंदौली से पारसनाथ सिंह और बुधवार की सुबह साढ़े दस बजे पुत्र भुपेन्द्र यादव को सरांय टेढ़ी पुलिया के पास से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पारस यादव ने बताया कि वह 1995 में सेना मे सैनिक पद पर भर्ती हुआ और वर्ष 2012 मे सेवानिवृत्त हो गया। इसके बाद सिद्धार्थनगर में बैंक में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करने लगा। उसी समय सिद्धार्थनगर से घर आते जाते समय ट्रेन में ही अर्जुन सिंह साहोपार महदेवा थाना भटनी, देवरिया से मुलाकात हुई। बात-बात मे ही उसने बताया की भारतीय रेलवे भर्ती बोर्ड दिल्ली में उसका कोई परिचित है। इसके बाद उसके सहयोग से अपने गांव के कई लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर पांच से दस लाख रुपये लिए। कई लोगों का रेलवे का फर्जी ज्वाईनिंग लेटर भी दिया है। कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
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रिपोर्ट-छोटेलाल पांडेय
संपादन- कृष्ण मुरारी मिश्र
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पुलिस के अनुसार पिता पुत्र रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से पांच से दस लाख रुपये लेते और फर्जी ज्वाइनिंग लेटर थमा देते थे। बुधवार को दोनों का चालान कर दिया गया। बलुआ थानाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह ने बताया कि लंबे समय से रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की शिकायत मिल रही थी। लोगों की शिकायत पर रैया निवासी पारस नाथ सिंह यादव और उसके पुत्र भुपेन्द्र यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर खोजबीन की जा रही थी।
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मंगलवार की शाम पौने चार बजे स्टेट बैंक की शाखा चंदौली से पारसनाथ सिंह और बुधवार की सुबह साढ़े दस बजे पुत्र भुपेन्द्र यादव को सरांय टेढ़ी पुलिया के पास से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पारस यादव ने बताया कि वह 1995 में सेना मे सैनिक पद पर भर्ती हुआ और वर्ष 2012 मे सेवानिवृत्त हो गया। इसके बाद सिद्धार्थनगर में बैंक में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करने लगा। उसी समय सिद्धार्थनगर से घर आते जाते समय ट्रेन में ही अर्जुन सिंह साहोपार महदेवा थाना भटनी, देवरिया से मुलाकात हुई। बात-बात मे ही उसने बताया की भारतीय रेलवे भर्ती बोर्ड दिल्ली में उसका कोई परिचित है। इसके बाद उसके सहयोग से अपने गांव के कई लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर पांच से दस लाख रुपये लिए। कई लोगों का रेलवे का फर्जी ज्वाईनिंग लेटर भी दिया है। कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
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रिपोर्ट-छोटेलाल पांडेय
संपादन- कृष्ण मुरारी मिश्र