{"_id":"6a4ab4c945b744fa0a0d812f","slug":"farmers-took-out-a-foot-march-in-protest-against-the-vindhya-expressway-chandauli-news-c-189-1-svns1010-150987-2026-07-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandauli News: विंध्य एक्सप्रेसवे के विरोध में किसानों ने निकाली पदयात्रा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandauli News: विंध्य एक्सप्रेसवे के विरोध में किसानों ने निकाली पदयात्रा
विज्ञापन
चंदौली में पदयात्रा निकालते किसान। स्रोत:-जागरूक पाठक
चंदौली। विकास खंड चंदौली क्षेत्र में प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में रविवार को किसानों ने जिला पंचायत सदस्य रमेश यादव के नेतृत्व में पदयात्रा निकाली। इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परियोजना को निरस्त करने की मांग उठाई।
पदयात्रा पिपरपतियां, प्रतापपुर, फत्तेपुर कला, नारायणपुर होते हुए विजयपुर तक निकाली गई। किसानों का आरोप है कि परियोजना के लिए उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित होगी।
जिला पंचायत सदस्य रमेश यादव ने कहा कि यदि विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना लागू होती है तो चंदौली के ‘धान का कटोरा’ कहे जाने वाले क्षेत्र का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले ही भारतमाला परियोजना, राष्ट्रीय राजमार्ग-219 तथा ग्रीन परियोजना के लिए बड़ी मात्रा में भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है। ऐसे में सीमांत किसानों और सिंचित उपजाऊ भूमि के हितों को देखते हुए सरकार को इस परियोजना पर पुनर्विचार कर इसे निरस्त करना चाहिए।
विज्ञापन
पदयात्रा में निठौहर प्रजापति, श्यामदेव पासवान, गंगा दयाल यादव, मुकेश यादव, वीरेंद्र कुमार, सदानंद, रमेश यादव, नंदा यादव, संजीव कुमार, सोनू, गोल्डेन, छन्नू, उपेंद्र, अमित कुमार, संदीप, योगेंद्र, अधिवक्ता संतोष कुमार, महेंद्र यादव, विनोद कुमार सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे।
विज्ञापन
पदयात्रा पिपरपतियां, प्रतापपुर, फत्तेपुर कला, नारायणपुर होते हुए विजयपुर तक निकाली गई। किसानों का आरोप है कि परियोजना के लिए उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित होगी।
विज्ञापन
जिला पंचायत सदस्य रमेश यादव ने कहा कि यदि विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना लागू होती है तो चंदौली के ‘धान का कटोरा’ कहे जाने वाले क्षेत्र का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले ही भारतमाला परियोजना, राष्ट्रीय राजमार्ग-219 तथा ग्रीन परियोजना के लिए बड़ी मात्रा में भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है। ऐसे में सीमांत किसानों और सिंचित उपजाऊ भूमि के हितों को देखते हुए सरकार को इस परियोजना पर पुनर्विचार कर इसे निरस्त करना चाहिए।
विज्ञापन
पदयात्रा में निठौहर प्रजापति, श्यामदेव पासवान, गंगा दयाल यादव, मुकेश यादव, वीरेंद्र कुमार, सदानंद, रमेश यादव, नंदा यादव, संजीव कुमार, सोनू, गोल्डेन, छन्नू, उपेंद्र, अमित कुमार, संदीप, योगेंद्र, अधिवक्ता संतोष कुमार, महेंद्र यादव, विनोद कुमार सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे।