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किसानों ने जमीन का मुआवजा मांगा
ब्यूरो/ अमरउजाला, चंदौली
Updated Wed, 20 Apr 2016 01:24 AM IST
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एडीएम का पुतला फूंकते किसान।
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क्षेत्र के छीतो गांव में किसानों ने फ्रेट कारीडोर मामले में जमीन अधिग्रहण को लेकर धरना दिया । मंगलवार को धरनास्थल पर शासन-प्रशासन को जमकर कोसा और विरोध स्वरूप एडीएम का फूंका। चेताया कि यदि शीघ्र हम सभी की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा।
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि रेल परियोजना फ्रेट कॉरिडोर के कारण जनपद के सैकड़ों किसानों की भूमि अधिग्रहीत की गई है। रेलवे ने किसानों को जबरन उनके भूमि से हटा दिया, लेकिन किसानों को मुआवजा नहीं दिया। किसानों व रेलवे के बीच जो समझौता हुआ था उसके तहत किसानों को जो लाभ मिलना चाहिए, किसान आज भी उससे वंचित है। आलम यह है कि किसान पांच वर्षों तक अपने हक के लिए सरकारी दफ्तरों का चक्कर काटते रहे, लेकिन किसानों की एक न सुनी गई। प्रशासनिक अधिकारी हमारी समस्या को सुझलाने का प्रयास नहीं कर रहे हैं। प्रशासनिक अमला मामले को सुलझाने की बजाय उसे उलझाने का प्रयास कर रहा है।
किसान अब किसी भी हाल में प्रशासनिक उपेक्षा बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस मौके पर शशिकांत सिंह, किस्मत यादव आदि उपस्थित रहे।
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इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि रेल परियोजना फ्रेट कॉरिडोर के कारण जनपद के सैकड़ों किसानों की भूमि अधिग्रहीत की गई है। रेलवे ने किसानों को जबरन उनके भूमि से हटा दिया, लेकिन किसानों को मुआवजा नहीं दिया। किसानों व रेलवे के बीच जो समझौता हुआ था उसके तहत किसानों को जो लाभ मिलना चाहिए, किसान आज भी उससे वंचित है। आलम यह है कि किसान पांच वर्षों तक अपने हक के लिए सरकारी दफ्तरों का चक्कर काटते रहे, लेकिन किसानों की एक न सुनी गई। प्रशासनिक अधिकारी हमारी समस्या को सुझलाने का प्रयास नहीं कर रहे हैं। प्रशासनिक अमला मामले को सुलझाने की बजाय उसे उलझाने का प्रयास कर रहा है।
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किसान अब किसी भी हाल में प्रशासनिक उपेक्षा बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस मौके पर शशिकांत सिंह, किस्मत यादव आदि उपस्थित रहे।