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गेहूं खरीद नीति के विरोध में उतरे किसान

Tue, 20 Apr 2021 07:19 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 20 Apr 2021 07:19 PM IST
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Farmers come out against the wheat procurement policy
धीना। सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने की प्रक्रिया इस वर्ष इतनी जटिल कर दी गई है कि किसान सरकार की इस नीति के विरोध में उतर आए हैं। भाजपा बरहनी मंडल के उपाध्यक्ष मोहन राय ने आरोप लगाया कि एक माह पहले से कुछ किसानों का सत्यापन के बाद खरीद करने का नंबर लगा है जबकि भैंसउर निवासी किसान विनोद राय, फणींद्र राय, काशीनाथ, बालकृष्ण सहित अन्य किसानों के सत्यापन के लिए 10 अप्रैल को ही कागज जमा कर दिया गया था परंतु अभी तक सत्यापन नहीं हो सका है। बताया कि रजिस्ट्रेशन के बाद सत्यापन कराने में किसानों को सुविधा शुल्क भी देना पड़ रहा है। इससे परेशान किसानों को गेहूं बेचने के लिए रोज कार्यालयों का चक्कर काटना पड़ रहा है। डिग्घी गांव निवासी किसान कामेश्वर राय, आलोक राय, अरविंद राय, लवकुश राय, श्यामसुंदर यादव, बनारसी यादव, रामलाल प्रजापति, मनीष राय, प्रिंस राय आदि किसानों का कहना है कि सरकार की नीति किसान विरोधी है। इस सरकार में सबसे ज्यादा विवश किसानों को ही देखा जा रहा है। उन्होंने गेहूं क्रय की प्रक्रिया को सरल करने की मांग की है।
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