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Chandauli News: श्रीअन्न की खेती से आमदनी बढ़ा सकते हैं किसान
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चंदौली। किसानों की आमदनी बढ़ाने और लोगों को पोषणयुक्त आहार उपलब्ध कराने के लिए श्रीअन्न की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
इसी क्रम में शुक्रवार को कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में जनपद स्तरीय मिलेट्स महोत्सव, खरीफ उत्पादकता गोष्ठी और आत्मा कृषक भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें किसानों को ज्वार, बाजरा, सांवा, कोदो और कुटकी की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ एडीएम (न्यायिक) रतन वर्मा ने किया। उन्होंने विभिन्न विभागों के स्टालों का अवलोकन किया। कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र रघुवंशी ने मिलेट्स की उत्पादन तकनीक और उनके लाभ बताए। उद्यान विभाग के शीतल वर्मा ने फल, फूल और सब्जियों की खेती तथा कीट-रोग नियंत्रण की जानकारी दी।
बीज विकास निगम, वाराणसी के डॉ. योगेंद्र यादव ने फसल विविधीकरण अपनाने पर जोर दिया। रमेश सिंह ने मक्का, तिलहनी फसलों, मिलेट्स और डीएसआर विधि से धान की सीधी बुवाई की जानकारी दी। अवर अभियंता मनासिंह कुशवाहा ने सिंचाई की सुविधा के लिए सोलर पंप लगाने के लिए प्रेरित किया।
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उप कृषि निदेशक ने श्रीअन्न के पोषण एवं औषधीय गुणों की जानकारी देते हुए जैविक और प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की।
कार्यक्रम में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी के प्रतिनिधि, कृषि वैज्ञानिक, विभागीय कर्मचारी और प्रगतिशील किसान रतन सिंह, रिपुसूदन पांडेय, रमेश सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे। उप कृषि निदेशक ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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इसी क्रम में शुक्रवार को कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में जनपद स्तरीय मिलेट्स महोत्सव, खरीफ उत्पादकता गोष्ठी और आत्मा कृषक भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें किसानों को ज्वार, बाजरा, सांवा, कोदो और कुटकी की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ एडीएम (न्यायिक) रतन वर्मा ने किया। उन्होंने विभिन्न विभागों के स्टालों का अवलोकन किया। कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र रघुवंशी ने मिलेट्स की उत्पादन तकनीक और उनके लाभ बताए। उद्यान विभाग के शीतल वर्मा ने फल, फूल और सब्जियों की खेती तथा कीट-रोग नियंत्रण की जानकारी दी।
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बीज विकास निगम, वाराणसी के डॉ. योगेंद्र यादव ने फसल विविधीकरण अपनाने पर जोर दिया। रमेश सिंह ने मक्का, तिलहनी फसलों, मिलेट्स और डीएसआर विधि से धान की सीधी बुवाई की जानकारी दी। अवर अभियंता मनासिंह कुशवाहा ने सिंचाई की सुविधा के लिए सोलर पंप लगाने के लिए प्रेरित किया।
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उप कृषि निदेशक ने श्रीअन्न के पोषण एवं औषधीय गुणों की जानकारी देते हुए जैविक और प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की।
कार्यक्रम में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी के प्रतिनिधि, कृषि वैज्ञानिक, विभागीय कर्मचारी और प्रगतिशील किसान रतन सिंह, रिपुसूदन पांडेय, रमेश सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे। उप कृषि निदेशक ने धन्यवाद ज्ञापित किया।