{"_id":"60bbbb248ebc3e282f50111a","slug":"farmers-burn-copies-of-agricultural-laws-chandauli-news-vns593167661","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों ने जलाई कृषि कानूनों की प्रतियां, पानी भरे गड्ढे में रोपा धान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों ने जलाई कृषि कानूनों की प्रतियां, पानी भरे गड्ढे में रोपा धान
विज्ञापन
पीडीडीयू नगर। नए कृषि कानूनों के विरोध में कानून की प्रतियां जलाने की सूचना के बाद प्रशासन सतर्क हो गया और किसान नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया। बावजूद इसके किसानों ने जगह जगह प्रदर्शन किए। कृषि कानून की प्रतियां जलाई और कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
किसान संगठनों ने नए कृषि कानूनों की प्रतियां जलाने की घोषणा की थी। इस सूचना के बाद शनिवार को किसान नेता केदार यादव को उनके बसनी स्थित आवास पर हाउस अरेस्ट कर लिया। इस दौरान केदार यादव ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की सरकार में किसान ही नहीं बल्कि आम लोग त्रस्त हैं। केंद्र सरकार तीनों काले कानून लाकर किसानों को बर्बाद करने पर तुली है।
इस मौके पर पूर्व प्रधान श्याम बिहारी, मुलायम यादव, विकास यादव रहे। चकिया संवाददाता के अनुसार किसान कानून के खिलाफ आंदोलन की सूचना पर शनिवार को आइपीएफ के राज्य कार्य समिति सदस्य अजय राय को घर पर ही रोक लिया गया। अजय राय ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा ने शनिवार को ‘संपूर्ण क्रांति आंदोलन‘ मनाने की घोषणा की थी लेकिन हम लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं अखिल भारतीय किसान सभा के मंत्री लालचंद सिंह यादव को भी पुलिस ने हाउस अरेस्ट रखा।
विज्ञापन
इस पर उन्होंने घर पर ही प्रदर्शन किया। वहीं किसान सभा के जिला अध्यक्ष परमानंद को भी घर पर हाउस अरेस्ट रहे। वहीं संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान पर भाकपा (माले) जिला सचिव अनिल पासवान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पुलिस की घेराबंदी तोड़ कर चकिया तहसील मुख्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने तीनों कानूनों को रद्द करने के लिए प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम अजय मिश्र को सौंपा। इस मौके पर रमेश चौहान, रामायण राम, विक्रमा चौहान रहे।
सकलडीहा। किसान यूनियन के बैनरतले किसानों ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ नागेपुर गांव में कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर के आवास के समीप कृषि कानून की प्रतियां जलाई। वहीं पानी भरे गड्ढे में धान की रोपाई कर विरोध जताया। इसके पूर्व कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर के आवास पर पुलिस की तैनाती की गई।
इस दौरान किसानों ने आरोप लगाया कि पिछले छह माह से किसान किसान बिल के विरोध में धरनारत है। कई किसानों की मौत हो गई। इसके बाद भी केंद्र और प्रदेश की सरकार पूंजीपतियों के आगे मौन है। चेताया कि जब तक किसान बिल वापस नही होता है तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर मंडल अध्यक्ष जितेन्द्र तिवारी, विभूति नारायण तिवारी, विजेन्द्र तिवारी, मनोज यादव, विकास तिवारी, जोखन, रामअवतार सिंह, सुल्तान अहमद रहे।
चंदौली। किसान विरोधी काले कृषि कानून को रद्द करने व न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी को कानून बनाने जैसी सशक्त मांग को लेकर जनपद के विभिन्न संगठनों ने काला दिवस मनाया। इस दौरान किसान मोर्चा के आह्वान पर अखिल भारतीय किसान महासभा ने बिछियां धरनास्थल पर कृषि कानून की प्रतियों का दहन कर मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद धरना स्थल पर सभा पर केंद्र सरकार को जमकर खरोखोटी सुनाई। वही धरना स्थल के आसपास काफी संख्या में पुलिस बल तैनात रही। इस मौके पर त्रिभुवन मौर्य, कृष्णकांत यादव, अच्छेलाल सोनकर, राजू सोनकर, रविकांत, मनीष, विकास, दीपक, धर्मेंद्र रहे। अध्यक्षता किस्मत यादव ने की।
विज्ञापन
किसान संगठनों ने नए कृषि कानूनों की प्रतियां जलाने की घोषणा की थी। इस सूचना के बाद शनिवार को किसान नेता केदार यादव को उनके बसनी स्थित आवास पर हाउस अरेस्ट कर लिया। इस दौरान केदार यादव ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की सरकार में किसान ही नहीं बल्कि आम लोग त्रस्त हैं। केंद्र सरकार तीनों काले कानून लाकर किसानों को बर्बाद करने पर तुली है।
विज्ञापन
इस मौके पर पूर्व प्रधान श्याम बिहारी, मुलायम यादव, विकास यादव रहे। चकिया संवाददाता के अनुसार किसान कानून के खिलाफ आंदोलन की सूचना पर शनिवार को आइपीएफ के राज्य कार्य समिति सदस्य अजय राय को घर पर ही रोक लिया गया। अजय राय ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा ने शनिवार को ‘संपूर्ण क्रांति आंदोलन‘ मनाने की घोषणा की थी लेकिन हम लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं अखिल भारतीय किसान सभा के मंत्री लालचंद सिंह यादव को भी पुलिस ने हाउस अरेस्ट रखा।
विज्ञापन
इस पर उन्होंने घर पर ही प्रदर्शन किया। वहीं किसान सभा के जिला अध्यक्ष परमानंद को भी घर पर हाउस अरेस्ट रहे। वहीं संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान पर भाकपा (माले) जिला सचिव अनिल पासवान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पुलिस की घेराबंदी तोड़ कर चकिया तहसील मुख्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने तीनों कानूनों को रद्द करने के लिए प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम अजय मिश्र को सौंपा। इस मौके पर रमेश चौहान, रामायण राम, विक्रमा चौहान रहे।
सकलडीहा। किसान यूनियन के बैनरतले किसानों ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ नागेपुर गांव में कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर के आवास के समीप कृषि कानून की प्रतियां जलाई। वहीं पानी भरे गड्ढे में धान की रोपाई कर विरोध जताया। इसके पूर्व कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर के आवास पर पुलिस की तैनाती की गई।
इस दौरान किसानों ने आरोप लगाया कि पिछले छह माह से किसान किसान बिल के विरोध में धरनारत है। कई किसानों की मौत हो गई। इसके बाद भी केंद्र और प्रदेश की सरकार पूंजीपतियों के आगे मौन है। चेताया कि जब तक किसान बिल वापस नही होता है तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर मंडल अध्यक्ष जितेन्द्र तिवारी, विभूति नारायण तिवारी, विजेन्द्र तिवारी, मनोज यादव, विकास तिवारी, जोखन, रामअवतार सिंह, सुल्तान अहमद रहे।
चंदौली। किसान विरोधी काले कृषि कानून को रद्द करने व न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी को कानून बनाने जैसी सशक्त मांग को लेकर जनपद के विभिन्न संगठनों ने काला दिवस मनाया। इस दौरान किसान मोर्चा के आह्वान पर अखिल भारतीय किसान महासभा ने बिछियां धरनास्थल पर कृषि कानून की प्रतियों का दहन कर मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद धरना स्थल पर सभा पर केंद्र सरकार को जमकर खरोखोटी सुनाई। वही धरना स्थल के आसपास काफी संख्या में पुलिस बल तैनात रही। इस मौके पर त्रिभुवन मौर्य, कृष्णकांत यादव, अच्छेलाल सोनकर, राजू सोनकर, रविकांत, मनीष, विकास, दीपक, धर्मेंद्र रहे। अध्यक्षता किस्मत यादव ने की।