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Chandauli News: बिजली का बिल देखकर किसान को आया हार्ट अटैक
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धीना। बिजली विभाग ने चार लाख 70 हजार रुपये का बिल डाक से भेज दिया। बिल देखते ही नूरी गांव निवासी जयशंकर सिंह (70) को हृदय घात हो गया। उनको वाराणसी के निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। बाद में उन्हें कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
उनके पुत्र राकेश सिंह ने बताया कि जयशंकर ने छह वर्ष पूर्व ही एक लाख 11 हजार रुपये का बिल जमा किया था। उसे विभाग ने दर्ज ही नहीं किया। अब डाक से चार लाख 70 हजार 473 रुपये का बिल भेज दिया। बिल के बारे में पता चलते ही उनके पिता बेहोश होकर गिर गए। उन्हें वाराणसी के एक निजी चिकित्सालय ले जाया गया। वहां से कोलकाता ले जाकर में भर्ती कराया गया है।
राकेश सिंह ने बताया कि ओटीएस के माध्यम से 2017 में एक लाख 11 हजार रुपये का बिल चार किस्तों में जमा किया गया था। उसकी रसीद है। मगर यह राशि अब तक विभाग के खाते में दर्ज नहीं की गई। उनके पिता कई बार रसीद लेकर अधिशासी अभियंता मुगलसराय दफ्तर गए। तीन वर्षों तक दौड़ने के बाद भी जमा रकम खाते में दर्ज नहीं की गई। सोमवार की सुबह बिजली विभाग की ओर से रजिस्टर्ड डाक से मिला। उस पर बकाया राशि चार लाख 70 हजार 473 अंकित थी।
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भारतीय किसान यूनियन के नेता राजेश कुमार सिंह ने कहा कि अधिशसी अभियंता सकलडीहा बात करने का प्रयास किया जा रहा है। पं.कमलापति त्रिपाठी जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आर.के.वर्मा ने बताया कि एकाएक तनाव की स्थिति पैदा होने पर हृदयघात हो सकता है।
अधिशासी अभियंता नीरज कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में है। कोई लापरवाही और गड़बड़ी हुई है तो बिल को लेकर लोग आएं। एक सप्ताह के अंदर बिल को ठीक करा दिया जाएगा।
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उनके पुत्र राकेश सिंह ने बताया कि जयशंकर ने छह वर्ष पूर्व ही एक लाख 11 हजार रुपये का बिल जमा किया था। उसे विभाग ने दर्ज ही नहीं किया। अब डाक से चार लाख 70 हजार 473 रुपये का बिल भेज दिया। बिल के बारे में पता चलते ही उनके पिता बेहोश होकर गिर गए। उन्हें वाराणसी के एक निजी चिकित्सालय ले जाया गया। वहां से कोलकाता ले जाकर में भर्ती कराया गया है।
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राकेश सिंह ने बताया कि ओटीएस के माध्यम से 2017 में एक लाख 11 हजार रुपये का बिल चार किस्तों में जमा किया गया था। उसकी रसीद है। मगर यह राशि अब तक विभाग के खाते में दर्ज नहीं की गई। उनके पिता कई बार रसीद लेकर अधिशासी अभियंता मुगलसराय दफ्तर गए। तीन वर्षों तक दौड़ने के बाद भी जमा रकम खाते में दर्ज नहीं की गई। सोमवार की सुबह बिजली विभाग की ओर से रजिस्टर्ड डाक से मिला। उस पर बकाया राशि चार लाख 70 हजार 473 अंकित थी।
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भारतीय किसान यूनियन के नेता राजेश कुमार सिंह ने कहा कि अधिशसी अभियंता सकलडीहा बात करने का प्रयास किया जा रहा है। पं.कमलापति त्रिपाठी जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आर.के.वर्मा ने बताया कि एकाएक तनाव की स्थिति पैदा होने पर हृदयघात हो सकता है।
अधिशासी अभियंता नीरज कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में है। कोई लापरवाही और गड़बड़ी हुई है तो बिल को लेकर लोग आएं। एक सप्ताह के अंदर बिल को ठीक करा दिया जाएगा।