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खरीद के अखिरी दिन भी सुनसान रहे गेंहूं क्रय केंद्र
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पीडीडीयू नगर/चंदौली। जनपद में किसानों के गेहूं खरीद को लेकर भले ही जिला प्रशासन पूरी तैयारी पूर्ण कर लिया था लेकिन इस बार गेहूं की खरीद लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 11 प्रतिशत पर सिमटकर रह गई है। खरीद के आखिरी दिन बुधवार को भी क्रय केंद्र सुनसान रहे। जिले में 83 हजार मिट्रिक टन खरीद के लक्ष्य के सापेक्ष मात्र नौ हजार मिट्रिक टन गेहूं की खरीदारी हुई। इस बार किसानों ने क्रय केंद्रों को छोड़ व्यापारियों को अपना गेहूं बेचने में ज्यादा रुचि दिखाई है। इससे कई क्रेंद्र बंद करने पड़े अथवा उनपर ताला लटकता रहा।
शासन के निर्देशानुसार जिले में 57 सरकारी गेहूं क्रय केंद्र खोले गए थे। इन केंद्रों पर गेहूं की 83 हजार मिट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा गया था लेकिन खरीद बंद होने की तिथि तक मात्र नौ हजार मिट्रिक टन गेहूं की खरीदारी ही हो पाई है। प्रतिशत की बात की जाए तो विभाग लक्ष्य की तुलना में मात्र 11 प्रतिशत गेहूं की ही खरीदारी कर पाया है। आंकड़ों के अनुसार केवल 2057 किसानों ने अपना गेहूं क्रय केंद्रों पर बेचा है जबकि इनकी संख्या ढाई लाख के करीब है। इससे साबित होता है कि अधिकांश किसानों ने अपना गेहूं गांव में ही व्यापारियों के हाथों बेच दिया है। क्रय केंद्रों पर रजिस्ट्रेशन कराने व गेहूं बेचने वाले वाले 2057 किसानों में 1900 किसानों का भुगतान कर दिया गया है। क्रयकेंद्रों पर गेहूं बेचने में किसानों को परेशानियां भी उठानी पड़ी। व्यवस्था न होने के कारण कई किसानों के गेहूं बारिश के दौरान भीगकर बर्बाद हो गए। वहीं बोरे व कांटे की समस्या भी बनी रही। कई स्थानों से गेहूं में कटौती की शिकायत भी आई। इन्हीं सब कारणों से किसान क्रय केंद्रों तक नहीं पहुंचे। वहीं व्यापारी उनके गेहूं की खरीद खलिहानों से ही करने के साथ नगद भुगतान करते रहे जिससे किसानों ने उन्हें ही अपना गेहूं बेचा।
कमालपुर। क्षेत्र के चार साधन सहकारी समितियों ढोढियां, बभनियांव, एवती व अवहीं में क्रय केंद्र खोले गए थे। इन केंद्रों पर काफी कम किसान पहुंचे जिससे केंद्र लक्ष्य से काफी पीछे रह गए। गेहूं क्रय के अंतिम दिन अवहीं समिति पर 130 व ढोढियां पर 707 कुंतल 50 किलो गेहूं की खरीद हो पाई है। केंद्र सचिव फतेह बहादुर सिंह ने बताया कि एक माह बाद केंद्र खुलने और देर से बोरा मिलने से खरीद लक्ष्य के सापेक्ष काफी कम हुई है। वहीं व्यापारियों से अच्छा रेट मिलने से भी किसान क्रय केंद्रों पर नहीं पहुंचे। वहीं बभनियांव स्थित साधन सहकारी समिति पर 850 व साधन सहकारी समिति अवहीं पर 18 सौ कुंतल गेहूं की खरीद हुई है। केंद्र प्रभारी नवीन सिंह ने बताया कि व्यापारी अच्छा मूल्य देकर किसानों के घर व खलिहान से ही गेहूं का उठान कर लेते थे। संवाद
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नियामताबाद। विकासखंड क्षेत्र में गेहूं खरीद के लिए सेमरा विपणन केंद्र में मात्र चाढे़ चार सौ कुंतल गेहूं की खरीद हुई है। केंद्र प्रभारी विवेक सहाय ने बताया कि इस बार गेहूं खरीद के लिए लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया था। बाजार में गेहूं 2100 सौ रुपये कुंतल के भाव से बिका जबकि सरकारी रेट 2015 रुपये कुंतल ही था। इससे काफी किसान केंद्र पर पहुंचे ही नहीं हालांकि जो पहुंचे उनके गेहूं की खरीद हुई है। अब तक साढ़े चार सौ कुंतल गेहूं खरीद केंद्र पर हुई है। दूसरा केंद्र नियामताबाद गांव में खोला जाना था जो अंतिम तिथि तक खुला ही नहीं। संवाद
कंदवा। क्षेत्र में चिरईगांव और अरंगी में पीसीयू के क्रय केंद्र खुले थे। चिरईगांव में आखिरी दिन तक मात्र आठ सौ व अरंगी में करीब ढाई हजार कुंतल गेहूं की खरीद की गई है। खलिहान में ही ज्यादा मूल्य मिलने के चलते चिरईगांव में किसान क्रय केंद्र पर नहीं पहुंचे। चिरईगांव क्रय केंद्र की प्रभारी वंदना सिंह ने बताया कि किसानों की सुविधा को देखते हुए कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं था। क्रय केंद्र खुलने के समय ही तीन हजार बोरियां आई थीं जिनमें सभी भर नहीं सकीं।वहीं सकलडीहा में दो क्रय केंदों पर 3200 कुंतल गेंहू की खरीद हुई है जबकि चहनिया में 2285 कुंतल गेहूं की खरीद हो पाई है।
इस वर्ष 2057 किसानों के गेहूं की खरीद हुई है इसमें 1900 किसानों के गेहूं खरीद का भुगतान कर दिया गया है। शेष किसानों का भुगतान जल्द कर दिया जाएगा। अनूप श्रीवास्तव, जिला विपणन अधिकारी, चंदौली।
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शासन के निर्देशानुसार जिले में 57 सरकारी गेहूं क्रय केंद्र खोले गए थे। इन केंद्रों पर गेहूं की 83 हजार मिट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा गया था लेकिन खरीद बंद होने की तिथि तक मात्र नौ हजार मिट्रिक टन गेहूं की खरीदारी ही हो पाई है। प्रतिशत की बात की जाए तो विभाग लक्ष्य की तुलना में मात्र 11 प्रतिशत गेहूं की ही खरीदारी कर पाया है। आंकड़ों के अनुसार केवल 2057 किसानों ने अपना गेहूं क्रय केंद्रों पर बेचा है जबकि इनकी संख्या ढाई लाख के करीब है। इससे साबित होता है कि अधिकांश किसानों ने अपना गेहूं गांव में ही व्यापारियों के हाथों बेच दिया है। क्रय केंद्रों पर रजिस्ट्रेशन कराने व गेहूं बेचने वाले वाले 2057 किसानों में 1900 किसानों का भुगतान कर दिया गया है। क्रयकेंद्रों पर गेहूं बेचने में किसानों को परेशानियां भी उठानी पड़ी। व्यवस्था न होने के कारण कई किसानों के गेहूं बारिश के दौरान भीगकर बर्बाद हो गए। वहीं बोरे व कांटे की समस्या भी बनी रही। कई स्थानों से गेहूं में कटौती की शिकायत भी आई। इन्हीं सब कारणों से किसान क्रय केंद्रों तक नहीं पहुंचे। वहीं व्यापारी उनके गेहूं की खरीद खलिहानों से ही करने के साथ नगद भुगतान करते रहे जिससे किसानों ने उन्हें ही अपना गेहूं बेचा।
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कमालपुर। क्षेत्र के चार साधन सहकारी समितियों ढोढियां, बभनियांव, एवती व अवहीं में क्रय केंद्र खोले गए थे। इन केंद्रों पर काफी कम किसान पहुंचे जिससे केंद्र लक्ष्य से काफी पीछे रह गए। गेहूं क्रय के अंतिम दिन अवहीं समिति पर 130 व ढोढियां पर 707 कुंतल 50 किलो गेहूं की खरीद हो पाई है। केंद्र सचिव फतेह बहादुर सिंह ने बताया कि एक माह बाद केंद्र खुलने और देर से बोरा मिलने से खरीद लक्ष्य के सापेक्ष काफी कम हुई है। वहीं व्यापारियों से अच्छा रेट मिलने से भी किसान क्रय केंद्रों पर नहीं पहुंचे। वहीं बभनियांव स्थित साधन सहकारी समिति पर 850 व साधन सहकारी समिति अवहीं पर 18 सौ कुंतल गेहूं की खरीद हुई है। केंद्र प्रभारी नवीन सिंह ने बताया कि व्यापारी अच्छा मूल्य देकर किसानों के घर व खलिहान से ही गेहूं का उठान कर लेते थे। संवाद
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नियामताबाद। विकासखंड क्षेत्र में गेहूं खरीद के लिए सेमरा विपणन केंद्र में मात्र चाढे़ चार सौ कुंतल गेहूं की खरीद हुई है। केंद्र प्रभारी विवेक सहाय ने बताया कि इस बार गेहूं खरीद के लिए लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया था। बाजार में गेहूं 2100 सौ रुपये कुंतल के भाव से बिका जबकि सरकारी रेट 2015 रुपये कुंतल ही था। इससे काफी किसान केंद्र पर पहुंचे ही नहीं हालांकि जो पहुंचे उनके गेहूं की खरीद हुई है। अब तक साढ़े चार सौ कुंतल गेहूं खरीद केंद्र पर हुई है। दूसरा केंद्र नियामताबाद गांव में खोला जाना था जो अंतिम तिथि तक खुला ही नहीं। संवाद
कंदवा। क्षेत्र में चिरईगांव और अरंगी में पीसीयू के क्रय केंद्र खुले थे। चिरईगांव में आखिरी दिन तक मात्र आठ सौ व अरंगी में करीब ढाई हजार कुंतल गेहूं की खरीद की गई है। खलिहान में ही ज्यादा मूल्य मिलने के चलते चिरईगांव में किसान क्रय केंद्र पर नहीं पहुंचे। चिरईगांव क्रय केंद्र की प्रभारी वंदना सिंह ने बताया कि किसानों की सुविधा को देखते हुए कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं था। क्रय केंद्र खुलने के समय ही तीन हजार बोरियां आई थीं जिनमें सभी भर नहीं सकीं।वहीं सकलडीहा में दो क्रय केंदों पर 3200 कुंतल गेंहू की खरीद हुई है जबकि चहनिया में 2285 कुंतल गेहूं की खरीद हो पाई है।
इस वर्ष 2057 किसानों के गेहूं की खरीद हुई है इसमें 1900 किसानों के गेहूं खरीद का भुगतान कर दिया गया है। शेष किसानों का भुगतान जल्द कर दिया जाएगा। अनूप श्रीवास्तव, जिला विपणन अधिकारी, चंदौली।