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बिजली विभाग जला रहा तार, विषैला धुआं लोगों को कर रहा बीमार
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पीडीडीयू नगर। जिले में इन दिनों बिजली विभाग कटियामारी के खिलाफ अभियान चला रहा है। इसमें रोजाना दर्जनों लोग चोरी की बिजली जलाते हुए पकड़े जा रहे हैं। इन कटियामारों के चोरी के तारों के बंडल को विद्युतकर्मी उपकेंद्रों पर जला दे रहे हैं। इससे कार्बन-डाई-ऑक्साइड सहित अन्य विषैला धुआं निकलकर वातावरण में फैल रहा है। यह तब हो रहा है जब खुले में कूड़ा जलाने पर भी रोक लगा दी गई है। विभाग अब तक करीब पांच हजार मीटर तार जब्त कर जला चुका है। विभागीय अधिकारी इसे ऊपर से आया आदेश बताकर पल्ला झाड़ ले रहे हैं।
दरअसल बिजली विभाग की ओर से 15 जुलाई तक संपूर्ण समाधान दिवस अभियान चलाया गया था। इस दौरान चोरी की बिजली जलाने वालों के खिलाफ विभाग ने विशेष जांच अभियान चलाया था। इसके तहत चोरी की बिजली जला रहे लोगों के पकड़े जाने पर उनका कनेक्शन विच्छेद करने के साथ खंभे से लेकर घरों या प्रतिष्ठानों तक खींचे गए तांबे या अल्युमीनियम के केबल को जलाने का कार्य आरंभ किया गया है। विभागीय कर्मी केबल जब्त करने के बाद उसे उपकेंद्रों पर ले जाते हैं जहां उन्हें जला दिया जाता है। तारों के ऊपर लगा रबर मिश्रित अंश जलकर खतरनाक धुआं उत्पन्न करता है। इसका लोगों के स्वास्थ्य पर खराब असर पड़ रहा है। वहीं तारों के कवर जल जाने के बाद नीचे बचे तांबे या अल्युमीनियम का विभाग क्या कर रहा है, इसकी जानकारी नहीं मिल पा रही है। केबल जलाने से प्रदूषण फैल रहा है लेकिन विभाग को इसकी परवाह नहीं है। लोगों का कहना है कि विभाग यदि जब्त तारों की नीलामी करा दे तो इससे विभाग को अतिरिक्त आय तो होगी ही, प्रदूषण पर भी नियंत्रण लगेगा। बावजूद इसके विभागीय अधिकारी इसे ऊपर से आया आदेश बताकर ऐसा करने से इंकार कर दे रहे हैं।
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दरअसल बिजली विभाग की ओर से 15 जुलाई तक संपूर्ण समाधान दिवस अभियान चलाया गया था। इस दौरान चोरी की बिजली जलाने वालों के खिलाफ विभाग ने विशेष जांच अभियान चलाया था। इसके तहत चोरी की बिजली जला रहे लोगों के पकड़े जाने पर उनका कनेक्शन विच्छेद करने के साथ खंभे से लेकर घरों या प्रतिष्ठानों तक खींचे गए तांबे या अल्युमीनियम के केबल को जलाने का कार्य आरंभ किया गया है। विभागीय कर्मी केबल जब्त करने के बाद उसे उपकेंद्रों पर ले जाते हैं जहां उन्हें जला दिया जाता है। तारों के ऊपर लगा रबर मिश्रित अंश जलकर खतरनाक धुआं उत्पन्न करता है। इसका लोगों के स्वास्थ्य पर खराब असर पड़ रहा है। वहीं तारों के कवर जल जाने के बाद नीचे बचे तांबे या अल्युमीनियम का विभाग क्या कर रहा है, इसकी जानकारी नहीं मिल पा रही है। केबल जलाने से प्रदूषण फैल रहा है लेकिन विभाग को इसकी परवाह नहीं है। लोगों का कहना है कि विभाग यदि जब्त तारों की नीलामी करा दे तो इससे विभाग को अतिरिक्त आय तो होगी ही, प्रदूषण पर भी नियंत्रण लगेगा। बावजूद इसके विभागीय अधिकारी इसे ऊपर से आया आदेश बताकर ऐसा करने से इंकार कर दे रहे हैं।
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